हज यात्रियों के लिए मेडिकल स्क्रीनिंग और दस्तावेज अपलोड की प्रक्रिया हुई अनिवार्य

रिपोर्टर इरफान अली लारी के साथ हज-2027 के लिए मेडिकल स्क्रीनिंग, फिटनेस प्रमाण पत्र, दस्तावेज अपलोड, काबा शरीफ और हज यात्रियों का पैनोरमिक दृश्य दर्शाती फीचर इमेज।

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इरफान अली लारी की रिपोर्ट

हज-2027 की तैयारी में जुटे चयनित हज यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हज कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा जारी नवीन दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी चयनित हज यात्रियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी मेडिकल स्क्रीनिंग कराकर फिटनेस प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा और संबंधित दस्तावेजों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हज यात्रा पर जाने वाले सभी यात्री स्वास्थ्य की दृष्टि से यात्रा के लिए उपयुक्त हों तथा यात्रा के दौरान किसी प्रकार की गंभीर चिकित्सीय समस्या का सामना न करना पड़े।

जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार हज कमेटी ऑफ इंडिया के सर्कुलर-13 के तहत चयनित यात्रियों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग ने सभी संबंधित यात्रियों से समय रहते आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने की अपील की है ताकि अंतिम समय में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

30 सितंबर तक दस्तावेज अपलोड करना होगा अनिवार्य

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चयनित हज यात्रियों को मेडिकल जांच के बाद प्राप्त फिटनेस प्रमाण पत्र, अग्रिम जमा की गई धनराशि की रसीद तथा अन्य आवश्यक हज दस्तावेज निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। इसके लिए 30 सितंबर 2026 की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। समय सीमा के भीतर दस्तावेज अपलोड न करने की स्थिति में आगे की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल माध्यम से दस्तावेज जमा कराने की व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनेगी। इससे यात्रियों के स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड भी सुरक्षित रूप से उपलब्ध रहेंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर उनका सत्यापन आसानी से किया जा सकेगा।

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सरकारी चिकित्सा केंद्र में करानी होगी स्वास्थ्य जांच

हज यात्रियों को प्रथम चरण में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा निर्धारित प्रारूप के अनुसार सरकारी चिकित्सा केंद्र में स्वास्थ्य परीक्षण कराना होगा। जांच के दौरान चिकित्सक यात्री के सामान्य स्वास्थ्य, रक्तचाप, मधुमेह, हृदय संबंधी स्थिति तथा अन्य आवश्यक चिकित्सीय मानकों का परीक्षण करेंगे।

मेडिकल परीक्षण के उपरांत एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति के अधिकृत चिकित्सक द्वारा मेडिकल स्क्रीनिंग एवं फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। यही प्रमाण पत्र आगे की हज प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में शामिल होगा। अधिकारियों ने यात्रियों से कहा है कि वे केवल अधिकृत सरकारी चिकित्सा केंद्रों से ही स्वास्थ्य जांच कराएं ताकि किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या उत्पन्न न हो।

एनआरआई हज यात्रियों के लिए भी जारी हुए विशेष निर्देश

विदेशों में निवास कर रहे भारतीय मूल के हज यात्रियों के लिए भी अलग से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। ऐसे यात्रियों को जिस देश में वे वर्तमान में निवास कर रहे हैं, वहीं के सरकारी चिकित्सालय या मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थान में मेडिकल स्क्रीनिंग करानी होगी।

जांच पूरी होने के बाद संबंधित स्वास्थ्य रिपोर्ट तथा फिटनेस प्रमाण पत्र को निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य विदेशों में रहने वाले हज यात्रियों को अनावश्यक यात्रा और प्रशासनिक कठिनाइयों से बचाना है। साथ ही उनकी स्वास्थ्य स्थिति का प्रमाणित रिकॉर्ड भी उपलब्ध कराया जा सकेगा।

राज्य सरकार ने चिकित्सा अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

हज यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्य स्तर पर भी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। शासन की ओर से प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि चयनित हज यात्रियों की मेडिकल स्क्रीनिंग और फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।

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इस पहल से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी जिले में स्वास्थ्य जांच कराने वाले यात्रियों को अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े। चिकित्सा विभाग को निर्देशित किया गया है कि निर्धारित प्रारूप में प्रमाण पत्र जारी किए जाएं और जांच प्रक्रिया पूरी तरह मानकों के अनुरूप हो।

द्वितीय चरण की जांच के लिए सुरक्षित रखें सभी दस्तावेज

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने हज यात्रियों को सलाह दी है कि मेडिकल स्क्रीनिंग के बाद प्राप्त सभी दस्तावेजों की मूल प्रतियां और उनकी प्रतिलिपियां सुरक्षित रखें। वेबसाइट पर दस्तावेज अपलोड करने के बाद भी इनकी आवश्यकता समाप्त नहीं होगी।

द्वितीय चरण की मेडिकल जांच और अन्य औपचारिकताओं के दौरान इन दस्तावेजों को प्रस्तुत करना आवश्यक हो सकता है। इसलिए यात्रियों को चाहिए कि वे फिटनेस प्रमाण पत्र, जांच रिपोर्ट, भुगतान रसीद और अन्य सभी संबंधित अभिलेखों को व्यवस्थित रूप से सुरक्षित रखें।

स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देने की पहल

हज यात्रा दुनिया की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक मानी जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग लंबी दूरी की यात्रा करते हैं। ऐसे में यात्रियों का शारीरिक रूप से स्वस्थ होना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से मेडिकल स्क्रीनिंग को अनिवार्य बनाया गया है ताकि यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम किया जा सके।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते जांच कराने से यात्रियों को अपनी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी मिल जाती है और आवश्यकता पड़ने पर उपचार भी कराया जा सकता है। इससे यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम बनती है।

प्रशासन ने सभी चयनित हज यात्रियों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द मेडिकल जांच कराकर आवश्यक दस्तावेज तैयार करें और उन्हें पोर्टल पर अपलोड करें। समयबद्ध तरीके से प्रक्रिया पूरी करने से हज यात्रा की आगामी व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

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Author: यायावर

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