इरफान अली लारी की रिपोर्ट
भाटपार रानी, देवरिया। भाटपार रानी उपनगर के सुप्रसिद्ध श्रीराम जानकी मंदिर परिसर में भगवान श्रीकृष्ण के छठियार का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में मनाया गया। श्रीराम जानकी ट्रस्ट एवं मंदिर समिति के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने आयोजित भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। पूरे मंदिर परिसर में दिनभर भक्तिमय वातावरण बना रहा और देर तक श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रही।
छठियार समारोह में मंदिर परिसर बना आस्था का केंद्र
भाटपार रानी का श्रीराम जानकी मंदिर क्षेत्र के प्राचीन और प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। यहां जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के बाद छठवें दिन छठियार का आयोजन करने की परंपरा रही है। इसी परंपरा के तहत इस वर्ष भी श्रीकृष्ण छठियार कार्यक्रम को श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ा, मंदिर परिसर में भक्तों की संख्या बढ़ती गई।
मंदिर के पुजारी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर छप्पन भोग अर्पित किया गया। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। भक्तों ने ठाकुर जी के समक्ष अपनी श्रद्धा निवेदित की और परिवार की सुख-समृद्धि तथा क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। धार्मिक अनुष्ठान के बाद आयोजित भंडारे में बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
रोशनी से जगमगाया श्रीराम जानकी मंदिर परिसर
श्रीकृष्ण छठियार के अवसर पर श्रीराम जानकी मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। मंदिर परिसर में की गई विद्युत सजावट से पूरा परिसर रोशनी से जगमगा रहा था। मंदिर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक वातावरण को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। भजन, पूजा और दर्शन के बीच श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
आयोजकों की ओर से भंडारे की व्यवस्था भी व्यापक स्तर पर की गई थी। श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से प्रसाद वितरित किया गया। मंदिर समिति से जुड़े लोगों और स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम को सुचारु रूप से संचालित करने में सहयोग किया। धार्मिक आयोजन में स्थानीय लोगों की भागीदारी ने इसे सामुदायिक उत्सव का स्वरूप प्रदान किया।
राघवेंद्र वीर विक्रम सिंह ने मंदिर को बताया आस्था का प्रमुख केंद्र
कार्यक्रम के दौरान मदन मोहन मालवीय शिक्षा संस्थान के प्रबंधक एवं भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष राघवेंद्र वीर विक्रम सिंह ने श्रीराम जानकी मंदिर को क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि मंदिर से लोगों की धार्मिक आस्था लंबे समय से जुड़ी हुई है और यहां भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव तथा छठियार हर वर्ष श्रद्धा और भव्यता के साथ आयोजित किया जाता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज के लोगों को एक साथ आने और अपनी सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने मंदिर समिति द्वारा किए गए आयोजन की सराहना करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए पदाधिकारियों और सहयोगियों को धन्यवाद दिया।
राघवेंद्र वीर विक्रम सिंह ने मंदिर समिति के प्रबंधक रामदरश गुप्ता, उप प्रबंधक डॉ. प्रमोद बरनवाल, अध्यक्ष संजय जायसवाल, उपाध्यक्ष पवन कुमार गुप्ता, मंत्री राजेश गुप्ता और कोषाध्यक्ष हनुमान जायसवाल सहित समिति से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार जताया।
धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग हुए शामिल
भगवान श्रीकृष्ण के छठियार कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता और श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम में डॉ. अखिलेश चंद मिश्रा, भाजपा मंडल अध्यक्ष विशंभर पांडे, पूर्व मंडल अध्यक्ष राजेंद्र जायसवाल, डॉ. के.के. मिश्रा, अजय बरनवाल, सतीश बरनवाल, जितेंद्र गुप्ता, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि जितेंद्र जायसवाल, जिला उपाध्यक्ष व्यापार मंडल एवं नामित भाजपा सभासद आशुतोष गुप्ता, गिरिजेश गुप्ता, ओम मेडिकल के विकास बरनवाल, पी.के. गुप्ता, सर देवेश गुप्ता, जिला संगठन मंत्री प्रमोद गुप्ता और संतोष बरनवाल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
इसके अलावा विजय कुमार मद्धेशिया, व्यापार मंडल अध्यक्ष जयप्रकाश बरनवाल, मनोज वर्मा, अनिल मद्धेशिया, अरविंद गुप्ता, राकेश कुशवाहा, राजेश गुप्ता, आर.के. हैंडलूम के मनीष गुप्ता, अमित वर्मा, सुनील पांडे, विनय मद्धेशिया, सुशील जायसवाल, सुशील मौर्य, अमरेंद्र मौर्य, राजेश वर्मा, राजन गुप्ता, पप्पू मद्धेशिया, विनोद चौरसिया, विनोद गुप्ता, आदित्य वर्मा, अनिकेत बरनवाल, सार्थक बरनवाल, शुभम कुमार गुप्ता, सागर गुप्ता, नकुल गुप्ता, दीनदयाल, अजीत गुप्ता और नमन बरनवाल सहित सैकड़ों श्रद्धालु कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं और सहयोगियों का जताया आभार
कार्यक्रम के समापन के बाद श्रीराम जानकी मंदिर समिति ने भगवान श्रीकृष्ण के छठियार समारोह में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। समिति ने कहा कि श्रद्धालुओं की सहभागिता और सहयोग से धार्मिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। भंडारे में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति भी समिति की ओर से धन्यवाद प्रकट किया गया।
मंदिर समिति के पदाधिकारियों के अनुसार धार्मिक परंपराओं को निरंतर आगे बढ़ाने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष इस प्रकार के आयोजन किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों में क्षेत्र के लोगों की सहभागिता यह दर्शाती है कि स्थानीय स्तर पर धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति लोगों की आस्था आज भी मजबूत है।
प्राचीन शिव मंदिर में भी मनाया गया भगवान श्रीकृष्ण का छठियार
भाटपार रानी नगर में केवल श्रीराम जानकी मंदिर ही नहीं, बल्कि अन्य धार्मिक स्थलों पर भी भगवान श्रीकृष्ण के छठियार का आयोजन किया गया। नगर के प्राचीन शिव मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का छठियार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। यहां भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भगवान के दर्शन कर भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
धार्मिक आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में भक्तों की चहल-पहल बनी रही। लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए पूजा-अर्चना की और धार्मिक कार्यक्रम में सहभागिता की।
रानी पोखरा पर भी हुआ भजन-कीर्तन और भंडारा
भाटपार रानी के सुप्रसिद्ध रानी पोखरा पर भी भगवान श्रीकृष्ण का छठियार धूमधाम से मनाया गया। सीए अजय बरनवाल के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में भजन-कीर्तन और भंडारे की व्यवस्था की गई। धार्मिक संगीत और भक्ति कार्यक्रम के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की तथा भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के बाद प्रसाद ग्रहण किया।
इस प्रकार भाटपार रानी में भगवान श्रीकृष्ण के छठियार के अवसर पर श्रीराम जानकी मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर और रानी पोखरा सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर श्रद्धा और भक्ति का वातावरण देखने को मिला। जन्माष्टमी के बाद आयोजित इन धार्मिक कार्यक्रमों ने नगर को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी और भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने का सिलसिला देर तक चलता रहा।

























