चार सूत्रीय मांगों को लेकर आजाद समाज पार्टी का ज्ञापन, हत्याकांड से लेकर पंचायत सहायकों और शिक्षक भर्ती तक उठाए मुद्दे

आजाद समाज पार्टी के चार सूत्रीय ज्ञापन को लेकर धरना प्रदर्शन करते कार्यकर्ता, साथ में रिपोर्टर संजय सिंह राणा

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संजय सिंह राणा की रिपोर्ट

लखनऊ/उत्तर प्रदेश। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की ओर से जनहित, सामाजिक न्याय और कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन प्रस्तुत किया गया है। ज्ञापन में गोंडा और अयोध्या में हुई हत्याओं, बाराबंकी में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना लोकसभा सांसद एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हुए कथित हमले, पंचायत सहायकों की मांगों, 68500 शिक्षक भर्ती से जुड़े आरक्षण प्रकरण तथा धार्मिक स्थलों से संबंधित मामलों को उठाया गया है। पार्टी ने संबंधित मामलों में शीघ्र कार्रवाई और समयबद्ध समाधान की मांग की है।

ज्ञापन राष्ट्रपति महोदया के नाम संबोधित है और इसे संबंधित जिलाधिकारी के माध्यम से प्रस्तुत किए जाने का उल्लेख किया गया है। पार्टी ने कहा है कि उसके द्वारा उठाए गए मुद्दे जनहित, सामाजिक न्याय, कानून-व्यवस्था और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण विषय हैं। इसलिए इन मामलों का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाने चाहिए।

गोंडा और अयोध्या की घटनाओं का मामला उठाया

ज्ञापन में गोंडा और अयोध्या में हुई हत्याओं का भी उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि जनपद गोंडा में विनोद साहनी और रमेश कोरी तथा अयोध्या में राम लगन मौर्या की हत्या के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आजाद पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए गए थे।

ज्ञापन के अनुसार, इसी क्रम में 13 सितंबर 2026 को बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र के बुढ़वल में चंद्रशेखर आजाद के काफिले को रोके जाने के बाद काफिले पर पथराव और हिंसक हमले की शिकायत सामने आई। पार्टी का दावा है कि घटना में कई कार्यकर्ताओं को चोटें आईं और वाहनों को नुकसान पहुंचा।

पार्टी ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग भी ज्ञापन में की गई है। पार्टी ने मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच किए जाने तथा किसी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग रखी है।

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चंद्रशेखर आजाद की सुरक्षा बढ़ाने की मांग

ज्ञापन में चंद्रशेखर आजाद की सुरक्षा को लेकर भी मांग रखी गई है। पार्टी ने उनका तत्काल थ्रेट असेसमेंट कराने और आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।

इसके अलावा उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों और दौरों के दौरान पर्याप्त सुरक्षा, एस्कॉर्ट और रूट सिक्योरिटी सुनिश्चित किए जाने की बात कही गई है। ज्ञापन में उनके विरुद्ध जारी कथित धमकीपूर्ण संदेशों की जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई किए जाने की मांग भी की गई है।

पार्टी का कहना है कि किसी जनप्रतिनिधि के सार्वजनिक दौरों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए संबंधित सुरक्षा इनपुट और परिस्थितियों का आकलन कर आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

पंचायत सहायकों की मांगों के समाधान की मांग

चार सूत्रीय ज्ञापन में पंचायत सहायकों की समस्याओं को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है। ज्ञापन के अनुसार, लखनऊ के ईको गार्डन में अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे पंचायत सहायकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाना चाहिए।

पार्टी ने सरकार से पंचायत सहायकों की जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है। ज्ञापन में इसे चार प्रमुख मुद्दों में शामिल करते हुए कहा गया है कि संबंधित समस्याओं का जल्द समाधान किया जाना आवश्यक है।

पंचायत स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों की मांगों को लेकर लंबे समय से अलग-अलग स्तर पर आवाज उठती रही है। ऐसे में पार्टी ने इस मुद्दे को अपने ज्ञापन में शामिल कर सरकार से बातचीत और समाधान की दिशा में कदम उठाने का आग्रह किया है।

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68500 शिक्षक भर्ती के आरक्षण प्रकरण पर कार्रवाई की मांग

ज्ञापन में 68500 शिक्षक भर्ती से जुड़े आरक्षण प्रकरण को भी प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया गया है। पार्टी ने इसे आरक्षण से संबंधित मामला बताते हुए पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा दिए गए आदेश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि इस प्रकरण से प्रभावित अभ्यर्थियों को नियमानुसार न्याय प्रदान किया जाना चाहिए। पार्टी ने सरकार से संबंधित आदेश पर शीघ्र अमल कराने की मांग की है, ताकि प्रभावित अभ्यर्थियों के मामले का समाधान हो सके।

यह मुद्दा शिक्षक भर्ती और आरक्षण से जुड़े अधिकारों के संदर्भ में उठाया गया है। पार्टी का कहना है कि संबंधित आयोग के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करना आवश्यक है और प्रभावित अभ्यर्थियों को नियमानुसार राहत मिलनी चाहिए।

धार्मिक स्थलों से जुड़ी कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा की मांग

ज्ञापन में इस्लामिक धर्मस्थलों से संबंधित एक अलग मांग भी रखी गई है। पार्टी ने सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद और मुरादाबाद की मुस्तफा मस्जिद सहित अन्य इस्लामिक धार्मिक स्थलों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की है।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि इन मामलों में राजनीतिक द्वेष के चलते सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों को अवैध बताकर कार्रवाई की जा रही है। हालांकि यह आरोप ज्ञापन में पार्टी की ओर से लगाया गया है। पार्टी ने मांग की है कि संबंधित कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा हो और हर कार्रवाई कानून तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही की जाए।

पार्टी ने धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार के भेदभाव की संभावना समाप्त किए जाने की मांग की है। इसके लिए उसने कानून और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।

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समयबद्ध समाधान की मांग

आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने ज्ञापन के अंत में सभी मुद्दों को जनहित, सामाजिक न्याय, कानून-व्यवस्था और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा बताया है। पार्टी ने संबंधित अधिकारियों से इन मांगों का शीघ्र संज्ञान लेने और आवश्यक कार्रवाई के साथ समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।

ज्ञापन में कहा गया है कि संबंधित मामलों पर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि उठाए गए मुद्दों पर कार्रवाई आगे बढ़ सके। दस्तावेज के अनुसार ज्ञापन की तारीख 16 सितंबर 2026 दर्ज है और स्थान जिला मुख्यालय अंकित किया गया है।

चार मुद्दों के जरिए सरकार के सामने रखी मांगें

इस चार सूत्रीय ज्ञापन में कानून-व्यवस्था, राजनीतिक प्रतिनिधि की सुरक्षा, पंचायत सहायकों की समस्याओं, शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़े प्रकरण और धार्मिक स्थलों से संबंधित कार्रवाई जैसे अलग-अलग विषय शामिल हैं। पार्टी ने सभी मामलों में संबंधित विभागों और अधिकारियों से नियमों के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

ज्ञापन का पहला हिस्सा गोंडा और अयोध्या में हुई हत्याओं तथा बाराबंकी में चंद्रशेखर आजाद के काफिले से जुड़ी शिकायत पर केंद्रित है। दूसरे हिस्से में पंचायत सहायकों की मांगों को उठाया गया है। तीसरे हिस्से में 68500 शिक्षक भर्ती के आरक्षण संबंधी प्रकरण और पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश के अनुपालन की मांग है। चौथे हिस्से में सहारनपुर और मुरादाबाद सहित अन्य इस्लामिक धार्मिक स्थलों से संबंधित कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की गई है।

पार्टी ने इन सभी मामलों को अलग-अलग विभागों और प्रशासनिक स्तरों से जुड़े विषय बताते हुए शीघ्र संज्ञान की मांग की है। अब इन मांगों पर संबंधित प्रशासनिक और सरकारी स्तर पर क्या कार्रवाई होती है, यह आगे की प्रक्रिया में स्पष्ट होगा।

रिपोर्ट — संजय सिंह राणा

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