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अगले 6 दिन ‘आफत की बारिश’ : IMD के ऑरेंज अलर्ट से मचा हड़कंप, इन जिलों पर मंडराया सबसे बड़ा खतरा

19 से 22 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी, तापमान में 4 से 6 डिग्री तक गिरावट के आसार, प्रशासन और किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी

रिपोर्ट: चुन्नीलाल प्रधान

उत्तर प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है और आने वाले छह दिन प्रदेशवासियों के लिए राहत के साथ बड़ी चुनौती भी लेकर आ रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के क्षेत्रीय मौसम केंद्र, लखनऊ ने 18 से 23 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक वर्षा का पूर्वानुमान जारी करते हुए 19 से 22 जुलाई के बीच कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। मौसम विभाग का कहना है कि कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जिससे जलभराव, यातायात बाधित होने, नदियों के जलस्तर में वृद्धि और वज्रपात जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए मजबूत निम्न दबाव क्षेत्र के कारण उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां अचानक तेज हो गई हैं। इसी वजह से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम ने बदला मौसम का रुख

आईएमडी के अनुसार उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तरी ओडिशा की ओर बढ़ रहा है। इस सिस्टम के प्रभाव से मानसूनी ट्रफ दक्षिण की ओर खिसक रही है, जिससे उत्तर प्रदेश में नमी तेजी से बढ़ रही है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यही सिस्टम अगले कई दिनों तक प्रदेश में व्यापक वर्षा का प्रमुख कारण बनेगा। इसके प्रभाव से पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश की गतिविधियां लगातार बनी रहेंगी।

उमस से मिलेगी राहत, तापमान में होगी बड़ी गिरावट

पिछले कई दिनों से उमस भरी गर्मी झेल रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले तीन से चार दिनों में अधिकतम तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। लगातार बादल छाए रहने और बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, हालांकि अधिक नमी के कारण कुछ क्षेत्रों में हल्की उमस बनी रह सकती है।

इन जिलों पर सबसे ज्यादा खतरा, 19 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

19 जुलाई को पूर्वी उत्तर प्रदेश के बलिया, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर और बलरामपुर में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।

इसके अलावा अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, अयोध्या, बाराबंकी, सुल्तानपुर और आजमगढ़ सहित अनेक जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

20 जुलाई को इन इलाकों में बढ़ेगा खतरा

20 जुलाई को भी बारिश का असर कम होने के बजाय और अधिक बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं में बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।

वहीं प्रयागराज, वाराणसी, चित्रकूट, बांदा, गोंडा, बलरामपुर, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, अयोध्या, अमरोहा और संभल सहित कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

21 जुलाई को भी नहीं मिलेगी राहत

मौसम विभाग का कहना है कि 21 जुलाई को भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्र में बारिश का प्रकोप जारी रहेगा। सोनभद्र, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में अत्यधिक वर्षा होने का अनुमान है।

इसके अलावा लखनऊ, कानपुर, इटावा, फिरोजाबाद, आगरा, झांसी, अमरोहा, संभल और बुंदेलखंड के कई जिलों में भी भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

जलभराव, बाढ़ जैसे हालात और बिजली गिरने का खतरा

भारी बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी है। लगातार वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है। नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है।

सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने, कमजोर मकानों को नुकसान पहुंचने तथा बिजली आपूर्ति बाधित होने की भी आशंका जताई गई है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी बनी हुई है।

लोगों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा करने से बचें। जलभराव वाले रास्तों से दूर रहें और तेज बारिश या बिजली चमकने के समय खुले मैदान तथा पेड़ों के नीचे खड़े न हों।

बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह भी दी गई है।

किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह

लगातार बारिश को देखते हुए किसानों से कहा गया है कि धान, गन्ना, मक्का, अरहर, मूंग, उड़द, तिल, मूंगफली और सब्जियों के खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करें।

मौसम विभाग ने सलाह दी है कि लगातार वर्षा के दौरान नाइट्रोजन उर्वरकों का प्रयोग फिलहाल टाल दें। साथ ही फसलों में रोग और कीटों की नियमित निगरानी करें तथा बागवानी फसलों को सहारा देकर सुरक्षित रखें।

अब तक कम रही बारिश, लेकिन जल्द पूरी हो सकती है कमी

आईएमडी के अनुसार 17 जुलाई तक उत्तर प्रदेश में सामान्य से लगभग 29 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 42 प्रतिशत कम और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में करीब 5 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले छह दिनों तक सक्रिय रहने वाला मानसून वर्षा की इस कमी को काफी हद तक पूरा कर सकता है। इससे खरीफ फसलों, जलाशयों और भूजल स्तर को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

राहत भी, चुनौती भी

विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश जहां एक ओर भीषण उमस और गर्मी से राहत दिलाएगी, वहीं दूसरी ओर कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त भी कर सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट पर लगातार नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है।

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