देवरिया

देवरिया में डीएम का औचक निरीक्षण: विकास खंड कार्यालय से नदारद मिले कर्मचारी, लापरवाही पर कारण बताओ नोटिस और वेतन रोकने की चेतावनी

सुबह 10 बजे रामपुर कारखाना ब्लॉक पहुंचे जिलाधिकारी, कार्यालय व्यवस्था, जनसुनवाई और विकास योजनाओं की समीक्षा में सामने आई कई खामियां

रिपोर्ट: इरफान अली लारी

देवरिया। जिले में सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी लगातार औचक निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार सुबह करीब 10 बजे उन्होंने रामपुर कारखाना विकास खंड कार्यालय का अचानक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित मिले, जिससे जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वेतन रोकने जैसी सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।

कार्यालय पहुंचते ही मिली लापरवाही

जिलाधिकारी जब निर्धारित समय पर विकास खंड कार्यालय पहुंचे तो वहां कई जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी अपनी सीटों पर मौजूद नहीं मिले। सरकारी कार्यालय में समय से उपस्थिति सुनिश्चित न होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी सेवाओं का उद्देश्य आम जनता को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यदि कर्मचारी और अधिकारी ही समय पर कार्यालय नहीं पहुंचेंगे तो आम लोगों की समस्याओं का समाधान कैसे होगा।

उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को समयपालन को अपनी कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाना होगा। शासन की मंशा के अनुरूप कार्यालयों में अनुशासन और जवाबदेही हर हाल में सुनिश्चित की जाएगी।

पंचायत सचिव की अनुपस्थिति पर जताई नाराजगी

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पंचायत सचिव की उपस्थिति के बारे में जानकारी ली। दूरभाष पर संपर्क करने पर पंचायत सचिव ने स्वयं को फील्ड में होने की बात कही। हालांकि जांच में यह सामने आया कि उन्होंने अपने फील्ड भ्रमण की कोई पूर्व सूचना एडीओ पंचायत को नहीं दी थी।

जिलाधिकारी ने इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए कहा कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बिना निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए कार्यालय से बाहर नहीं रहना चाहिए। फील्ड भ्रमण की जानकारी संबंधित वरिष्ठ अधिकारी को देना अनिवार्य है, ताकि कार्यों की निगरानी और जवाबदेही बनी रहे।

एनआरएलएम की प्रगति रिपोर्ट नहीं बता सके अधिकारी

निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के कार्यों की समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से मिशन के तहत संचालित योजनाओं और प्रगति रिपोर्ट की जानकारी मांगी, लेकिन अधिकारी संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित अधिकारियों को पूरी जानकारी होनी चाहिए। योजनाओं की प्रगति से अनभिज्ञ रहना प्रशासनिक लापरवाही का स्पष्ट संकेत है।

मनरेगा कार्यों की समीक्षा में भी मिली कमी

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों की जानकारी लेने पर भी कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर उपलब्ध नहीं मिला। इससे जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने और विकास कार्यों को गति देने का प्रमुख माध्यम है।

उन्होंने निर्देश दिए कि योजना से जुड़े अधिकारी नियमित रूप से कार्यों की निगरानी करें और किसी भी समय समीक्षा के लिए आवश्यक अभिलेख एवं जानकारी उपलब्ध रखें।

अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस

निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जिलाधिकारी ने तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित कर्मचारियों से जवाब तलब किया जाएगा और यदि उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो नियमानुसार वेतन रोकने सहित अन्य विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी सेवा में अनुशासनहीनता और कार्य के प्रति उदासीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक कर्मचारी को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा।

जनसुनवाई को लेकर दिए सख्त निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से जनसुनवाई करें और लोगों की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता न निभाई जाए, बल्कि प्रत्येक प्रकरण का निष्पक्ष और प्रभावी समाधान किया जाए ताकि लोगों का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो।

समयपालन और जवाबदेही पर दिया विशेष जोर

जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचें और अपनी जिम्मेदारियों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करें। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुपस्थिति या कार्य में शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रशासनिक व्यवस्था सुधारने की दिशा में लगातार कार्रवाई

जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी लगातार विभिन्न सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। इन निरीक्षणों का उद्देश्य केवल अनियमितताओं की पहचान करना नहीं, बल्कि कार्यालयों में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की संस्कृति विकसित करना भी है।

प्रशासन का मानना है कि अधिकारी और कर्मचारी समय पर कार्यालय में उपस्थित रहकर जनहित से जुड़े कार्यों का ईमानदारी से निर्वहन करेंगे तो सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से आम जनता तक पहुंच सकेगा। इसी उद्देश्य से भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहने की संभावना है।

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