खेत में टूटा हाईटेंशन तार, बेटे को बचाने दौड़े पिता की भी गई जान
खेत में काम के दौरान 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन टूटकर गिरने से दर्दनाक हादसा, हाल ही में पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले युवक समेत पिता की मौके पर मौत, ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कथित लापरवाही पर उठाए सवाल।
जगदंबा उपाध्याय की रिपोर्ट
Balia. खेत में काम करने गए पिता-पुत्र के लिए गुरुवार की सुबह उस समय काल बन गई, जब 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन अचानक टूटकर खेत में गिर गई। करंट की चपेट में आए बेटे को बचाने के लिए पिता बिना अपनी जान की परवाह किए दौड़ पड़े, लेकिन बिजली का तेज प्रवाह दोनों की जिंदगी छीन ले गया। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला और लोगों ने बिजली विभाग की कथित लापरवाही को घटना का जिम्मेदार ठहराया।
सुबह खेत में काम के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के सहपुरवा गांव निवासी 58 वर्षीय जनार्दन यादव गुरुवार सुबह करीब छह बजे अपने 28 वर्षीय बेटे राजेश यादव के साथ खेत में कृषि कार्य करने पहुंचे थे। दोनों रोज की तरह खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान खेत के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन का तार अचानक टूटकर नीचे गिर गया।
तार की चपेट में सबसे पहले राजेश यादव आ गए। तेज करंट लगने से वह मौके पर ही तड़पने लगे। बेटे को इस हालत में देखकर पिता जनार्दन यादव बिना किसी क्षण की देरी किए उसे बचाने के लिए दौड़ पड़े। हालांकि जैसे ही उन्होंने बेटे को बचाने का प्रयास किया, वह भी करंट की चपेट में आ गए। कुछ ही पलों में पिता और पुत्र दोनों ने घटनास्थल पर दम तोड़ दिया।
बेटे को बचाने की कोशिश में चली गई पिता की जान
प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम कुछ ही सेकंड में हुआ। जनार्दन यादव ने बेटे को बचाने के लिए अपनी जान की भी परवाह नहीं की, लेकिन हाईटेंशन लाइन के तेज करंट के सामने उनका प्रयास भी असफल साबित हुआ। इस दर्दनाक दृश्य को देखकर आसपास मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में मातम छा गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि बिजली लाइन सुरक्षित होती या समय रहते आवश्यक मरम्मत कर दी गई होती, तो संभवतः यह हादसा टाला जा सकता था।
पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा
घटना की सूचना मिलते ही बांसडीह रोड थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय प्रशासन ने परिजनों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है। वहीं पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों में आक्रोश, बिजली विभाग पर लगाए गंभीर आरोप
दर्दनाक हादसे के बाद गांव के लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। सूचना मिलते ही विधायक प्रतिनिधि विश्राम सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों और परिजनों का आरोप है कि क्षेत्र में बिजली के तारों की स्थिति लंबे समय से जर्जर बनी हुई है। उनका कहना है कि कई बार विभाग को इस संबंध में जानकारी दी गई, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि यदि विभाग ने शिकायतों को गंभीरता से लिया होता तो दो अनमोल जानें बच सकती थीं।
पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा पास कर चुका था राजेश
इस हादसे का सबसे मार्मिक पहलू यह है कि मृतक राजेश यादव ने हाल ही में पुलिस उपनिरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण की थी। परिवार को उम्मीद थी कि जल्द ही राजेश की सरकारी नौकरी लग जाएगी और घर की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। लेकिन इससे पहले ही एक दर्दनाक हादसे ने परिवार के सभी सपनों को चकनाचूर कर दिया।
गांव के लोगों का कहना है कि राजेश मेहनती और होनहार युवक था। उसकी सफलता पर पूरे गांव को गर्व था। उसकी असामयिक मौत से गांव में शोक की लहर है।
वीडियो मांगने के आरोप पर उठे सवाल
परिजनों ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि खेत में तार गिरने की सूचना पहले भी विभाग को दी गई थी। उनका आरोप है कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचने के बजाय तार गिरने का वीडियो भेजने की बात कही। इसको लेकर ग्रामीणों में गहरा रोष है।
ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा होनी चाहिए, न कि वीडियो या अन्य औपचारिकताओं की मांग। हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और संबंधित विभाग की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं ग्रामीण दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।
इस हृदयविदारक हादसे ने एक बार फिर जर्जर बिजली लाइनों की सुरक्षा और उनके नियमित रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर हाईटेंशन लाइनों का निरीक्षण, क्षतिग्रस्त तारों का तत्काल प्रतिस्थापन और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई जैसी व्यवस्थाएं मजबूत हों, तो ऐसे हादसों की संभावना काफी हद तक कम की जा सकती है। फिलहाल पूरा गांव पिता-पुत्र की असमय मौत से गमगीन है और सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट तथा प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।










