ठाकुर बख्श सिंह की रिपोर्ट
देशभर में मानसून का असर लगातार तेज होता जा रहा है। सावन के महीने में आसमान पर घने बादलों का डेरा है और कई राज्यों में बारिश, आंधी, गरज-चमक तथा बिजली गिरने का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 13 अगस्त को देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ सकता है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पूर्वी भारत के कई इलाकों में तेज बारिश के साथ हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है।
मौसम की यह करवट सिर्फ गर्मी से राहत देने वाली बारिश तक सीमित नहीं है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं, आकाशीय बिजली, जलभराव, पेड़ गिरने और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में बारिश के दौरान सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। खासकर पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने वालों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
16 राज्यों में बारिश और आंधी का असर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 13 अगस्त को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और खराब मौसम का असर देखने को मिल सकता है।
कई जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम के इस बदलाव का सबसे अधिक असर खुले क्षेत्रों, ग्रामीण इलाकों, खेतों, निर्माण स्थलों और यातायात पर पड़ सकता है।
पूर्वी और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम भी बना हुआ है। इसलिए किसानों, खेतों में काम करने वाले मजदूरों, खुले में रहने वाले लोगों और मछुआरों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
दिल्ली में बादल, बारिश और तेज हवाओं का दौर
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी 13 अगस्त को मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है। दिनभर बादलों की आवाजाही के साथ गरज-चमक और बारिश देखने को मिल सकती है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं भी परेशान कर सकती हैं।
दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। उमस और गर्मी के बीच बारिश होने से तापमान में अस्थायी गिरावट आ सकती है, लेकिन जलभराव और यातायात की समस्या कई इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।
बारिश के दौरान वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। तेज बारिश में दृश्यता कम होने के कारण अचानक ब्रेक लगाने या तेज गति से वाहन चलाने से दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।
उत्तर प्रदेश में कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता कई इलाकों में दिखाई दे सकती है। पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बारिश के साथ तेज हवाओं और गरज-चमक का असर रहने की संभावना है।
गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, कानपुर, झांसी, बहराइच, गोंडा, अंबेडकर नगर, आजमगढ़, मिर्जापुर, जौनपुर, गोरखपुर, महाराजगंज, संतकबीरनगर, सोनभद्र और मऊ समेत कई जिलों में मौसम खराब हो सकता है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में तेज हवाओं और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। लखनऊ में अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
बारिश के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों, पुराने पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचना चाहिए। खेतों में काम करने वाले लोगों को आकाशीय बिजली की स्थिति में खुले स्थान पर रहने से बचना जरूरी है।
बिहार में भी बरसेंगे बादल, कई जिलों में मौसम खराब
बिहार में भी 13 अगस्त को मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। राज्य के कई जिलों में बारिश के साथ आंधी और गरज-चमक का असर देखने को मिल सकता है।
गया, जहानाबाद, पटना, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, बेगूसराय, सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, खगड़िया और मुंगेर में बारिश और तेज हवाओं का दौर रह सकता है।
पटना में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। कई स्थानों पर बादलों की तेज गर्जना के साथ अचानक बारिश हो सकती है।
बिहार के निचले इलाकों में लगातार बारिश होने पर जलभराव की स्थिति भी बन सकती है। इसलिए लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।
उत्तराखंड में भारी बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड में मानसून के दौरान पहाड़ों पर मौसम का मिजाज तेजी से बदलता है। बागेश्वर, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल और ऋषिकेश समेत कई इलाकों में बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
13 अगस्त के बाद 14 अगस्त को भी कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश का खतरा बताया गया है। ऐसे में पहाड़ी सड़कों पर सफर करने वालों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
भारी बारिश के दौरान पहाड़ों से पत्थर गिरने, सड़क धंसने और भूस्खलन की घटनाएं सामने आ सकती हैं। नदियों और बरसाती नालों के आसपास जाना भी जोखिम भरा हो सकता है।
देहरादून में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
हिमाचल प्रदेश में भी मौसम का रौद्र रूप
हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कुल्लू, मंडी, चंबा, सोलन, कांगड़ा, बिलासपुर, सिरमौर, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और ऊना में मौसम खराब रहने का अनुमान है।
14 अगस्त को कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश की आशंका भी बताई गई है। ऐसे में पर्यटकों और स्थानीय लोगों को नदी-नालों तथा संवेदनशील पहाड़ी मार्गों से दूरी बनाए रखनी चाहिए।
मनाली में तापमान करीब 18 से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
जम्मू-कश्मीर में भी गरज-चमक के साथ बारिश
जम्मू-कश्मीर के डोडा, राजौरी, पुंछ, बारामूला, कठुआ, अनंतनाग, सांबा और किश्तवाड़ में भी आंधी-तूफान के साथ बारिश हो सकती है।
पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम अचानक बदलने के कारण स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना जरूरी है। श्रीनगर में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।
बारिश के दौरान संवेदनशील ढलानों और जलधाराओं के पास जाने से बचना लोगों के लिए सुरक्षित विकल्प होगा।
झारखंड में भी बारिश और आंधी का असर
झारखंड के साहिबगंज, दुमका, जामताड़ा, जमशेदपुर, सरायकेला, खूंटी, गुमला, रांची, पलामू, रामगढ़ और चतरा में बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है।
रांची में तापमान करीब 28 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। बादलों की आवाजाही के बीच बारिश होने से मौसम सुहावना हो सकता है, लेकिन तेज हवाओं और बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए खुले इलाकों में सावधानी जरूरी है।
पश्चिम बंगाल और पंजाब में भी बारिश की दस्तक
पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर, हावड़ा, कोलकाता, मालदा, हुगली, दार्जिलिंग, नादिया, उत्तर 24 परगना, जलपाईगुड़ी और मुर्शिदाबाद में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।
दूसरी ओर पंजाब के पठानकोट, पटियाला, गुरदासपुर, चंडीगढ़, बरनाला, जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, मोगा और होशियारपुर में भी मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आ सकती है।
राजस्थान में भी कई जिलों में बारिश का दौर
राजस्थान को आमतौर पर गर्म और शुष्क मौसम के लिए जाना जाता है, लेकिन मानसून के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होती है। 13 अगस्त को उदयपुर, पाली, जयपुर, अजमेर, भरतपुर, सवाई माधोपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, सिरोही, कोटा, बारां और टोंक में बारिश की संभावना है।
जयपुर में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
मध्य प्रदेश में भी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान
मध्य प्रदेश के कई जिलों में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। भोपाल, इंदौर, खंडवा, गुना, मुरैना, श्योपुर, झाबुआ, अलीराजपुर, देवास, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, शहडोल, सतना, उमरिया, सीधी, अनूपपुर और पन्ना में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
भोपाल में अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
देश के प्रमुख शहरों में तापमान का अनुमान
| शहर | अधिकतम तापमान | न्यूनतम तापमान |
|---|---|---|
| दिल्ली | 36°C | 29°C |
| मुंबई | 29°C | 27°C |
| चेन्नई | 36°C | 29°C |
| कोलकाता | 30°C | 27°C |
| लखनऊ | 35°C | 28°C |
| पटना | 34°C | 28°C |
| रांची | 28°C | 23°C |
| भोपाल | 28°C | 24°C |
| जयपुर | 33°C | 26°C |
| शिमला | 27°C | 21°C |
| नैनीताल | 27°C | 22°C |
आकाशीय बिजली से बचाव सबसे जरूरी
बारिश के साथ आकाशीय बिजली का खतरा बेहद गंभीर होता है। इसलिए गरज-चमक शुरू होते ही खुले मैदान, खेत, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभे और अकेली ऊंची संरचनाओं से दूरी बनाना जरूरी है।
यदि कोई व्यक्ति खुले क्षेत्र में है और अचानक बिजली चमकने लगे, तो सुरक्षित पक्की इमारत में जाना बेहतर है। पेड़ के नीचे खड़े होकर बारिश से बचने की कोशिश करना खतरनाक साबित हो सकता है।
बारिश में सफर करने वालों को विशेष सावधानी
मानसून के दौरान सड़क पर निकलने से पहले मौसम की स्थिति और स्थानीय प्रशासन की चेतावनी जरूर देखनी चाहिए। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा टालना बेहतर है। नदी, नाले या पुल पर पानी बह रहा हो तो उसे पार करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
शहरी इलाकों में भी जलभराव वाले रास्तों से वाहन निकालना जोखिम भरा हो सकता है। तेज हवाओं के दौरान वाहन बड़े पेड़ों, होर्डिंग्स और कमजोर ढांचों के नीचे खड़ा करने से बचना चाहिए।
किसानों के लिए भी मौसम का संदेश
बारिश खेती के लिए राहत लेकर आती है, लेकिन तेज हवा और आकाशीय बिजली किसानों के लिए जोखिम पैदा कर सकती है। खेत में काम करते समय यदि अचानक गरज-चमक शुरू हो जाए तो सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए।
मछुआरों को भी खराब मौसम के दौरान जलाशयों, नदियों और अन्य जल क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए। मौसम की चेतावनी को केवल सामान्य सूचना समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
सावन की बारिश राहत भी, चुनौती भी
मानसून देश की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बारिश से खेतों को पानी मिलता है, जलाशयों का स्तर बढ़ता है और गर्मी से राहत मिलती है। लेकिन जब बारिश बहुत तेज हो जाए या कम समय में अत्यधिक पानी गिर जाए, तो यही बारिश जलभराव, बाढ़, भूस्खलन और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है।
इसलिए सावन की बारिश का आनंद लेते हुए सावधानी को प्राथमिकता देना जरूरी है। खासकर मौसम विभाग की चेतावनी वाले क्षेत्रों में लोगों को अनावश्यक जोखिम लेने से बचना चाहिए।
बादल गरजें तो चेतावनी को गंभीरता से लें
13 अगस्त को देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। कहीं तेज बारिश होगी तो कहीं आंधी और बिजली का खतरा रहेगा। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और रास्ते बाधित होने की आशंका अलग से बनी हुई है।
ऐसे में सबसे जरूरी है कि लोग स्थानीय मौसम चेतावनी पर नजर रखें, खराब मौसम में सुरक्षित स्थान पर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें। मौसम कब करवट बदल ले, इसका भरोसा नहीं। सावन में बादल राहत की खबर भी ला सकते हैं और खतरे का संकेत भी—इसलिए आसमान का मिजाज समझना और समय रहते सावधान होना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

























