सदानंद इंगिली की रिपोर्ट
सिरोंचा : सिरोंचा तहसील में धान उत्पादक किसानों के प्रतिनिधियों ने सरकारी धान खरीदी की प्रति एकड़ निर्धारित सीमा बढ़ाकर 20 क्विंटल करने की मांग की है। इस संबंध में तहसीलदार, सिरोंचा के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में सिरोंचा धान खरीदी सीमा की मौजूदा व्यवस्था पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया गया है। प्रतिनिधियों का कहना है कि क्षेत्र में धान प्रमुख फसलों में शामिल है और उन्नत किस्मों के उपयोग से कई किसानों को प्रति एकड़ अपेक्षाकृत अधिक उत्पादन प्राप्त हो रहा है।
प्रति एकड़ 12.60 क्विंटल की मौजूदा खरीदी सीमा का मुद्दा
ज्ञापन के अनुसार, वर्तमान में सरकारी खरीदी केंद्रों पर प्रति एकड़ 12.60 क्विंटल तक धान खरीदी की सीमा लागू है। किसानों के प्रतिनिधियों का कहना है कि उन्नत बीज और कृषि पद्धतियों के उपयोग से कुछ क्षेत्रों में प्रति एकड़ धान उत्पादन 22 से 28 क्विंटल तक पहुंच रहा है।
ऐसी स्थिति में उत्पादन का एक हिस्सा सरकारी खरीदी केंद्रों के माध्यम से बेचा जा सकता है, जबकि शेष उपज के विपणन के लिए किसानों को अन्य विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ता है।
प्रतिनिधियों ने ज्ञापन में कहा कि अतिरिक्त धान को खुले बाजार या निजी व्यापारियों के माध्यम से बेचना पड़ सकता है। बाजार मूल्य में उतार-चढ़ाव की स्थिति में किसानों को अपनी उपज का अपेक्षित मूल्य नहीं मिल पाने की संभावना रहती है। इसी आधार पर सिरोंचा धान खरीदी सीमा बढ़ाने की मांग रखी गई है।
प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदी की मांग
किसानों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से सिरोंचा तहसील में प्रति एकड़ धान खरीदी की सीमा 12.60 क्विंटल से बढ़ाकर 20 क्विंटल करने पर विचार करने का अनुरोध किया है।
उनका कहना है कि यदि धान खरीदी सीमा में वृद्धि होती है तो अधिक उत्पादन करने वाले किसानों को अपनी उपज का बड़ा हिस्सा सरकारी खरीदी व्यवस्था के तहत बेचने का अवसर मिल सकता है।
हालांकि, खरीदी सीमा में किसी भी बदलाव का निर्णय राज्य सरकार की नीति और संबंधित विभागों द्वारा उपलब्ध परिस्थितियों तथा नियमों के आधार पर लिया जाएगा।
ज्ञापन में पड़ोसी राज्यों की व्यवस्था का उल्लेख
ज्ञापन में पड़ोसी राज्यों में लागू धान खरीदी व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया है। प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदी की व्यवस्था होने का संदर्भ दिया है।
इसके साथ ही तेलंगाना में धान खरीदी से संबंधित किसानों को उपलब्ध सुविधाओं का उल्लेख करते हुए सिरोंचा तहसील की परिस्थितियों के अनुरूप खरीदी सीमा की समीक्षा करने की मांग की गई है।
ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों की कृषि व्यवस्था और धान उत्पादन की परिस्थितियों का अध्ययन करते हुए सिरोंचा के किसानों के लिए भी उचित निर्णय लिया जाना चाहिए।
सिरोंचा तहसील में धान है महत्वपूर्ण फसल
सिरोंचा तहसील में धान की खेती कृषि गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। क्षेत्र के अनेक किसान खरीफ मौसम में धान की खेती करते हैं और फसल की बिक्री से होने वाली आय उनकी कृषि अर्थव्यवस्था से जुड़ी रहती है।
किसानों के प्रतिनिधियों के अनुसार, बेहतर बीज, कृषि तकनीक और खेती के तरीकों में बदलाव के कारण उत्पादन में वृद्धि देखने को मिली है। इसी को देखते हुए उन्होंने सरकारी धान खरीदी की सीमा की समीक्षा करने की मांग की है।
सिरोंचा धान खरीदी सीमा बढ़ाने की मांग को किसानों ने उत्पादन और विपणन से जुड़े मुद्दे के रूप में सरकार के समक्ष रखा है।
सरकार से नीति पर विचार करने का अनुरोध
ज्ञापन में मुख्यमंत्री से सिरोंचा तहसील की धान खरीदी व्यवस्था की समीक्षा करने का अनुरोध किया गया है। प्रतिनिधियों ने मांग की है कि यदि प्रशासनिक और नीतिगत रूप से संभव हो तो प्रति एकड़ 20 क्विंटल तक धान खरीदी की व्यवस्था लागू करने पर विचार किया जाए।
फिलहाल, किसानों के प्रतिनिधियों ने अपनी मांग तहसीलदार के माध्यम से राज्य सरकार तक पहुंचाई है। इस ज्ञापन पर शासन और संबंधित विभागों की ओर से आगे क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर क्षेत्र के किसानों की नजर रहेगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ये लोग रहे उपस्थित
ज्ञापन सौंपने के अवसर पर राष्ट्रीय किसान परिषद के सिरोंचा तहसील उपाध्यक्ष रजबापू नुकूम, अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के सिरोंचा तहसील अध्यक्ष सदानंद येलय्या इंगिली तथा गडचिरोली जिला कार्याध्यक्ष नरसिंग सिलवेरी उपस्थित रहे। इसके अलावा साई तल्ला, अशोक इंगिली, वेंकन्ना भीमकरी, राजू रापेली और राजशेखर भीमकरी भी इस दौरान मौजूद रहे।
धान खरीदी सीमा पर सरकार के निर्णय का इंतजार
सिरोंचा तहसील के किसानों के प्रतिनिधियों द्वारा धान खरीदी सीमा बढ़ाने की मांग अब प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार तक पहुंचा दी गई है। ज्ञापन में मौजूदा 12.60 क्विंटल प्रति एकड़ सीमा को बढ़ाकर 20 क्विंटल करने की मांग रखी गई है।
अब इस विषय पर राज्य सरकार और संबंधित विभागों की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, यह आगे स्पष्ट होगा। फिलहाल सिरोंचा धान खरीदी सीमा को लेकर किसानों की मांग क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

























