मशाल जुलूस निकाल कांग्रेस ने छात्र मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा, कार्रवाई और इस्तीफे की उठी मांग
हिमांशु मोदी की रिपोर्ट
मनेन्द्रगढ़। छात्र आंदोलन को लेकर देशभर में जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच गुरुवार की शाम मनेन्द्रगढ़ में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मशाल जुलूस निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ कथित मारपीट और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी सहित अन्य नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और महिला कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में जलती मशालें लेकर शहर के प्रमुख मार्गों पर मार्च किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
दीनदयाल चौक से शुरू होकर भगत सिंह चौक तक निकला जुलूस
विरोध प्रदर्शन की शुरुआत दीनदयाल चौक से हुई, जहां बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्र हुए। इसके बाद मशाल जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए भगत सिंह चौक पहुंचा। पूरे मार्ग में कार्यकर्ताओं ने छात्र हितों की रक्षा, लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा और कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में नारे लगाए। जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से भी आवश्यक इंतजाम किए गए।
सरकार के खिलाफ जताया आक्रोश
मशाल जुलूस में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक और छात्र को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार है। यदि किसी आंदोलन या प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ अनुचित व्यवहार किया गया है तो इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध की आवाज को बलपूर्वक दबाना उचित नहीं है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई।
जिलाध्यक्ष ने लोकतांत्रिक अधिकारों का उठाया मुद्दा
भगत सिंह चौक पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने का कोई भी प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी मांगों को शांतिपूर्ण ढंग से रखने वाले छात्रों के साथ कथित मारपीट की घटना गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और सरकार का दायित्व है कि वह विरोध की आवाज को सुनकर उसका समाधान निकाले, न कि उसे दबाने का प्रयास करे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्र हितों और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उनका कहना था कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।
नेताओं ने कहा कि जब तक इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं होती और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कदम नहीं उठाए जाते, तब तक कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करने की अपील भी की।
छात्र हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प
सभा के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्र किसी भी समाज और देश का भविष्य होते हैं। इसलिए उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखने का आह्वान करते हुए कहा कि छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस लगातार आवाज उठाती रहेगी।
कार्यकर्ताओं ने भी संकल्प लिया कि शिक्षा, रोजगार और छात्र अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर वे भविष्य में भी संगठित होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाएंगे।
बड़ी संख्या में पहुंचे कांग्रेस के विभिन्न प्रकोष्ठों के कार्यकर्ता
मशाल जुलूस और सभा में जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के साथ युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस तथा पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान सभी ने एकजुट होकर छात्र हितों की रक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
कार्यक्रम के समापन पर नेताओं ने कहा कि कांग्रेस जनता और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए भविष्य में भी इसी प्रकार शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि छात्रों का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास कायम रह सके।
(नोट: इस समाचार में छात्रों के साथ कथित मारपीट, गिरफ्तारी और अन्य आरोप प्रदर्शनकारी पक्ष के दावों एवं सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।)










