प्यार, धोखा और टावर पर चढ़ी जिद ; “उसे बुलाकर लाओ और मेरी उससे शादी कराओ” कहते हुए युवती ने काटा घंटों हंगामा
चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट
गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में प्रेम, इंतजार और बेवफाई की एक ऐसी कहानी सामने आई, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। छपिया थाना क्षेत्र के हथियागढ़ गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवती अचानक मोबाइल टावर पर चढ़ गई और ऊपर से जोर-जोर से चिल्लाने लगी— “उसे बुलाकर लाओ और मेरी उससे शादी कराओ।” युवती की इस हरकत ने गांव वालों से लेकर पुलिस प्रशासन तक को घंटों परेशान रखा। लगभग तीन घंटे तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की समझाइश पर युवती नीचे उतरी।
यह पूरा मामला सिर्फ एक प्रेम प्रसंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन टूटते रिश्तों और अधूरी उम्मीदों की कहानी भी है, जहां भरोसा टूटने के बाद इंसान किस हद तक जा सकता है, इसका खौफनाक दृश्य गोंडा में देखने को मिला।
अचानक टावर पर चढ़ी युवती, गांव में मच गया हड़कंप
जानकारी के अनुसार छपिया थाना क्षेत्र के रायपुर गांव की रहने वाली 23 वर्षीय रेशमा रविवार सुबह गांव में लगे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। देखते ही देखते गांव में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। शुरुआत में लोगों को लगा कि शायद युवती आत्महत्या करने जा रही है, लेकिन जब उसने ऊपर से चिल्लाकर अपनी मांग बताई तो लोग हैरान रह गए।
रेशमा बार-बार एक ही बात दोहरा रही थी कि उसका प्रेमी अमित उर्फ लाला उसे छोड़कर भाग गया है और पुलिस उसे मुंबई से पकड़कर लाए तथा दोनों की शादी कराए। युवती की भावनात्मक चीखें नीचे खड़े लोगों को बेचैन कर रही थीं।
तीन साल पुराने प्रेम संबंध का दर्द बना बवाल
पुलिस पूछताछ में जो कहानी सामने आई, उसने पूरे घटनाक्रम को और ज्यादा गंभीर बना दिया। रेशमा ने बताया कि बलरामपुर जिले के साहदुल्लाहनगर थाना क्षेत्र के गोदहना गांव निवासी अमित उर्फ लाला से उसका प्रेम संबंध पिछले कई वर्षों से था। दोनों परिवारों के बीच तीन साल पहले एक तरह का समझौता भी हुआ था।
रेशमा का दावा है कि उस समझौते में यह तय किया गया था कि तीन साल बाद दोनों की शादी करा दी जाएगी। युवती के मुताबिक उसी भरोसे पर उसने अपने रिश्ते को बचाए रखा। लेकिन समझौते के कुछ समय बाद ही अमित मुंबई चला गया और धीरे-धीरे उसने बातचीत बंद कर दी।
रेशमा का आरोप है कि तीन साल के दौरान अमित ने न तो उससे मुलाकात की और न ही फोन उठाया। जब तय समय पूरा हो गया तो वह लगातार अमित से संपर्क करने की कोशिश करती रही, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसी बेवफाई और उपेक्षा से परेशान होकर उसने यह खतरनाक कदम उठा लिया।
पुलिस थाने तक पहुंच चुका था मामला
बताया जा रहा है कि रेशमा पहले भी छपिया थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज करा चुकी थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अमित के गांव में भी संपर्क किया, लेकिन वहां पता चला कि वह मुंबई में रह रहा है।
पुलिस ने दोनों पक्षों के परिवारों को बातचीत के लिए रविवार को थाने पर बुलाया था ताकि मामले का समाधान निकाला जा सके। लेकिन उससे पहले ही रेशमा ने टावर पर चढ़कर हंगामा शुरू कर दिया।
घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल गर्म हो गया। लोग तरह-तरह की बातें करने लगे। किसी ने इसे प्रेम में धोखा बताया तो किसी ने युवती की भावनात्मक कमजोरी कहा।
तीन घंटे तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा
मोबाइल टावर पर चढ़ी युवती को नीचे उतारना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। पुलिसकर्मी लगातार उसे समझाते रहे कि उसकी समस्या का समाधान बातचीत से निकाला जाएगा। स्थानीय महिलाएं भी उसे समझाने पहुंचीं।
करीब तीन घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान पुलिस और ग्रामीण लगातार युवती को शांत कराने की कोशिश करते रहे। आखिरकार काफी मशक्कत के बाद रेशमा नीचे उतरने को तैयार हुई। नीचे उतरते ही महिला पुलिसकर्मियों ने उसे अपने कब्जे में लेकर पूछताछ की।
इस दौरान युवती मानसिक रूप से बेहद तनावग्रस्त दिखाई दी। वह बार-बार यही कहती रही कि अगर अमित उससे शादी नहीं करेगा तो उसकी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना का वीडियो किसी ग्रामीण ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में युवती टावर पर खड़ी दिखाई दे रही है और नीचे खड़े लोगों से जोर-जोर से अपनी मांग दोहरा रही है।
वीडियो वायरल होने के बाद लोग सोशल मीडिया पर भी अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं देने लगे। कुछ लोगों ने युवती के कदम को गलत बताया, जबकि कुछ ने प्रेम संबंधों में बढ़ते धोखे और भावनात्मक शोषण पर सवाल उठाए।
पुलिस ने कही यह बात
छपिया थानाध्यक्ष प्रबोध कुमार ने बताया कि युवती को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है। उन्होंने कहा कि युवती लगातार पुलिस से मांग कर रही थी कि उसके प्रेमी अमित को मुंबई से बुलाकर उससे शादी कराई जाए।
थानाध्यक्ष के मुताबिक दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करेगी। फिलहाल मामले को शांत कराने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रेम संबंधों में बढ़ रही संवेदनात्मक त्रासदी
गोंडा की यह घटना सिर्फ एक सनसनीखेज खबर नहीं, बल्कि समाज के बदलते रिश्तों की भी तस्वीर पेश करती है। सोशल मीडिया और मोबाइल के दौर में रिश्ते तेजी से बनते हैं, लेकिन टूटते भी उतनी ही तेजी से हैं। भावनात्मक रूप से कमजोर लोग जब धोखे का सामना करते हैं तो कई बार आत्मघाती या खतरनाक कदम उठा लेते हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे मामलों में परिवार और समाज की भूमिका बेहद अहम होती है। समय रहते संवाद और समझदारी से कई बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है।
इलाके में दिनभर बनी रही चर्चा
रेशमा के टावर पर चढ़ने की घटना पूरे दिन इलाके में चर्चा का विषय बनी रही। गांव के लोग देर शाम तक इसी घटना पर बातचीत करते दिखाई दिए। लोगों का कहना था कि अगर समय रहते पुलिस और ग्रामीण समझदारी नहीं दिखाते तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और दोनों परिवारों के बीच समझौते की कोशिश की जा रही है। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि प्रेम संबंधों में बढ़ती बेवफाई और मानसिक तनाव युवाओं को आखिर किस दिशा में ले जा रहा है।








