इरफान अली लारी की रिपोर्ट
सलेमपुर। सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार और लंबे समय से चली आ रही यात्री समस्याओं को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद रमाशंकर राजभर की ओर से उठाए गए मुद्दों पर अब पूर्वोत्तर रेलवे ने अपनी अघतन प्रशासनिक टिप्पणी जारी की है। रेलवे की ओर से सांसद को भेजी गई रिपोर्ट में प्रमुख ट्रेनों के ठहराव, अंडरपास निर्माण और यात्री सुविधाओं से जुड़े कई प्रस्तावों की वर्तमान स्थिति स्पष्ट की गई है।
रेलवे की इस टिप्पणी से जहां कुछ मामलों में आगे की प्रक्रिया के संकेत मिले हैं, वहीं सलेमपुर रेलवे स्टेशन पर बापुधाम, गोदान और अहमदाबाद एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग फिलहाल वाणिज्यिक कसौटी पर अटक गई है। रेलवे ने यात्री संख्या और स्टेशन से होने वाली औसत दैनिक आय को अतिरिक्त ठहराव के लिए निर्धारित मानकों के मुकाबले कम बताया है।
सांसद ने रेल समस्याओं को बैठक में प्रमुखता से उठाया
जानकारी के अनुसार, 2 जून को वाराणसी मंडल के सांसदों के साथ आयोजित डिविजन कमेटी की बैठक में सांसद रमाशंकर राजभर ने सलेमपुर, तुर्तीपार, भाटपार सहित लोकसभा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों की रेल समस्याओं को प्रमुखता से उठाया था। बैठक में उन्होंने यात्रियों की सुविधा के लिए प्रमुख ट्रेनों के ठहराव, अंडरपास निर्माण तथा अन्य रेल सुविधाओं से संबंधित प्रस्ताव रेलवे अधिकारियों के समक्ष रखे।
सांसद की ओर से उठाए गए इन मुद्दों पर पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर के महाप्रबंधक कार्यालय ने 25 अगस्त को सांसद को अघतन प्रशासनिक टिप्पणी भेजकर विभिन्न प्रस्तावों की स्थिति की जानकारी दी। इस रिपोर्ट में रेलवे की ओर से कई मांगों पर तकनीकी और वाणिज्यिक स्थिति स्पष्ट की गई है।
बापुधाम, गोदान और अहमदाबाद एक्सप्रेस के ठहराव पर पेच
सलेमपुर रेलवे स्टेशन पर बापुधाम, गोदान और अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग क्षेत्र के यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल है। सांसद ने इन ट्रेनों के ठहराव की मांग को रेलवे के समक्ष रखते हुए क्षेत्र की जरूरत और यात्रियों की सुविधा का मुद्दा उठाया था।
रेलवे के अनुसार सलेमपुर स्टेशन पर वर्तमान में 14 जोड़ी अप और 12 जोड़ी डाउन मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के साथ-साथ 7 जोड़ी सवारी गाड़ियों का ठहराव उपलब्ध है। रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेनों के ठहराव के संबंध में निर्धारित वाणिज्यिक मानकों का हवाला देते हुए कहा है कि स्टेशन की औसत दैनिक यात्री संख्या तथा उससे प्राप्त होने वाली आय रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित अतिरिक्त ठहराव की वाणिज्यिक कसौटी से कम है।
इसी आधार पर प्रस्तावित एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को फिलहाल रेलवे ने व्यवहार्य नहीं माना है। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि मांग पूरी तरह समाप्त हो गई है। यात्री संख्या, आय और जनहित से जुड़े आंकड़ों में बदलाव होने पर भविष्य में प्रस्ताव पर पुनर्विचार की संभावना बनी रह सकती है।
अंडरपास निर्माण पर भी रेलवे ने स्पष्ट की स्थिति
सलेमपुर में सड़क और रेल यातायात की समस्या को कम करने के लिए अंडरपास निर्माण की मांग भी सांसद की ओर से उठाई गई थी। खास तौर पर सलेमपुर उच्चीकृत स्वास्थ्य केंद्र के सामने अंडरपास निर्माण का प्रस्ताव रखा गया था।
रेलवे की प्रशासनिक टिप्पणी में इस स्थान पर अंडरपास निर्माण को फिलहाल तकनीकी दृष्टि से अव्यवहारिक बताया गया है। रेलवे के अनुसार संबंधित क्षेत्र में घनी आबादी होने के कारण अंडरपास निर्माण को व्यवहारिक रूप से लागू करना कठिन है। ऐसे में इस प्रस्ताव पर तत्काल निर्माण की स्थिति नहीं बन पा रही है।
हालांकि, क्षेत्र के एक अन्य महत्वपूर्ण मार्ग पर अंडरपास को लेकर प्रक्रिया अभी पूरी तरह बंद नहीं हुई है। धरमेर-महलिया-तिलौली-विशुनपुरा-भेवली मार्ग पर अंडरपास निर्माण की संभावना की जांच अभी जारी है। इससे संबंधित तकनीकी पहलुओं की जांच पूरी होने के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
तुर्तीपार हाल्ट पर यात्री सुविधाओं का काम जारी
रेलवे की रिपोर्ट में तुर्तीपार हाल्ट से जुड़ी यात्री सुविधाओं की स्थिति की भी जानकारी दी गई है। यहां यात्रियों की सुविधा से संबंधित कार्य आरबीएनएल की ओर से कराए जाने की बात कही गई है।
तुर्तीपार और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग दैनिक आवागमन के लिए रेल सेवा पर निर्भर हैं। ऐसे में हाल्ट पर मूलभूत यात्री सुविधाओं का विकास स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेलवे की ओर से कराए जा रहे कार्यों के पूरा होने के बाद यात्रियों को अपेक्षाकृत बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
सांसद ने कहा—जनहित के मुद्दों पर जारी रहेगा प्रयास
सपा सांसद रमाशंकर राजभर ने सलेमपुर रेलवे स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों के ठहराव को क्षेत्र की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया है। उनका कहना है कि यात्री संख्या और आम जनता की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इन ट्रेनों के ठहराव के लिए रेल मंत्रालय से स्वीकृति दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
सांसद का कहना है कि सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र की जनता को बेहतर रेल संपर्क और सुविधाएं मिलना जरूरी है। प्रमुख ट्रेनों के ठहराव से न केवल सलेमपुर बल्कि आसपास के ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के यात्रियों को भी लाभ मिल सकता है। रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा और व्यापार के सिलसिले में दूसरे शहरों की यात्रा करने वाले लोगों के लिए प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव काफी उपयोगी साबित हो सकता है।
रेल के साथ अन्य बुनियादी समस्याओं पर भी जोर
सांसद के मीडिया प्रभारी मंजूर आलम ने बताया कि सांसद रमाशंकर राजभर लगातार क्षेत्र की जनता से जुड़े मुद्दों को संबंधित विभागों के समक्ष उठा रहे हैं। रेल सुविधाओं के अलावा सड़क, स्वास्थ्य, बिजली और अन्य बुनियादी समस्याओं को लेकर भी अधिकारियों से संवाद किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सांसद का उद्देश्य क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाकर उनके समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई कराना है। रेल सुविधाओं से संबंधित ताजा प्रशासनिक टिप्पणी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।
वाणिज्यिक मानक बनाम जनहित की मांग
सलेमपुर में प्रमुख ट्रेनों के ठहराव का मामला फिलहाल रेलवे के वाणिज्यिक मानकों से जुड़ा हुआ है। रेलवे यात्री संख्या और आय के आधार पर अतिरिक्त ठहराव की व्यवहार्यता का आकलन कर रहा है, जबकि स्थानीय स्तर पर यात्रियों की सुविधा और क्षेत्र की आवश्यकता को देखते हुए ट्रेनों के ठहराव की मांग लगातार उठ रही है।
ऐसे में आने वाले समय में सांसद की ओर से रेलवे और रेल मंत्रालय के समक्ष इस मुद्दे को दोबारा मजबूती से उठाए जाने की संभावना है। यदि यात्री सुविधाओं और जनहित के आधार पर प्रस्ताव को आगे बढ़ाने का रास्ता निकलता है तो सलेमपुर स्टेशन पर प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की उम्मीद फिर मजबूत हो सकती है।
फिलहाल रेलवे की अघतन प्रशासनिक टिप्पणी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सलेमपुर की प्रमुख रेल मांगों में कुछ प्रस्ताव तकनीकी जांच के स्तर पर हैं, जबकि प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव वाणिज्यिक मानकों की कसौटी पर विचाराधीन है। सांसद की ओर से इन मांगों को आगे भी उठाए जाने की घोषणा के बाद अब क्षेत्र के लोगों की नजर रेलवे और रेल मंत्रालय के अगले निर्णय पर है।

























