जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखी, मरीजों को बेहतर इलाज के दिए निर्देश
जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण, वार्डों में पहुंचकर मरीजों से जाना हाल; स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर दिया जोर
रिपोर्ट: संजय सिंह राणा
चित्रकूट। जिला अस्पताल प्रबंधन समिति के पदेन अध्यक्ष एवं नगर पालिका परिषद के चेयरमैन नरेंद्र गुप्ता ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का भ्रमण किया, भर्ती मरीजों से सीधे संवाद कर उनके उपचार, दवाओं की उपलब्धता और अस्पताल में मिल रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों और चिकित्सकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले किसी भी मरीज को उपचार के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े तथा बाहर से दवा खरीदने की स्थिति बिल्कुल भी नहीं बननी चाहिए।
मरीजों और तीमारदारों से लिया सीधा फीडबैक
निरीक्षण की शुरुआत अस्पताल के वार्डों से हुई, जहां नरेंद्र गुप्ता ने भर्ती मरीजों के पास पहुंचकर उनका हालचाल जाना। उन्होंने मरीजों से पूछा कि उन्हें समय पर चिकित्सकीय सुविधा मिल रही है या नहीं, डॉक्टर नियमित रूप से देख रहे हैं या नहीं तथा अस्पताल में उपलब्ध दवाएं और अन्य आवश्यक सुविधाएं पर्याप्त हैं या नहीं।
उन्होंने मरीजों के साथ मौजूद परिजनों और तीमारदारों से भी बातचीत की। इस दौरान अस्पताल की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, कर्मचारियों के व्यवहार और इलाज की गुणवत्ता को लेकर जानकारी ली गई। उनका उद्देश्य यह जानना था कि अस्पताल में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा तो नहीं हो रही है।
चिकित्सा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान पदेन अध्यक्ष ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र एवं अन्य अधिकारियों के साथ अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसलिए प्रत्येक मरीज को समय पर इलाज मिलना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि किसी विभाग में संसाधनों की कमी है या किसी प्रकार की समस्या सामने आती है तो उसकी जानकारी तत्काल संबंधित स्तर पर भेजी जाए, ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके।
बाहर की दवा लिखने पर जताई सख्ती
निरीक्षण के दौरान नरेंद्र गुप्ता ने विशेष रूप से दवाओं की उपलब्धता पर जोर दिया। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देशित किया कि अस्पताल में उपलब्ध दवाओं से ही मरीजों का उपचार किया जाए और किसी भी परिस्थिति में मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर की दवा खरीदने के लिए न भेजा जाए।
उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद लोग सरकारी अस्पतालों पर भरोसा करके इलाज कराने आते हैं। ऐसे में यदि उन्हें बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ें तो यह उनके लिए आर्थिक बोझ बन जाता है। इसलिए अस्पताल में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडार बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
प्रसूति सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान
निरीक्षण के दौरान पदेन अध्यक्ष ने प्रसूति वार्ड का भी अवलोकन किया। यहां उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को समय पर चिकित्सकीय सहायता, आवश्यक जांच और सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करे।
इमरजेंसी सेवाएं रहें पूरी तरह सक्रिय
नरेंद्र गुप्ता ने अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपातकालीन सेवाएं चौबीसों घंटे प्रभावी ढंग से संचालित होती रहें। किसी भी मरीज को इलाज के लिए इंतजार न करना पड़े और गंभीर मामलों में तुरंत चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल में स्थापित सभी जांच मशीनें और आवश्यक चिकित्सा उपकरण हमेशा कार्यशील स्थिति में रहने चाहिए। यदि किसी मशीन में तकनीकी खराबी आती है तो उसे तत्काल ठीक कराया जाए, ताकि मरीजों की जांच और उपचार प्रभावित न हो।
स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था पर दिया विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर की साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था भी समीक्षा का प्रमुख विषय रही। नरेंद्र गुप्ता ने कहा कि अस्पताल केवल उपचार का केंद्र नहीं बल्कि स्वास्थ्य और स्वच्छता का भी प्रतीक होना चाहिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल परिसर, वार्ड, शौचालय और अन्य सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई कराई जाए। मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मरीजों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
निरीक्षण के दौरान पदेन अध्यक्ष ने दोहराया कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक नागरिक को सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक और कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें ताकि मरीजों का विश्वास सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर और मजबूत हो।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कहीं लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। अस्पताल प्रबंधन को मरीजों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना होगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर जोर
निरीक्षण के समापन पर नरेंद्र गुप्ता ने कहा कि जिला अस्पताल में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकीय संसाधन, साफ-सफाई, जांच सुविधाएं और इमरजेंसी सेवाओं की नियमित निगरानी की जाए।
उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाला प्रत्येक मरीज सम्मानजनक व्यवहार, समय पर उपचार और आवश्यक सुविधाओं का हकदार है। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि जिले के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें और उन्हें इलाज के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।










