चित्रकूट में बदहाल गिरधार बाबा तिराहा–बाहिलपुरवा संपर्क मार्ग पर फूटा लोगों का आक्रोश, बसपा ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
मानकविहीन मरम्मत, जलभराव और दलदल से आवागमन ठप; स्थायी समाधान, जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की उठी मांग
संजय सिंह राणा की रिपोर्ट
चित्रकूट जिले के मानिकपुर क्षेत्र में गिरधार बाबा तिराहा से थाना बाहिलपुरवा तक जाने वाले प्रमुख संपर्क मार्ग की जर्जर स्थिति अब स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। लगातार बारिश के बीच सड़क पर कीचड़, गड्ढों और जलभराव ने हालात ऐसे बना दिए हैं कि आम नागरिकों से लेकर किसान, विद्यार्थी और मरीज तक रोजाना कठिनाइयों का सामना करने को मजबूर हैं। इसी गंभीर समस्या को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए जिलाधिकारी को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
बसपा नेताओं का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से सड़क का स्थलीय निरीक्षण कराकर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है।
रोहित सिंह पटेल के नेतृत्व में जिलाधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन
बहुजन समाज पार्टी के सामाजिक भाईचारा मंडल संयोजक, चित्रकूट मंडल रोहित सिंह पटेल के नेतृत्व में पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर सड़क की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा सड़क मरम्मत के नाम पर निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया।
ज्ञापन के अनुसार सड़क के गड्ढों को भरने के लिए आवश्यक गिट्टी, बोल्डर और अन्य गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्री का उपयोग करने के बजाय केवल मिट्टी डालकर औपचारिकता पूरी कर दी गई। परिणामस्वरूप बारिश शुरू होते ही सड़क दोबारा खराब हो गई और कई स्थानों पर दलदल जैसी स्थिति बन गई।
बारिश के बाद आवागमन हुआ मुश्किल
स्थानीय लोगों के अनुसार गिरधार बाबा तिराहा से थाना बाहिलपुरवा तक का मार्ग इस समय बेहद खराब स्थिति में है। लगातार हो रही वर्षा के कारण सड़क पर पानी भर गया है और कई स्थानों पर वाहन फंसने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है, जबकि चारपहिया वाहन भी कीचड़ में फंस रहे हैं। एम्बुलेंस, स्कूली वाहन और किसानों के कृषि कार्य में उपयोग होने वाले वाहन भी इस मार्ग पर सुरक्षित तरीके से नहीं चल पा रहे हैं। इससे क्षेत्र के हजारों लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
रेलवे ब्रिज के आसपास सबसे अधिक खराब हालात
बसपा नेताओं ने विशेष रूप से बाहिलपुरवा रेलवे ब्रिज के नीचे और उसके आसपास के हिस्से को सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बताया। उनका कहना है कि यहां सड़क पूरी तरह दलदल में बदल चुकी है, जिससे यातायात लगभग बाधित हो गया है।
बरसात के दिनों में इस हिस्से से गुजरना जोखिम भरा हो गया है। कई बार वाहन चालक फिसलकर दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बचे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र सुधार कार्य नहीं कराया गया तो किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
कई गांवों के लिए जीवनरेखा है यह संपर्क मार्ग
गिरधार बाबा तिराहा–थाना बाहिलपुरवा संपर्क मार्ग केवल एक सामान्य सड़क नहीं बल्कि मानिकपुर तहसील से जुड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। इसके माध्यम से कई ग्राम पंचायतों और दर्जनों गांवों के लोग तहसील, जिला मुख्यालय तथा अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचते हैं।
सड़क की खराब स्थिति का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई, किसानों की कृषि गतिविधियों, मरीजों के उपचार तथा महिलाओं और बुजुर्गों के आवागमन पर पड़ रहा है। बैंक, अस्पताल, विद्यालय और सरकारी कार्यालयों तक समय पर पहुंचना भी लोगों के लिए चुनौती बन गया है।
बसपा ने प्रशासन के सामने रखीं प्रमुख मांगें
जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में बहुजन समाज पार्टी ने कई महत्वपूर्ण मांगें उठाईं। पार्टी ने कहा कि सबसे पहले संबंधित अधिकारियों द्वारा सड़क का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराया जाए ताकि वास्तविक स्थिति का आकलन हो सके।
इसके साथ ही सड़क पर जमा कीचड़ और दलदल को हटाकर गिट्टी, बोल्डर तथा अन्य मानक निर्माण सामग्री का उपयोग करते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं स्थायी मरम्मत कराई जाए। सड़क पर भविष्य में जलभराव की समस्या न हो, इसके लिए प्रभावी जल निकासी व्यवस्था विकसित करने की भी मांग की गई।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यदि मरम्मत कार्य में मानकों की अनदेखी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों तथा संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने के दौरान उपस्थित बसपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया कि यदि सड़क की समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
पार्टी का कहना है कि यह मुद्दा केवल सड़क निर्माण का नहीं बल्कि हजारों लोगों की सुरक्षा और दैनिक जीवन से जुड़ा हुआ है। इसलिए प्रशासन को इसे प्राथमिकता के आधार पर लेकर शीघ्र प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
क्षेत्रवासियों को प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार
मानिकपुर क्षेत्र के लोगों की नजर अब जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय रहते गुणवत्तापूर्ण मरम्मत, जल निकासी और जवाबदेही सुनिश्चित की जाती है तो बरसात के दौरान होने वाली परेशानियों से राहत मिल सकती है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला होती है। ऐसे में इस महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग की बदहाल स्थिति को दूर करना प्रशासन और संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अब देखना होगा कि जिलाधिकारी स्तर पर इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई होती है और क्षेत्रवासियों को कब तक राहत मिल पाती है।









