कमलेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के पेपर मिल कॉलोनी क्षेत्र से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस विभाग में तैनात एक हेड कॉन्स्टेबल पर अपनी पत्नी की निर्मम हत्या करने का आरोप लगा है। आरोप है कि उसने लोहे के मूसल से पत्नी के सिर पर कई वार कर उसकी जान ले ली और इसके बाद घंटों तक ऐसा व्यवहार करता रहा मानो कुछ हुआ ही न हो। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि पत्नी का शव घर के भीतर पड़ा रहा और आरोपी अपने एक वर्षीय बेटे को गोद में लेकर कॉलोनी में घूमता रहा, लोगों से बातचीत करता रहा तथा सामान्य जीवन का प्रदर्शन करता रहा।
पुलिस ने मृतका के परिजनों की शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।
किराए के मकान में हुई दिल दहला देने वाली वारदात
जानकारी के अनुसार पेपर मिल कॉलोनी में स्थित एक मकान में हेड कॉन्स्टेबल हिमांशु श्रीवास्तव अपनी पत्नी रश्मि श्रीवास्तव और छोटे बेटे के साथ किराए पर रहता था। हिमांशु पुलिस विभाग के सूचना अधिकार प्रकोष्ठ में तैनात बताया जा रहा है।
रविवार को जब मकान मालिक को रश्मि की मौत की जानकारी मिली तो उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घर के अंदर रश्मि का शव औंधे मुंह पड़ा हुआ पाया। शव के आसपास काफी मात्रा में खून फैला हुआ था। प्रथम दृष्टया ही यह स्पष्ट हो गया कि महिला की मौत किसी सामान्य परिस्थिति में नहीं हुई है।
पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। शुरुआती जांच में पता चला कि महिला के सिर पर किसी भारी वस्तु से कई बार प्रहार किया गया था।
लोहे के मूसल से किए गए घातक वार
पुलिस अधिकारियों के अनुसार रश्मि की हत्या लोहे के मूसल से की गई। सिर पर किए गए वार इतने गंभीर थे कि घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। कमरे में मौजूद रक्त के निशान और अन्य परिस्थितियों को देखकर जांचकर्ताओं ने अनुमान लगाया कि हत्या शनिवार देर रात अथवा रविवार तड़के की गई होगी।
डीसीपी विक्रांत वीर के अनुसार घटनास्थल पर जमा खून और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्य यह संकेत देते हैं कि हत्या होने और पुलिस को सूचना मिलने के बीच कई घंटे का अंतर रहा। इसी दौरान आरोपी अपने बच्चे को साथ लेकर बाहर घूमता रहा।
पत्नी की मौत के बाद भी सामान्य व्यवहार करता रहा आरोपी
इस घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू आरोपी का व्यवहार माना जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि पत्नी की हत्या के बाद हिमांशु अपने एक वर्षीय बेटे तन्मय को गोद में लेकर कॉलोनी में घूमता रहा। उसने आसपास के लोगों से बातचीत भी की और किसी को इस बात का अंदाजा नहीं होने दिया कि उसके घर के भीतर एक जघन्य अपराध हो चुका है।
सीसीटीवी फुटेज की जांच में भी आरोपी को कॉलोनी में सामान्य रूप से घूमते हुए देखा गया है। पुलिस का मानना है कि वह जानबूझकर ऐसा व्यवहार कर रहा था ताकि किसी को उस पर शक न हो और बाद में घटना को दुर्घटना या प्राकृतिक मौत की तरह प्रस्तुत किया जा सके।
कॉलोनी के कई लोगों ने भी पुलिस को बताया कि रविवार सुबह आरोपी सामान्य दिखाई दे रहा था। किसी ने यह नहीं सोचा था कि उसके घर में इतनी बड़ी घटना घट चुकी है।
परिजनों को दी गई थी तबीयत खराब होने की सूचना
मृतका के भाई सौरभ श्रीवास्तव ने पुलिस को बताया कि रविवार सुबह हिमांशु ने परिवार के कुछ सदस्यों को फोन कर रश्मि की तबीयत खराब होने की जानकारी दी थी। इसके बाद परिवार के लोगों ने रश्मि से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उसका फोन नहीं उठा।
कुछ समय बाद हिमांशु ने भी फोन उठाना बंद कर दिया। इससे परिवार के लोगों को चिंता हुई और वे लखनऊ स्थित उसके घर की ओर रवाना हो गए। रास्ते में उन्हें पुलिस का भी फोन आया और तत्काल घटनास्थल पहुंचने को कहा गया।
जब सौरभ घर पहुंचे तो उन्होंने अपनी बहन का शव देखा। वहीं हिमांशु बच्चे को गोद में लेकर मौजूद था। इस दृश्य ने परिजनों को पूरी तरह स्तब्ध कर दिया।
भाई की तहरीर पर दर्ज हुआ हत्या का मुकदमा
रश्मि के भाई सौरभ श्रीवास्तव ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर हिमांशु पर हत्या का आरोप लगाया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती साक्ष्य हत्या की ओर स्पष्ट संकेत कर रहे हैं। इसलिए आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है।
जांच में सहयोग नहीं कर रहा था आरोपी
पुलिस के अनुसार हिरासत में लिए जाने के बाद भी हिमांशु ने जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं किया। शुरुआती पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश की और घटना को लेकर स्पष्ट जानकारी देने से बचता रहा।
जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के बयानों और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों में कई विरोधाभास पाए गए हैं। इसी कारण उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस उसकी कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार आरोपी को उच्च रक्तचाप की समस्या भी बताई जा रही है और उसका इलाज चल रहा है, लेकिन इसका घटना से कोई प्रत्यक्ष संबंध अभी तक सामने नहीं आया है।
पति-पत्नी के बीच अक्सर होता था विवाद
जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से तनाव और विवाद की स्थिति बनी हुई थी। परिजनों का आरोप है कि दोनों के संबंध पहले से ही अच्छे नहीं थे और कई बार झगड़े की नौबत आती थी।
मृतका के भाई ने बताया कि शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ समय बाद हिमांशु का व्यवहार बदलने लगा। आरोप है कि वह रश्मि के साथ मारपीट भी करता था और पहले भी उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर चुका था।
हालांकि बाद में दोनों परिवारों के हस्तक्षेप से समझौता कराया गया था और दोनों फिर साथ रहने लगे थे। परिजनों को उम्मीद थी कि समय के साथ संबंध सुधर जाएंगे, लेकिन यह विवाद अंततः एक भयावह त्रासदी में बदल गया।
पुलिस सभी पहलुओं की कर रही जांच
फिलहाल पुलिस इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। फोरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर घटना की पूरी कड़ी जोड़ी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के वास्तविक कारणों और घटनाक्रम का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।
यह घटना एक बार फिर घरेलू विवादों के गंभीर परिणामों की ओर ध्यान आकर्षित करती है। एक परिवार, जो बाहर से सामान्य दिखाई देता था, उसके भीतर पनप रहा तनाव आखिरकार ऐसी दुखद घटना में बदल गया जिसने एक महिला की जान ले ली और एक मासूम बच्चे को मां के साये से वंचित कर दिया।

























