जन शिकायतों के निस्तारण में बड़ी छलांग, प्रदेश में चौथे स्थान पर पहुंचा चित्रकूट

रिपोर्टर संजय सिंह राणा की तस्वीर के साथ आईजीआरएस रैंकिंग में प्रदेश में चौथा स्थान हासिल करने पर चित्रकूट जिला प्रशासन की उपलब्धि दर्शाती फीचर इमेज।

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संजय सिंह राणा की रिपोर्ट

चित्रकूट | जन शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के क्षेत्र में चित्रकूट जनपद ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है। उत्तर प्रदेश शासन के इंटीग्रेटेड ग्रिवांस रिड्रेसल सिस्टम (आईजीआरएस) की जुलाई माह की रैंकिंग में चित्रकूट को पूरे प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि प्रशासनिक कार्यप्रणाली, अधिकारियों के बेहतर समन्वय और शिकायतों के समयबद्ध समाधान की दिशा में किए गए निरंतर प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।

जुलाई माह के दौरान जिले में आईजीआरएस पोर्टल पर कुल 2,742 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से अधिकांश शिकायतों का निर्धारित समयसीमा के भीतर निस्तारण किया गया। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि शिकायतों के समाधान के बाद प्राप्त फीडबैक में 72 प्रतिशत शिकायतकर्ताओं ने समाधान पर संतुष्टि व्यक्त की, जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समस्याओं के प्रभावी समाधान की दिशा में गंभीरता से कार्य किया गया।

जिलाधिकारी के नेतृत्व में बेहतर समन्वय का मिला सकारात्मक परिणाम

प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि यह सफलता जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के नेतृत्व, नियमित समीक्षा बैठकों और सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल का प्रतिफल है। पिछले कुछ महीनों से आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों की लगातार निगरानी की जा रही थी। प्रत्येक विभाग को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, जिसके कारण शिकायतों का तेजी से निस्तारण संभव हो सका।

रैंकिंग जारी होने के बाद जिलाधिकारी ने जिले के सभी विभागाध्यक्षों और अधिकारियों को बधाई देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पूरी प्रशासनिक टीम की सामूहिक मेहनत का परिणाम है, लेकिन अभी इससे भी बेहतर प्रदर्शन की आवश्यकता है।

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शिकायतों का केवल निस्तारण नहीं, वास्तविक समाधान हो

जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कई बार केवल औपचारिक कार्रवाई कर शिकायतों का निस्तारण दिखा दिया जाता है, जबकि वास्तविक समस्या जस की तस बनी रहती है। ऐसी प्रवृत्ति स्वीकार्य नहीं होगी।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायतकर्ता की समस्या को गंभीरता से समझा जाए और उसका स्थायी एवं संतोषजनक समाधान किया जाए। यदि शिकायतकर्ता को न्यायसंगत राहत मिलती है, तभी प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास मजबूत होगा और सुशासन की अवधारणा सार्थक होगी।

लंबित मामलों की नियमित समीक्षा के दिए निर्देश

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों की नियमित समीक्षा की जाए। जिन मामलों का निस्तारण अभी शेष है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाना चाहिए।

इसके साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। यदि किसी विभाग में लापरवाही या अनावश्यक विलंब पाया जाता है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जनता के विश्वास को मजबूत करने का माध्यम बना आईजीआरएस

आईजीआरएस पोर्टल उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी समस्याओं और शिकायतों को ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। इस प्रणाली का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान हो तथा शिकायतकर्ता को उसकी शिकायत की प्रगति की जानकारी भी मिलती रहे।

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चित्रकूट में इस व्यवस्था के प्रभावी संचालन से आम नागरिकों को राहत मिली है। शिकायतों के त्वरित समाधान से प्रशासन के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ा है और सरकारी तंत्र की कार्यक्षमता भी मजबूत हुई है।

नियमित मॉनिटरिंग बनी सफलता की सबसे बड़ी वजह

जुलाई माह की रैंकिंग में मिले उत्कृष्ट प्रदर्शन के पीछे नियमित मॉनिटरिंग, विभागवार समीक्षा और अधिकारियों की जवाबदेही को प्रमुख कारण माना जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर लगातार समीक्षा बैठकों के माध्यम से लंबित मामलों की स्थिति पर नजर रखी गई और संबंधित विभागों को समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

इसी सतत निगरानी और विभागीय समन्वय का परिणाम रहा कि बड़ी संख्या में शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण संभव हो सका और शिकायतकर्ताओं ने भी समाधान पर संतोष व्यक्त किया।

अब प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल करने का लक्ष्य

प्रदेश स्तर पर चौथा स्थान प्राप्त करने के बाद चित्रकूट प्रशासन अब इससे आगे बढ़कर प्रथम स्थान हासिल करने की तैयारी में जुट गया है। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने अधिकारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वर्तमान उपलब्धि निश्चित रूप से सराहनीय है, लेकिन इसे अंतिम लक्ष्य नहीं माना जा सकता।

उन्होंने कहा कि यदि सभी विभाग इसी प्रतिबद्धता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते रहे तो आने वाले महीनों में चित्रकूट प्रदेश में शीर्ष स्थान प्राप्त कर सकता है। इसके लिए प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखनी होगी।

सुशासन की दिशा में मजबूत कदम

चित्रकूट की यह उपलब्धि केवल एक प्रशासनिक रैंकिंग नहीं, बल्कि सुशासन की दिशा में बढ़ाया गया एक महत्वपूर्ण कदम भी है। जब नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान होता है, तो प्रशासन के प्रति विश्वास स्वतः मजबूत होता है और शासन की योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचता है।

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यदि इसी प्रकार नियमित समीक्षा, जवाबदेही और गुणवत्तापूर्ण कार्यशैली बनी रही तो आने वाले समय में चित्रकूट न केवल आईजीआरएस रैंकिंग में शीर्ष स्थान प्राप्त कर सकता है, बल्कि जन शिकायतों के प्रभावी समाधान का एक आदर्श मॉडल भी बन सकता है।

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Author: यायावर

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