चित्रकूट

अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 400 किलो लहन नष्ट, 38 लीटर कच्ची शराब जब्त

विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत आबकारी विभाग की छापेमारी, एक आरोपी गिरफ्तार, तीन मुकदमे दर्ज

रिपोर्ट: संजय सिंह राणा

Chitrakoot . जनपद में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से आबकारी विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत आबकारी विभाग की टीम ने संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध शराब बनाने में प्रयुक्त लहन को नष्ट किया, अवैध शराब बरामद की और एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग का कहना है कि जनपद में अवैध मदिरा के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

विशेष अभियान के तहत हुई छापेमारी

उत्तर प्रदेश शासन द्वारा अवैध शराब के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष प्रवर्तन अभियान के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई। आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देशों तथा जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के मार्गदर्शन में जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में विभागीय टीम ने क्षेत्र में अभियान चलाया।

कार्रवाई के दौरान आबकारी विभाग की टीम ने थाना कर्वी क्षेत्र के ग्राम कपसेठी स्थित मंदाकिनी नदी के किनारे बने संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी। टीम ने मौके पर पहुंचकर विभिन्न स्थानों की गहन तलाशी ली, जहां अवैध शराब के निर्माण की गतिविधियों की आशंका जताई गई थी।

400 किलोग्राम लहन मौके पर किया गया नष्ट

तलाशी अभियान के दौरान टीम को लगभग 400 किलोग्राम लहन बरामद हुआ। लहन का उपयोग कच्ची एवं अवैध शराब तैयार करने में किया जाता है। विभागीय अधिकारियों ने नियमानुसार मौके पर ही पूरे लहन को नष्ट कर दिया, ताकि इसका दोबारा उपयोग न किया जा सके।

आबकारी विभाग का मानना है कि अवैध शराब के निर्माण में प्रयुक्त सामग्री को नष्ट करना इस कारोबार की जड़ों पर प्रहार करने जैसा है, जिससे भविष्य में अवैध शराब बनाने की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है।

38 लीटर अवैध शराब बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार

छापेमारी के दौरान आबकारी टीम ने 38 लीटर अवैध शराब भी बरामद की। मौके से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जो कथित रूप से अवैध शराब के निर्माण और भंडारण से जुड़ा हुआ था।

गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ संयुक्त प्रांत आबकारी अधिनियम, 1910 (यथा संशोधित) की संबंधित धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए कुल तीन अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। आरोपी से पूछताछ के आधार पर विभाग अन्य संभावित नेटवर्क और सहयोगियों की भी जानकारी जुटाने में लगा है।

अवैध शराब के खिलाफ जारी रहेगा अभियान

जिला आबकारी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद में अवैध मदिरा के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ विभाग पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए नियमित रूप से अभियान चलाए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि आबकारी विभाग की टीमें लगातार संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी कर रही हैं। जहां भी अवैध शराब के निर्माण अथवा बिक्री की सूचना प्राप्त होगी, वहां तत्काल छापेमारी कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जनसहयोग को बताया सबसे महत्वपूर्ण

विभागीय अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं अवैध शराब का निर्माण, भंडारण अथवा बिक्री हो रही हो तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें। नागरिकों की ओर से मिलने वाली सूचनाओं को गोपनीय रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि यह लोगों के स्वास्थ्य और जीवन के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती है। इसलिए इस पर नियंत्रण के लिए प्रशासन और आम जनता दोनों की सहभागिता आवश्यक है।

लगातार तेज हो रही हैं प्रवर्तन कार्रवाइयां

हाल के समय में आबकारी विभाग ने विभिन्न क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग का उद्देश्य केवल अवैध शराब की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके निर्माण में प्रयुक्त कच्चे माल, उपकरणों और पूरे नेटवर्क को समाप्त करना भी है।

इसी रणनीति के तहत मंदाकिनी नदी के किनारे संचालित होने की आशंका वाले अवैध ठिकानों पर छापेमारी की गई, जहां बड़ी मात्रा में लहन बरामद होने से यह स्पष्ट हुआ कि अवैध शराब तैयार करने की तैयारी की जा रही थी। समय रहते विभाग की कार्रवाई से संभावित रूप से बड़ी मात्रा में अवैध शराब बाजार में पहुंचने से पहले ही रोक दी गई।

प्रशासन का सख्त संदेश

आबकारी विभाग की इस कार्रवाई को जनपद में अवैध शराब के कारोबार के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा। अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री में संलिप्त पाए जाने वाले सभी लोगों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई भविष्य में भी इसी प्रकार जारी रहेगी।

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