सत्संग की छांव में उमड़ा आस्था का सैलाब, राम कथा में गूंजा भक्ति और वैराग्य का संदेश

लार नगर पंचायत में आयोजित श्री राम कथा में प्रवचन देते पंडित राधेश्याम शास्त्री और रिपोर्टर इरफान अली लारी की फीचर इमेज

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इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया जनपद के लार नगर पंचायत स्थित चनुकी मोड़ पर बने श्री राम मंदिर प्रांगण में चल रही नव दिवसीय संगीतमय श्री राम कथा इन दिनों पूरे क्षेत्र में आस्था और श्रद्धा का केंद्र बनी हुई है। कथा के दूसरे दिन शुक्रवार की शाम श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया। हर तरफ जय श्रीराम के उद्घोष, भक्ति गीतों और मंत्रोच्चार की ध्वनि से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा।

अयोध्या धाम से पधारे सुप्रसिद्ध कथा व्यास पंडित राधेश्याम शास्त्री ‘भाई जी’ ने व्यासपीठ से कथा का रसपान कराते हुए भक्तों को धर्म, भक्ति और मानव जीवन के मूल तत्वों का गूढ़ संदेश दिया। उन्होंने अपने ओजस्वी प्रवचनों के माध्यम से लोगों को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर प्रभु भक्ति की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा दी। कथा के दौरान श्रद्धालु देर रात तक मंत्रमुग्ध होकर कथा श्रवण करते रहे।

“इस संसार में कोई स्थायी नहीं”

कथा के दौरान पंडित राधेश्याम शास्त्री ने मानव जीवन की नश्वरता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस पृथ्वी पर जो भी आया है, उसे एक न एक दिन यहां से जाना ही है। संसार में कोई भी स्थायी नहीं है। मनुष्य जितना अधिक सांसारिक प्रपंचों और अहंकार में उलझता है, उतना ही वह अपने वास्तविक उद्देश्य से दूर होता चला जाता है।

उन्होंने कहा कि आज का मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं की दौड़ में इतना व्यस्त हो चुका है कि उसे अपने जीवन के वास्तविक लक्ष्य का स्मरण ही नहीं रह गया। जबकि यह मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसका उपयोग प्रभु भक्ति, सत्कर्म और लोककल्याण के लिए होना चाहिए।

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कथा व्यास ने भावुक स्वर में कहा कि धन, वैभव, पद और प्रतिष्ठा सब यहीं छूट जाते हैं, साथ जाता है तो केवल मनुष्य का कर्म और उसका भजन। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में ईश्वर स्मरण को प्राथमिकता देनी चाहिए।

सत्संग से निर्मल होता है मन

अपने प्रवचन में पंडित राधेश्याम शास्त्री ने सत्संग की महिमा का भी विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सत्संग मनुष्य के जीवन को बदलने की शक्ति रखता है। सत्संग के माध्यम से ही व्यक्ति के भीतर सद्विचारों का जन्म होता है और उसका अंतःकरण शुद्ध होने लगता है।

उन्होंने कहा कि जिस मनुष्य का मन शुद्ध और सात्विक होता है, वही सही अर्थों में भक्ति का आनंद प्राप्त कर सकता है। केवल बाहरी दिखावे से भजन सफल नहीं होता। जब तक मन पूरी तरह प्रभु चरणों में समर्पित न हो जाए, तब तक भक्ति पूर्ण फल नहीं देती।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में समाज में बढ़ती अशांति, तनाव और नैतिक पतन का सबसे बड़ा कारण सत्संग और आध्यात्मिक चिंतन से दूरी बनना है। यदि लोग नियमित रूप से सत्संग और धार्मिक आयोजनों से जुड़ें तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन स्वतः दिखाई देने लगेगा।

कथा स्थल पर दिखी भक्ति और उत्साह की अद्भुत छटा

राम कथा के दूसरे दिन मंदिर परिसर में भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में कथा स्थल पर पहुंचे। पूरा परिसर फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था, जिससे वातावरण और अधिक आकर्षक दिखाई दे रहा था।

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भक्तजन कथा के साथ-साथ भजन-कीर्तन में भी झूमते नजर आए। कथा के दौरान कई बार पूरा परिसर “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के बैठने और पेयजल आदि की भी समुचित व्यवस्था की गई थी।

श्रद्धालुओं ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत होती है और लोगों को जीवन जीने की सही दिशा मिलती है। कई श्रद्धालुओं ने कथा व्यास के प्रवचनों को अत्यंत प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि उनके शब्द सीधे हृदय को स्पर्श कर रहे थे।

क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी राम कथा

नगर पंचायत लार में आयोजित यह नव दिवसीय श्री राम कथा अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन चुकी है। आसपास के गांवों और कस्बों से भी बड़ी संख्या में लोग कथा सुनने पहुंच रहे हैं। आयोजकों के अनुसार आगामी दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है।

कथा के दौरान धार्मिक अनुशासन और भक्ति भाव का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। आयोजन समिति के सदस्य श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगातार सक्रिय नजर आए। कथा स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी विशेष प्रबंध किए गए हैं।

बड़ी संख्या में मौजूद रहे श्रद्धालु

इस अवसर पर रामजीवन तिवारी, कृष्णावती देवी, प्रतिभा तिवारी, घनश्याम तिवारी बबलू, सरिता तिवारी, अभिराम तिवारी प्रिंस, रजनी तिवारी, अदिति तिवारी, आदित्य तिवारी, प्रमिला मिश्रा, रानी मिश्रा, अनंत राजबीर, शान्वी सुशीला, आयुष तिवारी, मनीष द्विवेदी, शानू तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के जयकारों के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से आगामी दिनों में भी कथा श्रवण के लिए अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की।

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Author: यायावर

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