सीएम भजनलाल की समीक्षा बैठक में विकास कार्यों पर फोकस, अधिकारियों को तय समय में योजनाएं पूरी करने के निर्देश
हिमांशु मोदी की रिपोर्ट
राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने अपने एक दिवसीय भरतपुर दौरे के दौरान प्रशासनिक मशीनरी को विकास कार्यों में तेजी लाने का स्पष्ट संदेश दिया। भरतपुर जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने भरतपुर और डीग जिलों में चल रही विकास परियोजनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा आधारभूत सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में दोनों जिलों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, विभागीय प्रमुख तथा जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता आमजन तक योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही या अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग तय समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ परियोजनाओं को पूरा करें, ताकि जनता को वास्तविक राहत और सुविधाएं मिल सकें।
विकास परियोजनाओं की प्रगति पर हुई गहन समीक्षा
बैठक में सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, सिंचाई परियोजनाएं, नगरीय विकास तथा ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों से कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए लंबित परियोजनाओं पर विशेष चिंता जताई।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन योजनाओं का कार्य धीमी गति से चल रहा है, उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्माण एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों को जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करना है। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों को फील्ड स्तर पर सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
आमजन की समस्याओं के समाधान पर जोर
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आम जनता से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और समयबद्ध तरीके से उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन की संवेदनशीलता ही सरकार की वास्तविक पहचान होती है। यदि आम नागरिक को समय पर राहत मिलती है तो सरकार के प्रति उसका विश्वास मजबूत होता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों और कस्बों में जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करें।
जल संकट और पेयजल व्यवस्था पर विशेष चर्चा
गर्मी के मौसम को देखते हुए बैठक में पेयजल संकट और जलापूर्ति व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जहां जल संकट की स्थिति बन रही हो, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
उन्होंने जलदाय विभाग को निर्देशित किया कि पाइपलाइन लीकेज, खराब हैंडपंप और बाधित जलापूर्ति जैसी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल की समस्या को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता, डॉक्टरों की उपस्थिति और चिकित्सा सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पतालों में मरीजों को बेहतर उपचार और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में हीट स्ट्रोक और मौसमी बीमारियों के मामलों में वृद्धि होती है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क रहे। चिकित्सा संस्थानों में पर्याप्त दवाइयां, चिकित्सक और आपातकालीन व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
शिक्षा और आधारभूत ढांचे पर सरकार का फोकस
बैठक में शिक्षा विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने सड़कों की गुणवत्ता, ग्रामीण संपर्क मार्गों, नगरीय सफाई व्यवस्था और विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर मुख्यमंत्री का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बैठक में अधिकारियों को साफ शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों में सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुशासन और पारदर्शी प्रशासन के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। अधिकारी जनता के प्रति जवाबदेह बनें और योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी ईमानदारी बरतें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भरतपुर और डीग के विकास को लेकर सरकार गंभीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि भरतपुर और डीग जिले पर्यटन, कृषि और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। यहां विकास की अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार इन क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्थानीय आवश्यकताओं और जनहित को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए। सरकार चाहती है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक क्षेत्र में संतुलित विकास सुनिश्चित हो।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने और योजनाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासनिक टीम जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए विकास कार्यों को नई गति देगी।








