देवरिया में ईएसएम यूआरसी खोलने की अंतिम मंजूरी, सांसद रमाशंकर राजभर की मांग पर रक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला

देवरिया में ईएसएम यूआरसी खोलने की अंतिम मंजूरी पर सांसद रमाशंकर राजभर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रिपोर्टर इरफान अली लारी की तस्वीर वाला समाचार फीचर

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इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया। पूर्वांचल के पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। सलेमपुर के समाजवादी पार्टी सांसद रमाशंकर राजभर की ओर से देवरिया में सीएसडी कैंटीन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर किए गए प्रयास के बाद रक्षा मंत्रालय की ओर से देवरिया में नई ईएसएम यूआरसी (Ex-Servicemen Canteen) खोलने को अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सांसद को पत्र के माध्यम से इस संबंध में जानकारी दी है।

रक्षा मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार देवरिया में पूर्व सैनिकों और उनके आश्रित परिवारों की लंबे समय से चली आ रही सुविधा संबंधी जरूरत को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद संबंधित मुख्यालय द्वारा देवरिया में ईएसएम यूआरसी खोलने के लिए पहले सैद्धांतिक अनुमोदन दिया गया और बाद में इसे अंतिम मंजूरी भी प्रदान कर दी गई।

यह निर्णय देवरिया सहित आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले पूर्व सैनिकों, सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों तथा उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब उन्हें सीएसडी से संबंधित आवश्यक वस्तुओं और सुविधाओं के लिए दूर-दराज के केंद्रों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।

सांसद रमाशंकर राजभर ने उठाई थी मांग

सलेमपुर के सपा सांसद रमाशंकर राजभर ने देवरिया में सीएसडी कैंटीन खोले जाने की आवश्यकता को प्रमुखता से उठाते हुए रक्षा मंत्री के समक्ष इस संबंध में मांग रखी थी। सांसद का कहना था कि देवरिया और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक तथा उनके परिवार रहते हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर सीएसडी कैंटीन की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

पूर्व सैनिकों के लिए सीएसडी कैंटीन केवल खरीदारी का केंद्र नहीं होती, बल्कि यह उनके लिए सैन्य सेवा से जुड़े कल्याणकारी तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। सेवानिवृत्ति के बाद भी सैन्यकर्मियों और उनके परिवारों को मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं के संदर्भ में कैंटीन व्यवस्था की अपनी विशेष भूमिका है। ऐसे में देवरिया में ईएसएम यूआरसी को मंजूरी मिलने से क्षेत्र के पूर्व सैनिक समुदाय को स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

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रक्षा मंत्री ने पत्र भेजकर दी जानकारी

सांसद रमाशंकर राजभर की मांग पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से सांसद को पत्र भेजकर पूरे मामले की प्रगति की जानकारी दी गई। पत्र में पूर्वांचल पूर्व सैनिक संस्था, देवरिया के अध्यक्ष के. डी. सिंह की ओर से दिए गए अभ्यावेदन का भी उल्लेख किया गया है।

रक्षा मंत्री के पत्र के अनुसार, सांसद द्वारा 4 फरवरी 2025 को भेजे गए पत्र तथा उसके साथ संलग्न अभ्यावेदन के आधार पर देवरिया में सीएसडी कैंटीन खोलने के संबंध में मामले की जांच कराई गई। संबंधित स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने के बाद देवरिया में ईएसएम यूआरसी स्थापित करने के लिए आवश्यक अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी की गई।

पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संबंधित मुख्यालय ने देवरिया में ईएसएम यूआरसी खोलने के लिए 5 जून 2025 को सैद्धांतिक अनुमोदन प्रदान कर दिया था। इसके बाद आवश्यक औपचारिकताओं और प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए 16 मार्च 2026 को नई ईएसएम यूआरसी खोलने की अंतिम स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई।

पूर्व सैनिकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला

देवरिया में ईएसएम यूआरसी की स्थापना की मंजूरी को पूर्व सैनिकों के लिए एक अहम सुविधा के रूप में देखा जा रहा है। सैन्य सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद पूर्व सैनिकों को अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन में लौटना पड़ता है, लेकिन उनके लिए उपलब्ध सैन्य कल्याणकारी सुविधाओं का महत्व बना रहता है।

सीएसडी व्यवस्था के माध्यम से पात्र पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को निर्धारित नियमों के तहत विभिन्न आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध होती हैं। स्थानीय स्तर पर यूआरसी की सुविधा उपलब्ध होने से पात्र लाभार्थियों को खरीदारी के लिए दूसरे शहरों या दूरस्थ स्थानों की यात्रा करने की आवश्यकता कम हो सकती है।

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विशेष रूप से बुजुर्ग पूर्व सैनिकों के लिए यह सुविधा अधिक उपयोगी साबित हो सकती है। लंबी दूरी की यात्रा, समय और परिवहन खर्च जैसी समस्याओं से राहत मिलने की संभावना है। देवरिया में ईएसएम यूआरसी की अंतिम स्वीकृति ऐसे परिवारों के लिए सुविधा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पूर्वांचल पूर्व सैनिक संस्था ने भी उठाया था मुद्दा

देवरिया में सीएसडी कैंटीन की मांग को लेकर पूर्वांचल पूर्व सैनिक संस्था की ओर से भी लगातार प्रयास किए जाते रहे हैं। संस्था के अध्यक्ष के. डी. सिंह की ओर से प्रस्तुत अभ्यावेदन को रक्षा मंत्रालय तक पहुंचाया गया। इसी अभ्यावेदन को सांसद रमाशंकर राजभर के पत्र के साथ संलग्न किए जाने का उल्लेख रक्षा मंत्री के जवाब में किया गया है।

इससे स्पष्ट है कि देवरिया में ईएसएम यूआरसी की मांग केवल राजनीतिक स्तर पर उठाया गया मुद्दा नहीं था, बल्कि स्थानीय पूर्व सैनिक संगठनों की ओर से भी इसे आवश्यकता के रूप में सामने रखा गया था। सांसद द्वारा इस विषय को रक्षा मंत्रालय के समक्ष उठाए जाने के बाद सरकारी स्तर पर इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ी।

2025 से 2026 तक पूरी हुई मंजूरी की प्रक्रिया

देवरिया ईएसएम यूआरसी की मंजूरी की प्रक्रिया को देखा जाए तो इसमें कई चरण शामिल रहे। सांसद रमाशंकर राजभर ने 4 फरवरी 2025 को रक्षा मंत्री के समक्ष मांग रखी। इसके बाद संबंधित अभ्यावेदन और मामले की जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ी।

अगले चरण में संबंधित मुख्यालय ने 5 जून 2025 को देवरिया में ईएसएम यूआरसी खोलने के लिए सैद्धांतिक अनुमोदन प्रदान किया। इसके बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने पर 16 मार्च 2026 को अंतिम स्वीकृति जारी कर दी गई।

इस तरह करीब एक वर्ष से अधिक समय तक चली प्रक्रिया के बाद अब देवरिया में नई ईएसएम यूआरसी खोलने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, कैंटीन के वास्तविक संचालन की तारीख, स्थान और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़ी जानकारी संबंधित विभाग द्वारा आगे जारी की जानी बाकी हो सकती है।

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सांसद के प्रयास को पूर्व सैनिकों के लिए राहत से जोड़कर देखा जा रहा

सांसद रमाशंकर राजभर के मीडिया प्रभारी मंजूर आलम ने रक्षा मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी साझा करते हुए बताया कि देवरिया में नई ईएसएम यूआरसी खोलने की अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। उन्होंने इसे क्षेत्र के पूर्व सैनिकों के हित में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

देवरिया में सीएसडी कैंटीन की मांग लंबे समय से स्थानीय पूर्व सैनिकों की सुविधा से जुड़ा विषय रही है। अब अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद पूर्व सैनिक समुदाय की नजर इसके संचालन और जमीनी स्तर पर सुविधा शुरू होने पर रहेगी।

अब अगला इंतजार संचालन शुरू होने का

रक्षा मंत्रालय से अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद देवरिया में ईएसएम यूआरसी स्थापित किए जाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशासनिक बाधा दूर हो गई है। अब पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को इसके वास्तविक संचालन की प्रतीक्षा रहेगी।

स्थानीय स्तर पर कैंटीन शुरू होने से देवरिया और आसपास के क्षेत्रों के पात्र पूर्व सैनिकों को सीएसडी सुविधा के लिए अपेक्षाकृत नजदीकी केंद्र उपलब्ध हो सकेगा। इससे समय और यात्रा दोनों की बचत होने की संभावना है।

कुल मिलाकर देवरिया में ईएसएम यूआरसी खोलने को मिली अंतिम मंजूरी पूर्व सैनिकों के लिए सुविधा विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सलेमपुर सांसद रमाशंकर राजभर द्वारा उठाई गई मांग, पूर्वांचल पूर्व सैनिक संस्था के अभ्यावेदन और रक्षा मंत्रालय की प्रक्रिया के बाद यह निर्णय सामने आया है। अब देखना होगा कि स्वीकृति के बाद संबंधित विभाग कैंटीन के स्थान, निर्माण अथवा संचालन और अन्य व्यवस्थाओं को किस समय तक अंतिम रूप देता है।

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Author: यायावर

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