श्रम और समर्पण को सलाम! जी.एम. एकेडमी में श्रद्धा से हुई विश्वकर्मा पूजा, कर्मचारियों का सम्मान

जी.एम. एकेडमी बरहज में विश्वकर्मा पूजा के दौरान भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना और गैर-शिक्षण कर्मचारियों का सम्मान

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रिपोर्ट: इरफान अली लारी

बरहज। जी.एम. एकेडमी, बरहज में गुरुवार को भगवान विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर श्रद्धा, आस्था और उत्साह से भरा वातावरण देखने को मिला। विद्यालय परिसर में भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। विद्यालय परिवार के सदस्यों ने धार्मिक परंपराओं के अनुरूप पूजा में सहभागिता करते हुए विद्यालय की सुख-समृद्धि, शैक्षणिक उन्नति और निरंतर प्रगति की कामना की। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जहां धार्मिक आस्था की झलक दिखाई दी, वहीं श्रम और कर्म के प्रति सम्मान का संदेश भी प्रमुखता से सामने आया।

विश्वकर्मा पूजा को भारतीय परंपरा में श्रम, निर्माण, तकनीक, औजारों और कर्मशीलता के सम्मान से जोड़कर देखा जाता है। इसी भावना को केंद्र में रखते हुए जी.एम. एकेडमी में आयोजित कार्यक्रम को केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि विद्यालय की व्यवस्थाओं को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से मजबूत करने वाले गैर-शिक्षण कर्मचारियों के योगदान को भी सार्वजनिक रूप से सम्मान दिया गया। इससे आयोजन में सामाजिक और मानवीय संवेदना का पक्ष और मजबूत दिखाई दिया।

विधिवत पूजा-अर्चना के साथ मांगी विद्यालय की उन्नति की कामना

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना से हुई। विद्यालय परिसर में धार्मिक वातावरण के बीच विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई गई। उपस्थित विद्यालय परिवार ने भगवान विश्वकर्मा के समक्ष विद्यालय की निरंतर प्रगति, विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और समूचे विद्यालय परिवार के सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।

आयोजन के दौरान श्रद्धा के साथ यह भाव भी दिखाई दिया कि किसी भी संस्था का विकास केवल योजनाओं और संसाधनों से नहीं, बल्कि उससे जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के ईमानदार परिश्रम से संभव होता है। यही कारण रहा कि इस वर्ष विश्वकर्मा पूजा के कार्यक्रम में श्रम करने वाले कर्मचारियों को सम्मान देने को विशेष महत्व दिया गया।

पूजा कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा। विद्यालय से जुड़े लोगों ने एक-दूसरे को विश्वकर्मा पूजा की शुभकामनाएं दीं और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया।

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गैर-शिक्षण कर्मचारियों के सम्मान ने बढ़ाई कार्यक्रम की गरिमा

जी.एम. एकेडमी में विश्वकर्मा पूजा कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी पक्ष गैर-शिक्षण कर्मचारियों का सम्मान रहा। विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियां विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच दिखाई देती हैं, लेकिन इसके पीछे रोजाना कई ऐसे कर्मचारी काम करते हैं जिनकी जिम्मेदारियां पर्दे के पीछे रहकर विद्यालय की पूरी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने से जुड़ी होती हैं।

विद्यालय परिसर की स्वच्छता बनाए रखना हो, सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखना हो, दैनिक संचालन में सहयोग करना हो अथवा अनुशासन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखना हो—गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। उनके इसी योगदान को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।

सम्मान प्राप्त करने वाले कर्मचारियों के प्रति विद्यालय परिवार ने उनके श्रम, निष्ठा और जिम्मेदारी की भावना को सराहा। आयोजन ने यह संदेश दिया कि संस्था में काम करने वाले प्रत्येक व्यक्ति का योगदान अपनी जगह महत्वपूर्ण होता है और किसी भी कार्य को केवल पद या जिम्मेदारी के आधार पर छोटा-बड़ा नहीं माना जाना चाहिए।

“श्रम का सम्मान, समर्पण का सम्मान” बना आयोजन का संदेश

विश्वकर्मा पूजा के इस आयोजन का मूल संदेश श्रम के सम्मान से जुड़ा रहा। भगवान विश्वकर्मा को निर्माण और सृजन से जुड़ी भारतीय परंपरा में विशेष स्थान प्राप्त है। ऐसे में उनकी पूजा के अवसर पर उन कर्मचारियों को सम्मानित करना, जो प्रतिदिन अपने श्रम से विद्यालय की व्यवस्थाओं को संचालित करने में योगदान देते हैं, कार्यक्रम को एक सार्थक सामाजिक संदेश भी देता है।

विद्यालय परिवार की ओर से कर्मचारियों के सम्मान के माध्यम से यह बात सामने आई कि किसी संस्था की सफलता सामूहिक प्रयास का परिणाम होती है। शिक्षकों की भूमिका विद्यार्थियों के ज्ञान और व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण है तो गैर-शिक्षण कर्मचारियों का योगदान विद्यालय के वातावरण और दैनिक व्यवस्था को व्यवस्थित रखने में उतना ही आवश्यक है।

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इस दृष्टि से जी.एम. एकेडमी का विश्वकर्मा पूजा आयोजन धार्मिक परंपरा के साथ-साथ कार्य-संस्कृति और मानवीय सम्मान का अवसर भी बना।

Academic Director हरि प्रकाश मिश्रा ने बताया कर्मचारियों को संस्था की आधारशिला

कार्यक्रम में विद्यालय के Academic Director श्री हरि प्रकाश मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर कर्मचारियों को सम्मानित किए जाने को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी संस्था की सफलता में प्रत्येक कर्मचारी की भूमिका होती है।

उन्होंने कहा कि गैर-शिक्षण कर्मचारी विद्यालय की दैनिक व्यवस्था को व्यवस्थित रखने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। विद्यालय का वातावरण स्वच्छ, सुरक्षित और अनुशासित बनाए रखने से लेकर विभिन्न आवश्यक कार्यों को समय पर पूरा करने तक उनकी जिम्मेदारियां संस्था के सुचारु संचालन से जुड़ी हैं। ऐसे कर्मचारियों के परिश्रम और समर्पण को पहचानना तथा उन्हें सम्मान देना पूरे विद्यालय परिवार की जिम्मेदारी है।

Academic Director ने इस बात पर भी जोर दिया कि किसी संस्था को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक भावना जरूरी है। जब शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी, विद्यार्थी और अभिभावक अपने-अपने स्तर पर जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं, तभी किसी शिक्षण संस्थान की व्यवस्था मजबूत होती है।

विद्यालय परिवार के सदस्यों की रही उपस्थिति

विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय के कई सम्मानित सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में श्री अभिषेक मिश्रा, श्री प्रेम प्रकाश तिवारी, श्री कमल तिवारी, श्री मनोज पाण्डेय, श्री पी.एच. मिश्रा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

उपस्थित सदस्यों ने पूजा-अर्चना में सहभागिता की और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के सम्मान कार्यक्रम में भी अपनी भागीदारी दर्ज कराई। सभी ने कर्मचारियों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच यह भावना दिखाई दी कि विद्यालय किसी एक व्यक्ति या किसी एक वर्ग के प्रयास से नहीं चलता, बल्कि इसके संचालन में अनेक लोगों का योगदान होता है। इसी सामूहिक भावना ने आयोजन को विशेष बनाया।

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पूजा के साथ दिखी कर्म और कर्तव्य की भावना

जी.एम. एकेडमी में विश्वकर्मा पूजा के आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ कर्म और कर्तव्य की भावना को भी सामने रखा। भगवान विश्वकर्मा की पूजा के अवसर पर श्रम करने वाले कर्मचारियों का सम्मान इस बात का प्रतीक रहा कि मेहनत और जिम्मेदारी को पहचान मिलनी चाहिए।

विद्यालय की रोजमर्रा की गतिविधियों में गैर-शिक्षण कर्मचारियों का योगदान भले ही हमेशा मंच पर दिखाई न देता हो, लेकिन उनकी भूमिका विद्यालय की व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनके बिना स्वच्छता, सुरक्षा, अनुशासन और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

इसीलिए कर्मचारियों को सम्मानित किए जाने से उनके मनोबल को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ विद्यालय के अन्य सदस्यों के बीच भी सामूहिक जिम्मेदारी और सहयोग की भावना को बल मिला।

सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की प्रार्थना के साथ हुआ समापन

कार्यक्रम के अंतिम चरण में विद्यालय परिवार की ओर से भगवान विश्वकर्मा से विद्यालय की निरंतर उन्नति, विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और सभी कर्मचारियों एवं सदस्यों के सुख-समृद्धि की कामना की गई। उपस्थित लोगों ने आयोजन को श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न कराया।

इस अवसर पर दिया गया संदेश स्पष्ट रहा कि पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अपने कर्म, श्रम और जिम्मेदारियों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर भी है। जी.एम. एकेडमी में विश्वकर्मा पूजा इसी विचार के साथ धार्मिक आस्था और सामाजिक सम्मान का सुंदर संगम बनी।

गैर-शिक्षण कर्मचारियों का सम्मान कार्यक्रम की सबसे उल्लेखनीय विशेषता रहा। इससे विद्यालय परिवार में यह संदेश गया कि संस्था को मजबूत बनाने में हर व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। आयोजन ने “श्रम का सम्मान, समर्पण का सम्मान” की भावना को सार्थक करते हुए विश्वकर्मा पूजा को एक प्रेरणादायी अवसर में बदल दिया।

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