चित्रकूट में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई
650 किलो लहन नष्ट और 45 लीटर कच्ची शराब जब्त
संजय सिंह राणा की रिपोर्ट
चित्रकूट। जनपद चित्रकूट में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। आबकारी विभाग की टीम ने विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत ग्राम कपसेठी, थाना कर्वी क्षेत्र में मंदाकिनी नदी के किनारे स्थित संदिग्ध ठिकानों पर दबिश देकर बड़ी मात्रा में अवैध शराब बनाने में प्रयुक्त लहन बरामद किया। कार्रवाई के दौरान लगभग 650 किलोग्राम लहन मौके पर बरामद हुआ, जिसे आबकारी टीम ने विधिपूर्वक नष्ट कर दिया। इसके साथ ही 45 लीटर कच्ची शराब भी जब्त की गई है।
आबकारी विभाग की इस कार्रवाई के बाद अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अवैध मदिरा के निर्माण और बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
आबकारी आयुक्त के आदेश पर चलाया जा रहा विशेष प्रवर्तन अभियान
जानकारी के अनुसार, माननीय आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश के आदेशानुसार तथा जिलाधिकारी चित्रकूट पुलकित गर्ग के कुशल निर्देशन में जनपद में अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करना है।
इसी क्रम में जिला आबकारी अधिकारी, चित्रकूट के नेतृत्व में आबकारी विभाग की टीम ने ग्राम कपसेठी, थाना कर्वी क्षेत्र में कार्रवाई की। टीम को क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण से जुड़े संदिग्ध ठिकानों की जानकारी मिली थी। इसके बाद मंदाकिनी नदी के किनारे स्थित संभावित स्थानों पर दबिश दी गई और संदिग्ध स्थलों की सघन तलाशी ली गई।
मंदाकिनी नदी किनारे संदिग्ध ठिकानों पर दबिश
आबकारी विभाग की टीम ने ग्राम कपसेठी क्षेत्र में मंदाकिनी नदी के किनारे कई संदिग्ध स्थानों की जांच की। तलाशी अभियान के दौरान टीम को शराब निर्माण में इस्तेमाल किया जाने वाला बड़ी मात्रा में लहन बरामद हुआ। मौके पर लगभग 650 किलोग्राम लहन पाया गया।
आबकारी अधिकारियों के अनुसार, अवैध रूप से तैयार किए जाने वाले कच्चे शराब के कारोबार में लहन का उपयोग किया जाता है। इसलिए टीम ने बरामद लहन को मौके पर ही विधिपूर्वक नष्ट कर दिया, जिससे अवैध शराब के निर्माण की संभावित प्रक्रिया को तत्काल रोका जा सके।
इसके अलावा कार्रवाई के दौरान 45 लीटर कच्ची शराब भी बरामद की गई। आबकारी विभाग ने बरामद शराब को जब्त कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
दो अभियोग पंजीकृत
आबकारी विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, कार्रवाई के संबंध में संयुक्त प्रांत आबकारी अधिनियम, 1910 (यथा संशोधित) की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत दो अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। विभाग द्वारा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
अवैध शराब के खिलाफ की गई इस कार्रवाई को आबकारी विभाग की प्रवर्तन गतिविधियों की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब का निर्माण और बिक्री न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे लोगों के स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। इसी कारण ऐसे मामलों में विभाग द्वारा लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है।
अवैध मदिरा कारोबारियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
जिला आबकारी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद चित्रकूट में अवैध मदिरा के कारोबार में संलिप्त तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
आबकारी विभाग की टीम द्वारा संवेदनशील और संदिग्ध क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही सूचना के आधार पर छापेमारी और तलाशी अभियान भी चलाए जा रहे हैं। विभाग का उद्देश्य अवैध शराब के कारोबार की जड़ तक पहुंचकर इस पर प्रभावी रोक लगाना है।
लगातार जारी रहेगी कार्रवाई
चित्रकूट आबकारी विभाग ने संकेत दिया है कि जनपद में अवैध शराब के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभागीय टीमों को संदिग्ध स्थानों पर निगरानी बढ़ाने और सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्राम कपसेठी में की गई कार्रवाई के दौरान 650 किलोग्राम लहन को नष्ट करना और 45 लीटर कच्ची शराब जब्त करना आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। दो अभियोग दर्ज किए जाने के बाद अब संबंधित मामलों में नियमानुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
आबकारी विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि वे अवैध शराब के निर्माण या बिक्री से संबंधित किसी भी जानकारी को संबंधित विभाग तक पहुंचाएं, ताकि ऐसे अवैध कारोबार के खिलाफ समय रहते कार्रवाई की जा सके। विभाग ने दोहराया है कि चित्रकूट में अवैध मदिरा के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।











