ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले ग्राम रोजगार सेवकों ने अपनी लंबित मांगों और समस्याओं को लेकर एक बार फिर संगठित स्वर बुलंद किया है। प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर आयोजित इस अभियान के तहत उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जनप्रतिनिधियों के माध्यम से शासन तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए मानदेय, सेवा सुरक्षा और अन्य लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की। संघ का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, विकास योजनाओं के संचालन और सरकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके बावजूद उनकी समस्याओं पर अपेक्षित गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
ग्राम रोजगार सेवकों ने उठाए लंबे समय से लंबित मुद्दे
संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि ग्राम रोजगार सेवक वर्षों से विभिन्न प्रशासनिक और वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ग्रामीण स्तर पर सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए वे लगातार कार्य करते हैं, लेकिन उनके मानदेय, सेवा शर्तों और कार्यस्थल से जुड़ी कई समस्याएं अब तक समाधान की प्रतीक्षा में हैं। ज्ञापन के माध्यम से इन सभी मुद्दों को विस्तार से उठाया गया और सरकार से सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई गई।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ग्राम रोजगार सेवक केवल एक कर्मचारी की भूमिका तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे ग्रामीण विकास व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। मनरेगा सहित अनेक योजनाओं के संचालन में उनकी जिम्मेदारी प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी रहती है। गांवों में विकास कार्यों की निगरानी, श्रमिकों के पंजीकरण, योजनाओं के प्रचार-प्रसार और प्रशासनिक समन्वय जैसे कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती है।
ज्ञापन के माध्यम से शासन तक पहुंचाई गई आवाज
प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा के जिला कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक काली प्रसाद को सौंपा। ज्ञापन में ग्राम रोजगार सेवकों की विभिन्न मांगों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि यदि इन समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित होगा बल्कि योजनाओं के प्रभावी संचालन पर भी असर पड़ सकता है।
संघ के पदाधिकारियों ने मांग की कि ग्राम रोजगार सेवकों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप सम्मानजनक मानदेय दिया जाए तथा सेवा संबंधी अन्य समस्याओं का भी स्थायी समाधान निकाला जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश भर में कार्यरत हजारों ग्राम रोजगार सेवक लंबे समय से अपनी मांगों को विभिन्न माध्यमों से उठा रहे हैं और अब सरकार से ठोस निर्णय की अपेक्षा है।
ग्रामीण विकास की रीढ़ बताए गए ग्राम रोजगार सेवक
संघ के नेताओं का कहना है कि ग्रामीण विकास योजनाओं की सफलता में ग्राम रोजगार सेवकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। गांवों में रोजगार उपलब्ध कराने, विकास कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करने और लाभार्थियों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने में उनका योगदान निरंतर बना रहता है। इसके बावजूद उनके सामने आर्थिक और प्रशासनिक कठिनाइयां बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में ग्राम रोजगार सेवक एक सेतु का कार्य करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक जरूरतों और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करने में भी उनकी भूमिका अहम होती है। इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान केवल कर्मचारियों के हित का विषय नहीं है, बल्कि ग्रामीण विकास व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने का भी प्रश्न है।
प्रतिनिधिमंडल को मिला सकारात्मक आश्वासन
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक काली प्रसाद ने प्रतिनिधिमंडल की बात को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि ग्राम रोजगार सेवकों की मांगों और समस्याओं को संबंधित स्तर तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही यह भी कहा कि जनहित और विकास कार्यों से जुड़े विषयों पर सकारात्मक संवाद आवश्यक है और कर्मचारियों की जायज समस्याओं के समाधान के लिए उचित प्रयास किए जाने चाहिए।
संघ पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि शासन और प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करेगा। उनका कहना है कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान हो जाता है तो इससे ग्रामीण विकास योजनाओं के संचालन में और अधिक दक्षता आएगी तथा कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ेगा।
लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा संघर्ष
संघ ने स्पष्ट किया कि उनकी सभी मांगें कर्मचारियों के हितों और ग्रामीण विकास व्यवस्था की मजबूती से जुड़ी हुई हैं। पदाधिकारियों ने कहा कि वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे। संगठन का उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं बल्कि संवाद और समाधान है। इसी भावना के साथ विभिन्न स्तरों पर जनप्रतिनिधियों और शासन-प्रशासन से संपर्क किया जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश प्रवक्ता एवं जिलाध्यक्ष अरुण कुमार मिश्र, प्रदेश सचिव ब्रह्मदेव मिश्र, जिला सह मीडिया प्रभारी किरण कुमार निराला, देवरिया सदर ब्लॉक अध्यक्ष सर्वेश कुमार भारती, ब्लॉक मंत्री हरिप्रताप शर्मा, बबलू प्रसाद, जय सिंह राजपूत, देवेंद्र शर्मा, पल्लू यादव सहित अनेक पदाधिकारी एवं ग्राम रोजगार सेवक शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि उनकी जायज मांगों का समाधान होना चाहिए और इसके लिए संगठन भविष्य में भी अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।
ग्रामीण विकास की आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने में ग्राम रोजगार सेवकों की भूमिका को देखते हुए अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शासन स्तर पर उनकी मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है। फिलहाल ज्ञापन के माध्यम से उठाई गई यह पहल कर्मचारियों के बीच नई उम्मीद जगाने वाली मानी जा रही है।

























