बिजली विभाग के मीटर ऑपरेटरों की मांग पर सांसद रमाशंकर राजभर का भरोसा, संसद में आवाज उठाने का आश्वासन

सलेमपुर में बिजली विभाग के मीटर ऑपरेटर संघ के पदाधिकारी सांसद रमाशंकर राजभर को ज्ञापन सौंपते हुए, साथ में जनगणदूत रिपोर्टर इरफान अली लारी की तस्वीर

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इरफान अली लारी की रिपोर्ट 

देवरिया-सलेमपुर | देवरिया के सलेमपुर क्षेत्र में बिजली विभाग से जुड़े मीटर ऑपरेटरों ने अपनी वर्षों पुरानी सेवा और रोजगार से जुड़े सवाल को लेकर सांसद रमाशंकर राजभर से मुलाकात की. बड़ी संख्या में मीटर ऑपरेटरों ने सलेमपुर के हरैया स्थित सांसद के कैंप कार्यालय पहुंचकर उन्हें ज्ञापन सौंपा और आउटसोर्सिंग व्यवस्था में प्रस्तावित रोजगार के अवसरों में उन्हें शामिल किए जाने की मांग उठाई.

मीटर ऑपरेटरों का कहना है कि वे पिछले करीब दस वर्षों से बिजली विभाग के विभिन्न कार्यों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इसके बावजूद आउटसोर्सिंग के माध्यम से नौकरी देने की प्रक्रिया में उनके नाम या उनके जैसे लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों के लिए स्पष्ट स्थान दिखाई नहीं दे रहा है. ऑपरेटरों ने सांसद से आग्रह किया कि उनके अनुभव और वर्षों की सेवा को ध्यान में रखते हुए उन्हें भी प्रस्तावित व्यवस्था में शामिल कराने के लिए प्रभावी पहल की जाए.

दस वर्षों की सेवा के बाद भी रोजगार को लेकर असमंजस

मीटर ऑपरेटर संघ से जुड़े कर्मचारियों ने सांसद के समक्ष अपनी प्रमुख समस्या रखते हुए कहा कि उन्होंने लगातार कई वर्षों तक बिजली विभाग से संबंधित जिम्मेदारियां निभाई हैं. बिजली उपभोक्ताओं और विभाग के बीच मीटर से जुड़े कामों में मीटर ऑपरेटरों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है. इसके बावजूद भविष्य की रोजगार व्यवस्था को लेकर उनके बीच अनिश्चितता बनी हुई है.

ऑपरेटरों के मुताबिक, लंबे समय तक काम करने के बाद उन्हें यह उम्मीद थी कि नई आउटसोर्सिंग व्यवस्था में उनके अनुभव का लाभ मिलेगा और उन्हें रोजगार में प्राथमिकता या समुचित अवसर प्रदान किया जाएगा. लेकिन जब प्रस्तावित प्रक्रिया की जानकारी सामने आई तो कई पुराने ऑपरेटरों को अपने भविष्य को लेकर चिंता होने लगी.

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उनका कहना है कि यदि वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को ही नई व्यवस्था से बाहर कर दिया जाता है तो उनके सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है. इसी चिंता को लेकर संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ऑपरेटर सांसद के पास पहुंचे.

सांसद ने बिजली विभाग के अधिकारियों से की बातचीत

मीटर ऑपरेटर संघ के प्रतिनिधिमंडल से ज्ञापन लेने के बाद सांसद रमाशंकर राजभर ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुना. कर्मचारियों द्वारा रखे गए मुद्दे पर सांसद ने बिजली विभाग के संबंधित अधिकारी से बातचीत भी की.

सांसद ने ऑपरेटरों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांग को संबंधित अधिकारियों के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों की समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और इस मामले में नियमानुसार उचित रास्ता तलाशने की जरूरत है.

सांसद की ओर से यह भी आश्वासन दिया गया कि यदि आवश्यकता हुई तो मीटर ऑपरेटरों से जुड़े इस मुद्दे को संसद में भी उठाया जाएगा. इससे संघ के पदाधिकारियों में उम्मीद जगी है कि उनकी वर्षों पुरानी मांग को अब उच्च स्तर पर भी आवाज मिल सकती है.

आउटसोर्सिंग व्यवस्था में शामिल करने की मांग

मीटर ऑपरेटर संघ की मुख्य मांग यह है कि प्रस्तावित आउटसोर्सिंग व्यवस्था में उन कर्मचारियों को भी शामिल किया जाए जो लंबे समय से बिजली विभाग से संबंधित मीटर ऑपरेशन का काम करते आ रहे हैं.

ऑपरेटरों का तर्क है कि उनके पास इस काम का व्यावहारिक अनुभव है. क्षेत्र में मीटर संबंधी कार्य, उपभोक्ताओं से संपर्क और विभागीय प्रक्रियाओं की जानकारी के कारण वे इस काम की जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से समझते हैं. ऐसे में नए लोगों की नियुक्ति के बजाय वर्षों से काम कर रहे ऑपरेटरों के अनुभव का इस्तेमाल किया जाना चाहिए.

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संघ का कहना है कि उनकी मांग किसी विशेष सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके रोजगार और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ी हुई है. यदि आउटसोर्सिंग व्यवस्था में उन्हें स्थान मिलता है तो उन्हें अपनी आजीविका जारी रखने का अवसर मिलेगा और विभाग को भी अनुभवी कर्मचारियों की सेवाओं का लाभ मिल सकेगा.

कर्मचारियों ने सांसद के सामने रखी अपनी चिंता

ज्ञापन सौंपने के दौरान मीटर ऑपरेटरों ने अपनी समस्याओं और रोजगार से जुड़े सवालों को विस्तार से रखा. कर्मचारियों का कहना था कि उन्होंने वर्षों तक जिम्मेदारी के साथ काम किया है और अब जब नई व्यवस्था लागू होने की बात हो रही है तो उन्हें अपने भविष्य की चिंता सता रही है.

उन्होंने सांसद से आग्रह किया कि सरकार और बिजली विभाग के स्तर पर इस विषय को उठाया जाए तथा लंबे समय से कार्यरत मीटर ऑपरेटरों को नई आउटसोर्सिंग प्रक्रिया में उचित अवसर दिलाने के लिए आवश्यक पहल की जाए.

ऑपरेटरों का मानना है कि यदि सरकार और विभाग उनके अनुभव को प्राथमिकता देते हैं तो यह वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों के लिए राहत की बात होगी. साथ ही इससे उनके सामने उत्पन्न रोजगार संबंधी अनिश्चितता भी कम हो सकती है.

संसद में मुद्दा उठाने के आश्वासन से बढ़ी उम्मीद

सांसद रमाशंकर राजभर की ओर से संसद में सवाल उठाने के आश्वासन को मीटर ऑपरेटर संघ ने महत्वपूर्ण माना है. संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर अपनी समस्या रखने के बाद अब उन्हें उम्मीद है कि यह मामला संबंधित विभाग और उच्च स्तर के अधिकारियों तक भी पहुंचेगा.

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हालांकि, कर्मचारियों की मांग पर अंतिम निर्णय संबंधित विभाग और सरकार की नीति एवं नियमों के आधार पर ही होगा. ऐसे में अब मीटर ऑपरेटरों की नजर इस बात पर रहेगी कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था में उनके लिए क्या प्रावधान किए जाते हैं और लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों के अनुभव को कितना महत्व दिया जाता है.

यह मामला केवल एक समूह के रोजगार का सवाल नहीं बल्कि उन हजारों आउटसोर्स और संविदा कर्मियों की व्यापक चिंता से भी जुड़ता है जो वर्षों से विभिन्न सरकारी विभागों से जुड़े कार्य करते आ रहे हैं. नई व्यवस्था लागू होने के दौरान पुराने कर्मचारियों के अनुभव, रोजगार की निरंतरता और पारदर्शी चयन प्रक्रिया जैसे सवाल महत्वपूर्ण हो जाते हैं.

संघ पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने के दौरान मीटर ऑपरेटर संघ के अध्यक्ष सूरज गौण सहित रत्नेश, बब्लू उपाध्याय, बबलू अहमद, निलेश यादव और शुभम पांडेय समेत कई पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.

इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि रामप्रकाश यादव, सांसद मीडिया प्रभारी मंजूर आलम, हरेराम यादव, अध्यक्ष नागेंद्र पासवान, योगेश यादव, सभासद दीनानाथ राजभर, सूर्यदेव यादव, अरशद खान, आरिफ अंसारी, गुफरान खां, वीरेंद्र प्रजापति सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे.

मीटर ऑपरेटर संघ ने सांसद के आश्वासन के बाद उम्मीद जताई कि उनकी मांग को विभागीय स्तर पर गंभीरता से लिया जाएगा और वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों के हित में कोई सकारात्मक रास्ता निकलेगा. अब देखना होगा कि बिजली विभाग और शासन स्तर पर इस मांग को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं.

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Author: यायावर

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