हरदोई में विवादित पोस्टरों पर सपा का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट पहुंचकर कार्रवाई की मांग
महिलाओं के सम्मान और अखिलेश यादव की छवि धूमिल करने की साजिश का आरोप, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
अनुराग गुप्ता के साथ मंदीप पाल की रिपोर्ट
हरदोई। जिले में लगाए गए कथित आपत्तिजनक और विवादित पोस्टरों को लेकर बुधवार को समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया तथा प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए पोस्टर लगाने वाले अराजक तत्वों और उन्हें छापने वाले प्रिंटिंग प्रेस संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सपा नेताओं का आरोप है कि इन पोस्टरों के जरिए महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने के साथ-साथ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी की छवि को जानबूझकर खराब करने का प्रयास किया गया है। प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार पर भी तीखे आरोप लगाए और कहा कि प्रदेश में राजनीतिक विरोधियों को बदनाम करने के लिए इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।
26 मई को लगे थे विवादित पोस्टर
जानकारी के अनुसार, 26 मई को हरदोई शहर के विभिन्न इलाकों में कुछ विवादित पोस्टर लगाए गए थे। पोस्टरों की सामग्री को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। समाजवादी पार्टी ने इसे एक सुनियोजित साजिश बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। बुधवार दोपहर बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व सपा जिलाध्यक्ष शराफत अली ने किया। उनके साथ पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी भी दल या नेता की छवि खराब करने के लिए महिलाओं को आधार बनाकर आपत्तिजनक पोस्टर लगाना बेहद निंदनीय है।
जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि शहर में विवादित पोस्टर लगाने वाले लोगों की तत्काल पहचान कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।
सपा नेताओं ने यह भी मांग उठाई कि जिन प्रिंटिंग प्रेसों में ऐसे पोस्टर तैयार किए गए, उनके संचालकों की भी जांच कर कार्रवाई की जाए। उनका कहना था कि बिना जांच-पड़ताल के इस प्रकार की सामग्री का छपना सामाजिक और राजनीतिक वातावरण को बिगाड़ने वाला कदम है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी।
‘पीडीए अभियान’ से घबराई भाजपा : शराफत अली
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सपा जिलाध्यक्ष शराफत अली ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के ‘पीडीए’ अभियान और अखिलेश यादव की लगातार बढ़ती लोकप्रियता से भाजपा घबरा गई है। इसी कारण विपक्षी दलों को बदनाम करने के लिए इस तरह की हरकतों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा सामाजिक न्याय, पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों की आवाज उठाती रही है। यही वजह है कि प्रदेश में पार्टी का जनाधार लगातार बढ़ रहा है। भाजपा इस जनसमर्थन से परेशान होकर साजिशों का सहारा ले रही है।
शराफत अली ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर भाजपा सरकार केवल दावे करती है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार ठोस कदम उठाने में विफल साबित हो रही है।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार पर हमला
सपा नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान हरदोई जिले के मल्लावां और सुरसा क्षेत्रों में महिलाओं के साथ हुई घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और प्रशासन संवेदनशील मामलों में भी प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार को राजनीतिक विरोधियों पर हमला करने के बजाय कानून-व्यवस्था सुधारने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर ध्यान देना चाहिए।
सपा नेताओं का कहना था कि यदि महिलाओं के सम्मान को लेकर सरकार गंभीर होती तो इस तरह के आपत्तिजनक पोस्टर लगाने वालों पर तुरंत कार्रवाई होती।
बड़ी संख्या में जुटे पार्टी कार्यकर्ता
कलेक्ट्रेट परिसर में हुए प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के कई प्रमुख नेता और पदाधिकारी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष अजय सिंह पाल, अमित बाजपेई, राहुल गुप्ता, धर्मवीर यादव, फूलचंद वर्मा, सुशील हंस, रहमत अली मोनू, चंद्रशेखर, अखिलेश पाठक, पूनम सरोज, तिलक चंद पासी, रामलली वर्मा, अलका दीक्षित, हरिनाम सिंह यादव, मंजू वर्मा, प्रदीप कुशवाहा, प्रदीप राजवंशी, हारुन अंसारी, मनोज शुक्ला, पियूष राजवंशी, सईद अहमद, सचिन वर्मा और उमाशंकर कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि समाजवादी पार्टी किसी भी साजिश से डरने वाली नहीं है और पार्टी कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज उठाते रहेंगे।
प्रशासन पर टिकी निगाहें
विवादित पोस्टरों के मामले ने हरदोई की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। यदि पुलिस और प्रशासन जल्द कार्रवाई करते हैं तो राजनीतिक विवाद शांत हो सकता है, लेकिन देरी होने पर मामला और गरमा सकता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज हो रहा है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं राजनीतिक माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना सकती हैं।
समाजवादी पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक आंदोलन जारी रखेगी। वहीं प्रशासन की ओर से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।








