‘लेफ्ट और राइट विचारधारा से जुड़े लोगों ने आंदोलन हाईजैक कर लिया’, CJP Protest पर बृजभूषण शरण सिंह ने छात्रों को चेताया
रिपोर्ट: दुर्गा प्रसाद शुक्ला
दिल्ली में चल रहे CJP Protest को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने छात्रों को राजनीति से सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने दावा किया कि छात्रों ने अपनी समस्याओं को लेकर जिस आंदोलन की शुरुआत की थी, वह अब अपने मूल उद्देश्य से भटक गया है। उनका आरोप है कि इस आंदोलन में लेफ्ट और राइट विचारधारा से जुड़े लोगों की सक्रियता बढ़ने के कारण इसकी दिशा बदल गई है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी राजनीतिक विचारधारा के प्रभाव में आने के बजाय सीधे सरकार से संवाद करें।
आंदोलन का उद्देश्य था छात्रों की आवाज उठाना
मीडिया से बातचीत के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि देशभर से छात्र अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर दिल्ली पहुंचे थे। आंदोलन की शुरुआत पूरी तरह छात्र हितों को केंद्र में रखकर की गई थी, लेकिन समय के साथ इसकी प्रकृति बदलती चली गई।
उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत उसका उद्देश्य होता है। यदि आंदोलन अपने मूल मुद्दों से हटकर राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनने लगे, तो उससे सबसे अधिक नुकसान उन्हीं लोगों को होता है, जिनके लिए आंदोलन शुरू किया गया था।
“हर आंदोलन की तरह इसे भी हाईजैक कर लिया गया”
पूर्व सांसद ने कहा कि देश में पहले भी कई आंदोलनों के साथ ऐसा हो चुका है और CJP Protest भी उसी राह पर जाता दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार, शुरुआत में आंदोलन छात्रों के नेतृत्व में था, लेकिन धीरे-धीरे इसमें विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़े लोग सक्रिय हो गए।
उन्होंने कहा कि आंदोलन के मंच पर ऐसे चेहरे दिखाई देने लगे जिनका छात्र हितों से प्रत्यक्ष संबंध नहीं था। इससे आंदोलन का फोकस बदल गया और मूल मुद्दे पीछे छूटते चले गए।
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उनका मानना है कि “हर आंदोलन की तरह इस आंदोलन को भी हाईजैक कर लिया गया और एक बार फिर छात्रों को ठगा गया।”
जंतर-मंतर के पास होने से लगातार देखते रहे आंदोलन
बृजभूषण शरण सिंह ने बताया कि उनका आवास जंतर-मंतर क्षेत्र के नजदीक है। इसी कारण उन्हें आंदोलन की गतिविधियों को सुबह से शाम तक करीब से देखने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा कि उन्होंने पूरे घटनाक्रम को नजदीक से देखा और महसूस किया कि समय के साथ आंदोलन में छात्रों की अपेक्षा अन्य विचारधाराओं से जुड़े लोगों की भूमिका अधिक दिखाई देने लगी।
छात्रों को दी बड़ी सलाह
पूर्व सांसद ने छात्रों से कहा कि वे अपने भविष्य और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर ही ध्यान केंद्रित रखें। उन्होंने कहा कि छात्र किसी भी राजनीतिक दल या विचारधारा के प्रभाव में न आएं।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लेफ्ट और राइट, दोनों विचारधाराओं से समान दूरी बनाए रखना छात्रों के हित में है। यदि छात्र किसी एक राजनीतिक धड़े का हिस्सा बनते हैं तो उनकी निष्पक्षता प्रभावित होती है और उनकी वास्तविक मांगें भी कमजोर पड़ जाती हैं।
सरकार से सीधे संवाद करने पर दिया जोर
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यदि छात्रों को किसी परीक्षा, भर्ती, शिक्षा नीति या अन्य किसी विषय पर आपत्ति है तो उसका सबसे प्रभावी तरीका सरकार से सीधा संवाद करना है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बातचीत ही समाधान का सबसे अच्छा माध्यम है। छात्रों को चाहिए कि वे अपनी समस्याओं और सुझावों को तथ्यों के साथ सरकार के सामने रखें ताकि सकारात्मक समाधान निकल सके।
सरकार से भी की बातचीत की अपील
उन्होंने केवल छात्रों को ही नहीं बल्कि सरकार को भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि बड़ी संख्या में छात्र अपनी समस्याओं को लेकर सड़क पर उतर रहे हैं तो सरकार को उनकी बात गंभीरता से सुननी चाहिए।
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यदि किसी स्तर पर कोई कमी या त्रुटि हुई है तो सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर खेद व्यक्त करते हुए छात्रों के साथ संवाद स्थापित करना चाहिए।
“देशभर से छात्र आए, लेकिन मंच पर कौन लोग थे?”
अपने बयान में उन्होंने कहा कि पूरे देश से छात्र अपनी समस्याओं को लेकर दिल्ली पहुंचे थे, लेकिन बाद में आंदोलन के मंच पर ऐसे लोग दिखाई देने लगे जिनकी पहचान राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़ी रही है।
उन्होंने कहा कि वह किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं लेना चाहते, लेकिन इतना जरूर कहना चाहेंगे कि आंदोलन का नेतृत्व छात्रों के हाथों से निकलकर दूसरे लोगों के प्रभाव में जाता दिखाई दिया। उनके अनुसार, यही कारण है कि आंदोलन अपने मूल उद्देश्य से भटक गया।
लोकतंत्र में संवाद ही सबसे मजबूत रास्ता
पूर्व सांसद ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन किसी भी आंदोलन की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वह कितना निष्पक्ष और उद्देश्यपरक बना रहता है।
उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी ऊर्जा शिक्षा, रोजगार और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रखनी चाहिए। यदि आंदोलन राजनीतिक खेमेबंदी का हिस्सा बन जाता है तो उसका लाभ छात्रों की बजाय राजनीतिक समूहों को मिलने लगता है।
CJP Protest पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने दावा किया कि आंदोलन अब अपने मूल उद्देश्य से भटक गया है। उन्होंने छात्रों को लेफ्ट और राइट दोनों विचारधाराओं से दूरी बनाए रखने, राजनीतिक प्रभाव से बचने और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार से सीधे संवाद करने की सलाह दी। साथ ही सरकार से भी आग्रह किया कि वह छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुने और बातचीत के माध्यम से समाधान निकाले।











यह कैसे हो सकता है कि छात्र किसी विचारधारा विशेष से दूर रहें? अ भा वि प या एन एस यू आइ राजनीतिक विचारधारा से ही जुड़े हैं।