SDM पर हमला : बाढ़ तैयारियों का निरीक्षण करने पहुंचे अधिकारी पर बरसे पत्थर, पूरे गांव में तैनात हुई पुलिस

हरदोई के परियल गांव में SDM पर हुए पथराव की घटना के बाद तैनात पुलिस बल और रिपोर्टर अनुराग गुप्ता की फीचर इमेज।

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अनुराग गुप्ता की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में बाढ़ राहत तैयारियों का निरीक्षण करने पहुंचे एक उप जिलाधिकारी (SDM) पर ग्रामीणों द्वारा कथित पथराव किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना में एसडीएम गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके सिर में चोट लगने के कारण टांके लगाने पड़े। घटना के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हालात को देखते हुए पूरे गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और क्षेत्र को अस्थायी रूप से पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

यह घटना शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के परियल गांव की है, जहां प्रशासनिक अधिकारियों की टीम आगामी मानसून और संभावित बाढ़ की तैयारियों का जायजा लेने पहुंची थी। निरीक्षण के दौरान शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठा और प्रशासनिक अधिकारियों पर हमला कर दिया गया।

बाढ़ राहत व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे थे एसडीएम

जानकारी के अनुसार शाहाबाद के एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा सोमवार की शाम सरकारी टीम के साथ परियल गांव पहुंचे थे। उनका उद्देश्य बाढ़ राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों का निरीक्षण करना था। मानसून को देखते हुए प्रशासन पहले से ही संवेदनशील क्षेत्रों में व्यवस्थाओं का आकलन कर रहा है ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने गर्रा नदी के किनारे स्थित कई महत्वपूर्ण स्थलों का जायजा लिया। उन्होंने सिल्ट पट्टे, अन्नपूर्णा भवन और आरआरसी सेंटर की स्थिति का निरीक्षण किया। इसी दौरान कुछ निर्माण कार्यों और व्यवस्थाओं में खामियां सामने आईं, जिन पर उन्होंने स्थानीय जिम्मेदार लोगों से जवाब मांगा।

निरीक्षण के दौरान सामने आईं व्यवस्थागत कमियां

अधिकारियों के अनुसार गांव में स्थित अन्नपूर्णा भवन के शटर और आरआरसी सेंटर के गेटों में कई तकनीकी और रखरखाव संबंधी कमियां पाई गईं। इन कमियों को लेकर एसडीएम ने मौके पर मौजूद ग्राम प्रधान प्रतिनिधि से जानकारी लेने की कोशिश की।

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बताया जा रहा है कि अधिकारियों को संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसी दौरान बातचीत का माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक सवाल-जवाब के दौरान विवाद बढ़ा और कथित तौर पर अभद्र व्यवहार भी किया गया। घटना के बाद हालात बिगड़ने लगे और गांव में बड़ी संख्या में लोग एकत्र होने लगे। देखते ही देखते वहां तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई।

विवाद ने लिया हिंसक रूप

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार निरीक्षण के दौरान हुए विवाद की सूचना गांव में तेजी से फैल गई। कुछ ही समय में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ लगातार आक्रोशित होती गई। हालात बिगड़ते देख एसडीएम अपनी टीम के साथ वहां से निकलने लगे। इसी दौरान ग्रामीणों के एक समूह ने उनकी सरकारी गाड़ी को घेर लिया। अधिकारियों ने लोगों को समझाने और शांत करने की कोशिश की, लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर होती चली गई।

बताया जाता है कि जब एसडीएम वाहन से उतरकर ग्रामीणों से बातचीत कर रहे थे, तभी अचानक पथराव शुरू हो गया। भीड़ की ओर से फेंका गया एक पत्थर सीधे उनके सिर पर आकर लगा, जिससे वे घायल हो गए।

सिर में लगी चोट, अस्पताल में कराया गया भर्ती

पथराव की घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रशासनिक टीम के अन्य कर्मचारियों ने किसी तरह एसडीएम को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। घायल अवस्था में उन्हें तत्काल शाहाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सकों के अनुसार सिर में चोट लगने के कारण उन्हें टांके लगाने पड़े। बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बाद में उन्हें हरदोई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

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घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत मामले की जानकारी ली और अतिरिक्त पुलिस बल को गांव की ओर रवाना किया।

जिलाधिकारी ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

घटना के बाद जिला प्रशासन ने हमलावरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का फैसला लिया है। जिलाधिकारी अनुनय झा ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और प्रशासनिक अधिकारी पर हमला करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ राहत तैयारियों का निरीक्षण करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इस दौरान अधिकारियों पर हमला बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों को आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जा रही है और जो भी व्यक्ति हिंसा या पथराव में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती

घटना के बाद पूरे परियल गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर तैनात किया गया है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए गांव और आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। पुलिस द्वारा संभावित आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार घटना के बाद गांव में भय और तनाव का माहौल है। पुलिस कार्रवाई की आशंका के चलते कई लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। वहीं कुछ आरोपी और उनके समर्थक गांव छोड़कर चले गए हैं।

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सरकारी कार्य में बाधा को लेकर प्रशासन सख्त

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी प्रशासनिक अधिकारी पर हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं माना जाता, बल्कि यह शासन व्यवस्था और कानून के प्रति चुनौती के रूप में देखा जाता है। ऐसे मामलों में भारतीय कानून के तहत कठोर कार्रवाई का प्रावधान है।

हरदोई की यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब प्रदेश सरकार मानसून से पहले बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की तैयारियों की समीक्षा कर रही है। ऐसे में निरीक्षण के दौरान हुई हिंसा प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गई है।

जांच जारी, आरोपियों की तलाश तेज

पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है ताकि पथराव में शामिल लोगों की सही पहचान की जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को चिन्हित कर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

हरदोई की यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि प्रशासनिक निरीक्षण और विकास कार्यों के दौरान संवाद और सहयोग की जगह यदि टकराव की स्थिति पैदा हो जाए तो उसका खामियाजा पूरे क्षेत्र को भुगतना पड़ता है। फिलहाल गांव में हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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Author: यायावर

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