दहेज में 42 लाख की कार की मांग का आरोप, जीएसटी इंस्पेक्टर पति समेत पांच पर मुकदमा

बांदा में दहेज उत्पीड़न मामले की सांकेतिक तस्वीर, 42 लाख रुपये की कार मांगने का आरोप और जीएसटी इंस्पेक्टर पति समेत पांच पर मुकदमा

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रिपोर्ट: संजय सिंह राणा

बांदा। शादी में लाखों रुपये खर्च करने और दहेज में नकदी, आभूषण, वाहन व घरेलू सामान देने के बावजूद एक विवाहिता को कथित तौर पर ससुराल में दहेज उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। आरोप है कि विवाह के कुछ ही समय बाद ससुराल पक्ष ने 42 लाख रुपये कीमत की कार की मांग शुरू कर दी। मांग पूरी नहीं होने पर विवाहिता के साथ मारपीट, अभद्रता और प्रताड़ना की गई। मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब महिला ने अपने पति पर गुजरात के बड़ोदरा में गला दबाकर जान से मारने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

पीड़िता की शिकायत के आधार पर बांदा महिला थाने में उसके पति, जो बड़ोदरा में जीएसटी इंस्पेक्टर के पद पर तैनात बताए गए हैं, समेत ससुराल के पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। फिलहाल सामने आए आरोपों की जांच पुलिस स्तर पर की जा रही है और आरोपों की पुष्टि विवेचना के बाद ही हो सकेगी।

शादी में लाखों रुपये खर्च करने का दावा

शिकायत में बांदा निवासी आस्था पुत्री विजय कुमार सिंह चंदेल ने बताया है कि उसका विवाह 25 फरवरी को आगरा निवासी हिमांशु सिंह चौहान के साथ राजस्थान के भरतपुर स्थित द ग्रैंड बरसो रिजॉर्ट में हुआ था। परिवार की ओर से शादी को भव्य तरीके से संपन्न कराने के लिए बड़ी रकम खर्च की गई। पीड़िता के मुताबिक विवाह समारोह में ही करीब 14.70 लाख रुपये खर्च हुए।

शिकायत के अनुसार, विवाह के दौरान पिता की ओर से करीब 51 लाख रुपये नकद दहेज दिया गया। इसके अलावा ससुराल पक्ष के खातों में आरटीजीएस के माध्यम से भी रकम भेजे जाने का उल्लेख किया गया है। चार पहिया वाहन के लिए करीब 20 लाख रुपये और अन्य सामान के लिए पांच लाख रुपये दिए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।

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विवाह से पहले होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में भी परिवार ने काफी खर्च किया। वरीक्षा कार्यक्रम में नकदी के साथ चांदी के सिक्के और कपड़े दिए गए। वहीं ओली-एंगेजमेंट के दौरान 5.51 लाख रुपये नकद, सोने की चेन, डायमंड अंगूठी तथा अन्य सामान दिए जाने का दावा किया गया है। होटल और सजावट पर भी करीब 9.60 लाख रुपये खर्च होने की बात शिकायत में दर्ज है।

20 लाख की गाड़ी के बाद 42 लाख की कार की मांग का आरोप

पीड़िता का आरोप है कि शादी के दौरान और उसके बाद ससुराल पक्ष की ओर से कार को लेकर दबाव बनाया जाने लगा। शिकायत में कहा गया है कि पहले करीब 20 लाख रुपये की गाड़ी के लिए रकम दी गई थी, लेकिन बाद में ससुराल वालों ने करीब 42 लाख रुपये कीमत की कार की मांग शुरू कर दी।

आरोप है कि विवाह के दिन भी कार की मांग को लेकर विवाद की स्थिति पैदा हो गई। मांग पूरी नहीं होने पर सास साधना सिंह, ससुर जशवन्त सिंह चौहान, देवर शुभम सिंह और नानी सुशीला सिंह ने कथित तौर पर विदाई कराने से इनकार कर दिया। मामला बिगड़ता देख रिश्तेदारों और मध्यस्थों ने हस्तक्षेप किया। उनके समझाने-बुझाने के बाद किसी तरह विवाहिता की विदाई कराई गई।

पीड़िता के अनुसार, ससुराल पहुंचने के बाद भी विवाद खत्म नहीं हुआ। आरोप है कि पति ने सास के कथित उकसावे पर उसके साथ मारपीट की और उसे अपमानित किया। विवाह के महज कुछ समय बाद ही परिस्थितियां ऐसी हो गईं कि महिला को अपने वैवाहिक जीवन को लेकर मायके वालों से शिकायत करनी पड़ी।

बड़ोदरा पहुंचने के बाद बढ़ी परेशानी

शिकायत में विवाहिता ने बताया कि कुछ समय बाद वह मायके से दोबारा ससुराल गई। इसके बाद उसका पति उसे गुजरात के बड़ोदरा ले गया, जहां वह जीएसटी इंस्पेक्टर के पद पर तैनात बताया गया है। पीड़िता का आरोप है कि बड़ोदरा पहुंचने के बाद भी दहेज की मांग को लेकर उसके साथ मारपीट की गई।

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महिला ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कथित विवाद के दौरान उसका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की गई। उसका यह भी आरोप है कि घटना के बाद उसे ही किसी झूठे मामले में फंसाने का प्रयास किया गया और पुलिस के हवाले कर दिया गया।

जब घटना की जानकारी उसके पिता को मिली तो वह बड़ोदरा पहुंचे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वहां उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। इसके बाद विवाहिता को कथित तौर पर घर से निकाल दिया गया और वह वापस बांदा लौट आई।

दूसरे महिला से संबंध की बात उठाने पर धमकी का आरोप

मामले में विवाहिता ने अपने पति के संबंध में एक अन्य महिला का भी जिक्र किया है। शिकायत के मुताबिक, जब उसने इस संबंध को लेकर सवाल उठाया और मामले को सामने रखने की बात कही तो उसे कथित तौर पर धमकी दी गई।

पीड़िता का आरोप है कि पति ने उसे धमकाते हुए आत्महत्या करने और इसके लिए पत्नी, उसके पिता तथा भाई को जिम्मेदार ठहराकर फंसाने की बात कही। इस आरोप को भी पुलिस ने दर्ज शिकायत के आधार पर विवेचना में शामिल किया है।

हालांकि, किसी भी पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही होगी। पुलिस द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों, बयानों और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

शिकायत के बाद एसपी से लगाई थी गुहार

बांदा वापस आने के बाद विवाहिता ने महिला थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। पीड़िता का कहना है कि प्रारंभिक स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर उसने पुलिस अधीक्षक से भी शिकायत की। इसके बाद एसपी के निर्देश पर मामले में मुकदमा दर्ज किया गया।

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महिला थाने की प्रभारी मोनी निषाद के मुताबिक, पीड़िता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की विवेचना की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

शादी के कुछ ही समय बाद सामने आया विवाद

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि विवाह के बाद कथित दहेज मांग को लेकर विवाद इतनी जल्दी सामने आया। पीड़िता के परिवार ने शादी और उससे जुड़े कार्यक्रमों में बड़ी रकम खर्च करने तथा नकदी, आभूषण, वाहन और अन्य सामान देने का दावा किया है। इसके बावजूद 42 लाख रुपये की कार की मांग किए जाने का आरोप लगाया गया है।

विवाहिता की शिकायत में मारपीट, दहेज की मांग, जान से मारने की कथित कोशिश, धमकी और घर से निकालने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। दूसरी ओर, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही सामने आएगा।

फिलहाल बांदा महिला थाने में जीएसटी इंस्पेक्टर पति हिमांशु सिंह चौहान समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है। पुलिस विवेचना के दौरान शिकायत में लगाए गए प्रत्येक आरोप की जांच करेगी। मामला दहेज की कथित मांग से शुरू होकर बड़ोदरा में हुई घटनाओं और उसके बाद बांदा में दर्ज मुकदमे तक पहुंचा है। अब पुलिस जांच से यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में कौन-कौन से साक्ष्य सामने आते हैं और मामले में आगे किस प्रकार की कानूनी कार्रवाई होती है।

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