# **वृक्षारोपण महाअभियान 2026 को मिली नई रफ्तार, मृदा एवं जल संरक्षण कार्यों के साथ बढ़ा हरित अभियान**

वृक्षारोपण महाअभियान 2026 की फीचर इमेज, जिसमें पौधारोपण, अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर आयोजित प्रतियोगी परीक्षा, छात्र-छात्राओं की सहभागिता, मृदा एवं जल संरक्षण कार्य तथा रिपोर्टर संजय सिंह राणा का चित्र प्रदर्शित है।

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रिपोर्ट: संजय सिंह राणा

चित्रकूट। रानीपुर टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाली मानिकपुर द्वितीय रेंज में वर्ष 2026 के वृक्षारोपण महाअभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण से पहले मृदा एवं जल संरक्षण (एसएमसी) कार्यों को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों को पूरा कराया गया है। इन कार्यों का मुख्य उद्देश्य लगाए जाने वाले पौधों की बेहतर वृद्धि सुनिश्चित करना, वर्षा जल का संरक्षण करना तथा क्षेत्र की जैव विविधता को मजबूत बनाना है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2025 और 2026 के दौरान रेंज क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अग्रिम मृदा कार्य (Advance Soil Work) संपन्न किए गए। इन कार्यों के अंतर्गत पौधरोपण स्थलों पर गड्ढों की खुदाई, नालियों का निर्माण, बुवाई की तैयारी तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से ही पूरी कर ली गई थीं, जिससे मानसून के दौरान पौधारोपण अभियान को गति मिल सके।

मृदा एवं जल संरक्षण कार्यों पर विशेष जोर

मानिकपुर द्वितीय रेंज में वृक्षारोपण के साथ-साथ मृदा एवं जल संरक्षण संबंधी गतिविधियों को भी प्रभावी ढंग से लागू किया गया। एसएमसी (Soil and Moisture Conservation) कार्यों के तहत कच्चे चेक डैम और पक्के चेक डैम का निर्माण कराया गया। इन संरचनाओं का उद्देश्य वर्षा जल को रोकना, भूजल स्तर को बढ़ाना तथा मिट्टी के कटाव को रोकना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जल संरक्षण की ऐसी व्यवस्थाएं न केवल पौधों के जीवित रहने की संभावना को बढ़ाती हैं, बल्कि वन क्षेत्र के प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूत बनाती हैं। इससे वन्यजीवों को भी वर्षभर जल उपलब्ध होने में सहायता मिलती है।

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वृहद वृक्षारोपण अभियान के तहत लगाए गए बड़ी संख्या में पौधे

वृक्षारोपण महाअभियान 2026 के अंतर्गत मानिकपुर द्वितीय रेंज में बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया गया। अभियान के दौरान वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा स्थानीय लोगों के सहयोग से विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए। पौधारोपण के लिए ऐसे क्षेत्रों का चयन किया गया जहां हरित आवरण बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण की अधिक आवश्यकता थी।

वन विभाग का लक्ष्य केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और नियमित देखभाल के माध्यम से उन्हें विकसित करना भी है। इसी उद्देश्य से पौधारोपण से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की गईं ताकि लगाए गए पौधों का जीवित रहने का प्रतिशत अधिक से अधिक रहे।

रानीपुर टाइगर रिजर्व में पर्यावरण संरक्षण को मिल रही मजबूती

रानीपुर टाइगर रिजर्व उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण संरक्षित वन क्षेत्रों में शामिल है। यहां बाघों सहित अनेक दुर्लभ वन्यजीव और पक्षियों का प्राकृतिक आवास मौजूद है। ऐसे में वन क्षेत्र का विस्तार और हरित आवरण बढ़ाना जैव विविधता संरक्षण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वन विभाग द्वारा किए जा रहे वृक्षारोपण और जल संरक्षण कार्य भविष्य में वन्यजीवों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में सहायक सिद्ध होंगे। साथ ही इससे क्षेत्र में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में भी मदद मिलेगी।

अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन

वृक्षारोपण अभियान के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर मानिकपुर द्वितीय रेंज द्वारा विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन भी किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में बाघ संरक्षण, वन्यजीवों के महत्व तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को जंगलों के महत्व, जैव विविधता, वन संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदान की गईं।

छात्रों में दिखा उत्साह

प्रतियोगी परीक्षा में शामिल विद्यार्थियों ने पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े प्रश्नों का उत्तर देकर अपनी जानकारी का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने बच्चों को बताया कि बाघ केवल एक वन्यजीव नहीं, बल्कि पूरे वन पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण का प्रतीक है। यदि जंगल सुरक्षित रहेंगे तो वन्यजीव, जल स्रोत और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेंगे।

हरित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

मानिकपुर द्वितीय रेंज द्वारा किए जा रहे वृक्षारोपण, मृदा संरक्षण, जल संरक्षण और जनजागरूकता जैसे प्रयास पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। विभाग का मानना है कि स्थानीय समुदाय, विद्यार्थियों और वन विभाग के सामूहिक सहयोग से हरित एवं समृद्ध वन क्षेत्र का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

वृक्षारोपण महाअभियान 2026 के माध्यम से न केवल हरित क्षेत्र का विस्तार हो रहा है, बल्कि लोगों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी विकसित हो रहा है। आने वाले समय में इन प्रयासों से रानीपुर टाइगर रिजर्व की जैव विविधता और अधिक समृद्ध होगी तथा वन्यजीव संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी।

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Author: यायावर

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