सेवा, सुशासन और सम्मान की मिसाल : कल्याणकारी शिविर में पात्र लाभार्थियों को मिले योजनाओं के स्वीकृति पत्र
बरहज में आयोजित विशेष शिविर के माध्यम से पेंशन, छात्रवृत्ति, कन्या सुमंगला, दिव्यांग सहायता और कंप्यूटर प्रशिक्षण सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया गया
रिपोर्ट: इरफान अली लारी
DEORIA. प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम पात्र व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से बरहज तहसील सभागार में गुरुवार को “सेवा, संस्कार, सुशासन एवं सम्मान” थीम पर एक व्यापक कल्याणकारी शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के निर्देशन में कल्याण सेक्टर के विभिन्न विभागों के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की मौजूदगी रही। शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं को आमजन तक पारदर्शी और सरल तरीके से पहुंचाना तथा पात्र लोगों को मौके पर ही आवश्यक स्वीकृति पत्र एवं प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना था।
योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से हर पात्र तक पहुंचे
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक दीपक मिश्र (शाका) ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ हर पात्र नागरिक तक बिना किसी भेदभाव और देरी के पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की संयुक्त जिम्मेदारी है कि गांव-गांव जाकर ऐसे लोगों की पहचान की जाए, जो अब तक किसी कारणवश सरकारी योजनाओं से वंचित हैं।
उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और संवेदनशीलता दोनों का समान महत्व है।
विभिन्न विभागों ने वितरित किए स्वीकृति पत्र और प्रमाण पत्र
शिविर के दौरान कई विभागों ने अपने-अपने क्षेत्र से जुड़े पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया।
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा 10 दिव्यांगजनों को दिव्यांग पेंशन स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। समाज कल्याण विभाग ने 15 वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र सौंपे, जिससे उन्हें नियमित आर्थिक सहायता का मार्ग प्रशस्त हुआ।
महिला कल्याण विभाग की ओर से 10 निराश्रित महिलाओं को पेंशन स्वीकृति पत्र तथा 10 बालिकाओं के परिवारों को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए।
इसी प्रकार पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने ‘ओ’ लेवल कंप्यूटर प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले 20 युवाओं को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित किए। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा 30 छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति स्वीकृति प्रमाण पत्र देकर उनकी शिक्षा को नई दिशा देने का प्रयास किया गया।
महिला सुरक्षा और अधिकारों पर भी हुआ विशेष जागरूकता अभियान
शिविर केवल लाभ वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विभिन्न सामाजिक और कानूनी विषयों पर भी लोगों को जागरूक किया गया।
महिला कल्याण विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन, वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन-181, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन तथा मिशन शक्ति अभियान की विस्तार से जानकारी दी।
इसके साथ ही बाल विवाह निषेध कानून, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम और पॉक्सो अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
प्रशासन ने नागरिकों से मांगा सहयोग
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि शासन की मंशा तभी पूरी होगी, जब समाज के सभी वर्ग सरकारी योजनाओं की जानकारी जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने में सहयोग करेंगे। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि उनके आसपास कोई पात्र व्यक्ति किसी योजना का लाभ नहीं ले पा रहा है तो उसकी जानकारी संबंधित विभाग को दें, ताकि उसे समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि योजनाओं का लाभ पात्रता के आधार पर पूरी पारदर्शिता के साथ दिया जा रहा है और इसके लिए किसी प्रकार के बिचौलियों की आवश्यकता नहीं है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही सक्रिय भागीदारी
शिविर में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय उपस्थिति देखने को मिली। कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी बरहज शशिकांत मणि, जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) राम जनम, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष सावित्री देवी, जेंडर स्पेशलिस्ट मंशा सिंह, हरीश सिंह, अनुराधा राज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी तथा जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन सरफराज आलम ने किया। समापन अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने यह संकल्प दोहराया कि शासन की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।
शासन की मंशा को धरातल पर उतारने की पहल
बरहज में आयोजित यह कल्याणकारी शिविर केवल प्रमाण पत्र वितरण का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि शासन की जनहितकारी सोच को व्यवहारिक रूप देने का एक प्रभावी प्रयास भी रहा। एक ही मंच पर विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं की जानकारी, पात्र लाभार्थियों का चयन, स्वीकृति पत्र वितरण और जागरूकता अभियान संचालित होने से लोगों को अनेक सेवाएं एक साथ प्राप्त हुईं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार के बहु-विभागीय शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएं तो सरकारी योजनाओं की पहुंच और प्रभाव दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा समाज के कमजोर वर्गों को समय पर आवश्यक सहायता मिल सकेगी।











