कहीं बारिश, कहीं ओले, कहीं तूफान : इस सप्ताह बदलेगा मौसम का मिजाज, कई राज्यों में अलर्ट जारी
चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट
देशभर में जून के पहले सप्ताह की शुरुआत मौसम के कई रंगों के साथ होने जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उत्तर, पूर्वोत्तर, मध्य और दक्षिण भारत के अनेक राज्यों में तेज आंधी, गरज-चमक, भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। कई क्षेत्रों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है, जबकि कुछ स्थानों पर यह गति 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
देशभर में सक्रिय हैं कई मौसमी प्रणालियां
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान समय में देश के विभिन्न हिस्सों में एक साथ कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। इन्हीं के संयुक्त प्रभाव के कारण अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल रहा है। कहीं तेज बारिश हो रही है तो कहीं धूल भरी आंधियां चल रही हैं। कई स्थानों पर बिजली गिरने और ओलावृष्टि की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। यह प्रणाली उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित कर रही है। इसके अलावा पूर्वी भारत, मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों के ऊपर भी चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जिससे व्यापक स्तर पर बारिश और तूफानी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
उत्तर भारत में बारिश और तेज हवाओं का असर
उत्तर भारत के राज्यों में आने वाले दिनों में मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। ऊंचाई वाले इलाकों में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है।
मैदानी क्षेत्रों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आंधी के दौरान पेड़ गिरने, बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने तथा यातायात प्रभावित होने जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। हालांकि गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं चिंता का विषय बनी रहेंगी।
पूर्वी भारत में भी सक्रिय रहेगा मौसम
पूर्वी भारत के कई राज्यों में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण कई जिलों में तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार इन राज्यों में 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में हवाओं की गति इससे भी अधिक हो सकती है। किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है क्योंकि तेज हवाओं और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्वी भारत में बनने वाली यह मौसमी प्रणाली आने वाले कुछ दिनों तक सक्रिय रह सकती है, जिसके कारण कई जिलों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान
पूर्वोत्तर भारत इस सप्ताह सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हो सकता है। मौसम विभाग ने असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
दक्षिणी असम और आसपास के क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण बादलों का घना जमाव लगातार बना हुआ है। इससे कई स्थानों पर जलभराव, भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की संभावना बढ़ गई है।
स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है क्योंकि लगातार बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
मध्य भारत में भी आंधी और बारिश के आसार
दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण का प्रभाव मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में दिखाई देगा। मौसम विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश हो सकती है।
कई जिलों में तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को कटाई और भंडारण से जुड़े कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी है ताकि मौसम की मार से नुकसान कम किया जा सके। मध्य भारत में पिछले कुछ दिनों से तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ था, लेकिन बारिश के कारण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
दक्षिण भारत में भी बरसेंगे बादल
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी इस सप्ताह बारिश का दौर जारी रह सकता है। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के विभिन्न क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है।
विशेष रूप से केरल और तटीय कर्नाटक में भारी बारिश के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग ने समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को सावधानी बरतने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है।
केरल में मानसून की दस्तक का इंतजार
देशभर की निगाहें इस समय दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति पर टिकी हुई हैं। मौसम विभाग के अनुसार मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां लगातार अनुकूल बनी हुई हैं और अगले एक-दो दिनों में इसके केरल तट पर पहुंचने की प्रबल संभावना है।
यदि मानसून निर्धारित समय के आसपास केरल पहुंचता है तो यह कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत माना जाएगा। किसानों को खरीफ फसलों की तैयारी में मदद मिलेगी और जलाशयों में भी पानी की उपलब्धता बढ़ेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की समय पर शुरुआत देश की अर्थव्यवस्था और कृषि उत्पादन दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है।
3 जून से फिर सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि 3 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इसके प्रभाव से 3 से 5 जून के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फिर से आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रणाली कई स्थानों पर तेज तूफानी हवाएं लेकर आ सकती है। इसलिए लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
लोगों के लिए क्या है सलाह?
मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचने, बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है। किसानों को भी अपनी फसलों और कृषि उपकरणों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
यात्रा करने वाले लोगों को मौसम पूर्वानुमान की जानकारी लेते रहने और आवश्यक होने पर ही लंबी दूरी की यात्रा करने की सलाह दी गई है। प्रशासनिक एजेंसियों को भी आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जून के पहले सप्ताह में देश का मौसम बेहद सक्रिय रहने वाला है। उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ, पूर्वी और मध्य भारत में चक्रवाती परिसंचरण तथा पूर्वोत्तर क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना के कारण कई राज्यों में मौसम तेजी से करवट ले सकता है। कहीं तेज बारिश होगी, कहीं ओलावृष्टि देखने को मिलेगी और कई क्षेत्रों में तूफानी हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना और सतर्कता बरतना ही सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी उपाय होगा।
मौसम अलर्ट: सवाल-जवाब
इस सप्ताह मौसम क्यों बदला हुआ रहेगा?
देश के कई हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं, जिनके कारण बारिश, आंधी, गरज-चमक और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है।
किन राज्यों में बारिश और तूफान का अलर्ट है?
उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।
हवाओं की रफ्तार कितनी हो सकती है?
कई क्षेत्रों में हवाएं 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं, जबकि कुछ स्थानों पर यह गति 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
ओलावृष्टि की संभावना कहां है?
उत्तर-पश्चिम भारत, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और पहाड़ी राज्यों के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
खराब मौसम में खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। बिजली चमकने पर सुरक्षित स्थान पर रहें और अनावश्यक यात्रा से परहेज करें।








