इरफान अली लारी की रिपोर्ट
भाटपार रानी, देवरिया। भाटपार रानी उपनगर के बीचों-बीच स्थित विंध्यवासिनी कॉलोनी की बदहाल सड़क इन दिनों स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि सड़क और नाली निर्माण का काम शुरू होने के बाद कार्य अधूरा छोड़ दिया गया, जिसके कारण बरसात के मौसम में पूरी स्थिति और गंभीर हो गई है। जगह-जगह कीचड़, फिसलन और खराब रास्ते के कारण लोगों को घरों तक आने-जाने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, निर्माण कार्य शुरू हुए लगभग चार महीने बीत चुके हैं। इस दौरान नाली निर्माण का काम तो कराया गया, लेकिन इसके बाद सड़क को दुरुस्त करने की दिशा में अपेक्षित काम आगे नहीं बढ़ सका। बरसात शुरू होने के बाद अधूरी सड़क पर पानी और कीचड़ जमा होने से स्थिति और खराब हो गई। लोगों का कहना है कि सड़क की वर्तमान स्थिति ऐसी है कि पैदल चलना भी चुनौती बन गया है।
चार महीने से अधूरा पड़ा निर्माण कार्य
विंध्यवासिनी कॉलोनी के निवासियों का आरोप है कि कॉलोनी में विकास कार्य के नाम पर निर्माण शुरू कराया गया था, लेकिन काम को पूरा किए बिना ही छोड़ दिया गया। नाली निर्माण के बाद सड़क की स्थिति सुधारने का काम पूरा नहीं होने से स्थानीय लोगों को लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है।
कॉलोनीवासियों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से चल रहा था तो बरसात से पहले सड़क को आवागमन योग्य बनाने की व्यवस्था की जानी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं होने के कारण बरसात के दिनों में समस्या कई गुना बढ़ गई।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुबह से लेकर रात तक कॉलोनी की सड़क से होकर गुजरने वाले लोगों को संभलकर चलना पड़ता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी रास्ता जोखिम भरा हो गया है। कई स्थानों पर सड़क कीचड़ से भर जाने के कारण वाहन फिसलने की स्थिति बन जाती है।
फिसलकर गिर रहे लोग, चोटिल होने का दावा
कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि विंध्यवासिनी कॉलोनी की खराब सड़क के कारण कई लोग फिसलकर गिर चुके हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, बरसात के दौरान कीचड़ और पानी के बीच रास्ते की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में पैदल चलने वाले लोगों के साथ-साथ बाइक और स्कूटी सवारों को भी परेशानी होती है।
निवासियों का कहना है कि सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को होती है। घर से बाहर निकलने के बाद सड़क पार करना या मुख्य मार्ग तक पहुंचना कई बार मुश्किल हो जाता है। लोगों के मुताबिक, यदि समय रहते सड़क का निर्माण पूरा नहीं कराया गया तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है।
नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
विंध्यवासिनी कॉलोनी के लोगों ने निर्माण कार्य को लेकर नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि नगर क्षेत्र में विकास कार्य कराए जा रहे हैं, लेकिन कई स्थानों पर कार्य अधूरा दिखाई देता है। स्थानीय नागरिक चाहते हैं कि संबंधित अधिकारी मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति देखें और निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराने की दिशा में कार्रवाई करें।
लोगों का यह भी कहना है कि विकास कार्य केवल शुरू होना पर्याप्त नहीं है। जब तक सड़क, नाली और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े काम निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरे नहीं होते, तब तक उसका लाभ आम जनता को नहीं मिल सकता।
विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल
स्थानीय नागरिकों ने नगर में कराए जा रहे कुछ विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कुछ कार्य आधे-अधूरे तरीके से किए जा रहे हैं और कुछ कार्यों की गुणवत्ता की जांच की आवश्यकता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
कॉलोनी के लोगों का कहना है कि यदि किसी निर्माण कार्य को लेकर शिकायत सामने आती है तो संबंधित विभाग को मौके पर पहुंचकर उसकी तकनीकी जांच करानी चाहिए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और स्वीकृत योजना के अनुरूप हुआ है या नहीं।
व्यापार मंडल ने भी उठाया मामला
विंध्यवासिनी कॉलोनी और नगर के विकास कार्यों से जुड़े मुद्दे को व्यापार मंडल के पदाधिकारियों द्वारा भी जिला प्रशासन के समक्ष उठाए जाने की बात सामने आई है। व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र कुमार जायसवाल और जिला संगठन मंत्री देवेश गुप्ता ने इस मामले को जिलाधिकारी, देवरिया के समक्ष रखने की जानकारी दी है।
स्थानीय स्तर पर बताया गया है कि मामले को लेकर जांच या विवेचनात्मक प्रक्रिया चल रही है। यदि जांच होती है तो उसके निष्कर्ष सामने आने के बाद ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और उससे संबंधित आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बारिश में बढ़ी लोगों की परेशानी
बरसात ने विंध्यवासिनी कॉलोनी की समस्या को और बढ़ा दिया है। अधूरी सड़क पर बारिश का पानी और कीचड़ जमा होने से लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए भी कठिन रास्ते से गुजरना पड़ रहा है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि सामान्य दिनों में भी सड़क की स्थिति संतोषजनक नहीं थी, लेकिन बारिश के बाद आवागमन और मुश्किल हो गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण पूरा होने तक कम से कम ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए, जिससे लोगों को सुरक्षित आवागमन मिल सके। पानी की निकासी और सड़क को अस्थायी रूप से चलने योग्य बनाने की व्यवस्था भी की जा सकती है, ताकि लोगों को बरसात के दौरान परेशानी न हो।
जिम्मेदार अधिकारियों से जल्द कार्रवाई की मांग
कॉलोनीवासियों ने नगर पंचायत और जिला प्रशासन से मांग की है कि विंध्यवासिनी कॉलोनी की सड़क की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए। साथ ही अधूरे पड़े निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराया जाए और यदि निर्माण की गुणवत्ता को लेकर कोई शिकायत है तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए।
लोगों का कहना है कि शहरों और कस्बों में विकास का वास्तविक अर्थ तभी है, जब आम नागरिकों को सुरक्षित सड़क, जल निकासी और बेहतर आवागमन जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलें। लंबे समय तक किसी सड़क का निर्माण अधूरा रहने से जनता को सीधे तौर पर परेशानी उठानी पड़ती है।
विंध्यवासिनी कॉलोनी के निवासियों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन और नगर पंचायत इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मौके की स्थिति का जायजा लेंगे और आवश्यक कदम उठाएंगे। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अधूरी सड़क का निर्माण कब तक पूरा होता है और बरसात के कारण पैदा हुई समस्या से उन्हें कब राहत मिलती है।
कॉलोनीवासियों में कृष्ण जी चौरसिया, विनोद गुप्ता, पवन कुमार गुप्ता, राजन गुप्ता, कृष्ण जी गुप्ता, टिंकू वर्मा, राजेश बरनवाल, मारकंडे गुप्ता, प्रिंस गुप्ता, पंकज वर्मा, विनोद चौरसिया, मलूक सिंह, रमेश बरनवाल, दीपक बरनवाल, राजन मद्धेशिया, पिंटू बरनवाल, आशीष बरनवाल, संतोष मद्धेशिया, धर्मनाथ गुप्ता, मनीष गुप्ता सहित अन्य लोगों ने सड़क की बदहाली को लेकर रोष व्यक्त किया और समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की।

























