राज्यमंत्री के औचक निरीक्षण से स्वास्थ्य व्यवस्था में मचा हड़कंप, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सलेमपुर का निरीक्षण करते हुए, रिपोर्टर इरफान अली लारी के साथ तैयार फीचर इमेज।

सुनने के लिए यहां क्लिक करें

रिपोर्ट: इरफान अली लारी

सलेमपुर (देवरिया)। उत्तर प्रदेश सरकार आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में शुक्रवार की शाम प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सलेमपुर का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य विभाग में हलचल मचा दी। बिना किसी पूर्व सूचना के अस्पताल पहुंचीं राज्यमंत्री ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया और कई स्थानों पर मिली अनियमितताओं पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी अस्पतालों में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अस्पताल की व्यवस्थाओं का किया गहन निरीक्षण

राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने अस्पताल परिसर में प्रवेश करते ही सबसे पहले साफ-सफाई, वार्डों की स्थिति, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, दवा वितरण व्यवस्था, चिकित्सकों की उपलब्धता और कर्मचारियों की उपस्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न वार्डों में जाकर मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत की तथा उपचार की गुणवत्ता और अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल प्रशासन से कई महत्वपूर्ण अभिलेख भी तलब किए और व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों का उद्देश्य आम नागरिकों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

महिला वार्ड में मिली बड़ी लापरवाही, अधीक्षक को लगाई फटकार

निरीक्षण के दौरान महिला वार्ड की स्थिति देखकर राज्यमंत्री ने नाराजगी जताई। जहां तीन स्टाफ कर्मियों की ड्यूटी निर्धारित थी, वहां निरीक्षण के समय केवल एक कर्मचारी ही मौजूद मिला। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए उन्होंने तत्काल उपस्थिति रजिस्टर मंगवाया और संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया।

See also  भाजपा जिलाध्यक्ष का भाटपार रानी में भव्य स्वागत, कार्यकर्ताओं के सम्मान को बताया संगठन की प्राथमिकता

अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एस.के. राव को उन्होंने कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों की अनुपस्थिति सीधे मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित करती है, जिसे किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

इमरजेंसी वार्ड पहुंचकर मरीजों से की बातचीत

राज्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी वार्ड का भी जायजा लिया। उन्होंने वहां भर्ती मरीजों से बातचीत कर उपचार व्यवस्था की जानकारी ली और यह जानने का प्रयास किया कि अस्पताल में उन्हें समय पर इलाज और आवश्यक दवाएं मिल रही हैं या नहीं।

मरीजों से मिले फीडबैक के आधार पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को बिना किसी भेदभाव के समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

गंदगी देखकर जताई नाराजगी, साफ-सफाई के दिए सख्त निर्देश

अस्पताल परिसर और कुछ वार्डों में सफाई व्यवस्था संतोषजनक न मिलने पर राज्यमंत्री ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए अत्यंत आवश्यक होता है। अस्पतालों में गंदगी संक्रमण का कारण बन सकती है, इसलिए नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि अस्पताल परिसर, वार्ड, शौचालय तथा अन्य स्थानों की नियमित सफाई कराई जाए और स्वच्छता व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाए।

अंधेरे में मिला अस्पताल परिसर, तत्काल फोन कर दिए निर्देश

निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था न होने पर भी राज्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मौके से ही सलेमपुर नगर निकाय के अधिशासी अधिकारी को फोन कर अस्पताल परिसर में तत्काल समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

See also  भाजपा महामंत्री इंदु भूषण कुशवाहा को भावभीनी श्रद्धांजलि, कार्यकर्ताओं ने याद किए उनके संगठनात्मक योगदान

उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक संस्थान में अंधेरा रहना सुरक्षा की दृष्टि से भी उचित नहीं है। मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुविधा को देखते हुए प्रकाश व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए।

जनता की शिकायतों के आधार पर किया निरीक्षण

राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने निरीक्षण के दौरान कहा कि उन्हें लंबे समय से अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। उनके विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने भी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग की थी। इन्हीं शिकायतों और आमजन की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने औचक निरीक्षण करने का निर्णय लिया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निरीक्षण केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि व्यवस्थाओं में वास्तविक सुधार सुनिश्चित करने की पहल है। भविष्य में भी इसी प्रकार के औचक निरीक्षण किए जाते रहेंगे ताकि सरकारी योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सरकार प्रतिबद्ध

राज्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार चाहती है कि प्रत्येक सरकारी अस्पताल में समयबद्ध उपचार, पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता, स्वच्छ वातावरण और जिम्मेदार स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित हों।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल में जो भी कमियां चिन्हित हुई हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र दूर किया जाए। साथ ही नियमित निरीक्षण और निगरानी की व्यवस्था भी मजबूत बनाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी शिकायतों की पुनरावृत्ति न हो।

अधिकारियों और कर्मचारियों को दी जवाबदेही की सीख

निरीक्षण के दौरान राज्यमंत्री ने अस्पताल प्रशासन को यह भी स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी सेवा केवल नौकरी नहीं बल्कि जनसेवा का माध्यम है। प्रत्येक चिकित्सक, नर्स और कर्मचारी को अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करना चाहिए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

See also  बारिश के बीच डीएम का औचक निरीक्षण, पीएचसी और कस्तूरबा विद्यालय की व्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी

उन्होंने कहा कि मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार और समय पर उपचार उपलब्ध कराना प्रत्येक स्वास्थ्य कर्मी का नैतिक दायित्व है।

स्थानीय जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान राज्यमंत्री के साथ कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। इस अवसर पर विनोद ठठेरा, मीडिया प्रभारी राजीव मिश्रा, अनिल ठाकुर, वाचस्पति त्रिपाठी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए।

राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम का यह औचक निरीक्षण स्पष्ट संकेत देता है कि प्रदेश सरकार सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर है। निरीक्षण के दौरान जिन कमियों की पहचान हुई, उन्हें तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि इन निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन होता है तो निश्चित रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सलेमपुर की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार देखने को मिलेगा और क्षेत्र की जनता को अधिक बेहतर एवं भरोसेमंद चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

यायावर
Author: यायावर

यायावर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Read More

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें