हरदोई

मरते दम तक नहीं छोड़ा बाइक का साथ, बड़े भाई ने लगाई आग तो जलती बाइक से लिपटकर युवक ने दे दी जान

अनुराग गुप्ता की रिपोर्ट

हरदोई उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से रिश्तों को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां बाइक को लेकर शुरू हुआ दो भाइयों का मामूली विवाद देखते ही देखते ऐसी भयावह त्रासदी में बदल गया, जिसने पूरे गांव को सन्न कर दिया। बड़े भाई द्वारा गुस्से में बाइक में आग लगाए जाने से आहत छोटे भाई ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया और जलती बाइक के पास जाकर खड़ा हो गया। कुछ ही सेकेंड में वह आग की लपटों में घिर गया। गंभीर रूप से झुलसे युवक की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

नशे में बाइक ले जाने की जिद से शुरू हुआ विवाद

यह हृदयविदारक घटना हरदोई जिले के अतरौली थाना क्षेत्र के नरोईया गांव की है। गांव निवासी गंगाराम गांव के पास पुलिया किनारे परचून और मिठाई की दुकान चलाते हैं। उनके चार बेटों में सबसे छोटा बेटा निखिल था, जिसकी उम्र करीब 18 वर्ष बताई जा रही है। परिवार के अन्य सदस्य रोजमर्रा के कामकाज में लगे हुए थे, जबकि पिता गंगाराम बीते दिनों तीर्थ यात्रा पर पूर्णागिरी गए हुए थे।

परिजनों के मुताबिक शुक्रवार शाम करीब चार बजे निखिल दुकान पर बैठा हुआ था। इसी दौरान उसका बड़ा भाई शेरू स्प्लेंडर बाइक लेकर दुकान पर पहुंचा। बताया जा रहा है कि शेरू शराब के नशे में था और वह बाइक लेकर पुवायां जाने की जिद करने लगा। निखिल ने भाई की हालत देखकर उसे बाइक देने से साफ इनकार कर दिया। उसने कहा कि पिता ने बाइक देने से मना किया है और नशे की हालत में वाहन ले जाना ठीक नहीं होगा।

कहासुनी से बढ़ा विवाद, बड़े भाई ने बाइक में लगा दी आग

बाइक को लेकर दोनों भाइयों के बीच बहस तेज हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर बड़े भाई शेरू ने दुकान में रखी पेट्रोल की बोतल उठाई और सीधे बाइक पर उड़ेल दी। कुछ ही क्षणों बाद बाइक आग की लपटों में घिर गई और धू-धूकर जलने लगी।

अपनी आंखों के सामने बाइक को जलता देख निखिल बुरी तरह आक्रोशित और भावुक हो गया। उसने बाइक में लगी आग बुझाने के लिए पानी लाने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान दोनों भाइयों के बीच फिर धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाथापाई के दौरान निखिल ने गुस्से में बाल्टी शेरू के सिर पर मार दी।

पेट्रोल डालकर जलती बाइक के पास पहुंचा युवक

विवाद के बीच अचानक हालात और भयावह हो गए। बताया गया कि निखिल दुकान से पेट्रोल की दो बोतलें लेकर आया और खुद के ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया। इसके बाद वह सीधे जलती हुई बाइक के पास जाकर खड़ा हो गया। देखते ही देखते आग ने उसे अपनी चपेट में ले लिया।

कुछ ही सेकेंड में युवक आग की लपटों में घिरकर तड़पने लगा। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े और किसी तरह आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक निखिल गंभीर रूप से झुलस चुका था। गांव में अफरा-तफरी मच गई और आनन-फानन में उसे इलाज के लिए अतरौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।

अस्पताल में तोड़ा दम, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने युवक की हालत बेहद गंभीर बताई। प्राथमिक उपचार के दौरान ही उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। मां और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी घटना को लेकर भारी दुख और स्तब्धता का माहौल बना हुआ है।

बताया जा रहा है कि परिवार आर्थिक रूप से सामान्य स्थिति में है और दुकान ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन थी। ऐसे में छोटे बेटे की मौत ने पूरे परिवार को भीतर तक तोड़ दिया है।

फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

घटना की सूचना मिलते ही अतरौली थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। टीम ने जली हुई बाइक, पेट्रोल की बोतलों और अन्य साक्ष्यों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि झुलसे युवक को अस्पताल लेकर उसका बड़ा भाई शेरू ही पहुंचा था। फिलहाल परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। शिकायत मिलने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।

गांव में चर्चा का विषय बनी घटना

इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मामूली विवाद यदि समय रहते शांत करा दिया जाता तो एक युवक की जान बच सकती थी। कई लोगों ने शराब और गुस्से को इस घटना की सबसे बड़ी वजह बताया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार के भीतर संवाद और संयम की कमी ने एक छोटे से विवाद को ऐसी भयावह परिणति तक पहुंचा दिया, जिसका दर्द अब लंबे समय तक गांव और परिवार दोनों को झेलना पड़ेगा।

रिश्तों में बढ़ती तल्खी पर फिर उठे सवाल

हरदोई की यह घटना सिर्फ एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि बदलते सामाजिक हालात का भी गंभीर संकेत मानी जा रही है। छोटी-छोटी बातों पर बढ़ता गुस्सा, नशे की लत और संवादहीनता अब परिवारों को भीतर से तोड़ रही है। मामूली तकरार कब जानलेवा रूप ले ले, इसका अंदाजा किसी को नहीं होता।

यह घटना एक बार फिर इस बात की चेतावनी देती है कि भावनात्मक आवेश और आक्रोश में लिया गया एक गलत फैसला पूरे परिवार की जिंदगी बदल सकता है।

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