चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश के दक्षिणी तथा दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की चेतावनी जारी की है। मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के अनुसार झारखंड के आसपास बना निम्न दबाव क्षेत्र और पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण प्रदेश में व्यापक बारिश के लिए जिम्मेदार है। इसके प्रभाव से आने वाले दिनों में कई जिलों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है।
मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि 23 अगस्त तक उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की आशंका जताई गई है। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव, ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे रास्तों पर आवागमन प्रभावित होने और नदियों-नालों में जलस्तर बढ़ने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।
दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी जिलों पर सबसे ज्यादा नजर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों को विशेष रूप से संवेदनशील बताया गया है। चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, कौशांबी, चंदौली और संत रविदास नगर में बहुत भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
इन क्षेत्रों में पहले से हो रही बारिश के बीच यदि अगले 24 से 48 घंटों में वर्षा की तीव्रता और बढ़ती है तो स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। ग्रामीण इलाकों में खेतों में पानी भरने तथा निचले भूभागों में जल निकासी की समस्या भी सामने आ सकती है।
इसके साथ ही बांदा, फतेहपुर, प्रतापगढ़, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, महोबा और हमीरपुर समेत प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी भारी वर्षा होने का अनुमान है। मौसम विभाग के अलर्ट के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी वर्षा प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखने की आवश्यकता बढ़ गई है।
प्रयागराज मंडल में सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में कई स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। उपलब्ध वर्षा आंकड़ों के मुताबिक प्रयागराज मंडल में बारिश की तीव्रता सबसे अधिक रही। मेजा, प्रयागराज में 192 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो इस अवधि में प्रमुख आंकड़ों में शामिल है। वहीं कोरांव में 126 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
सोनभद्र के घोरावल में भी 123 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी अच्छी वर्षा देखने को मिली। बिजनौर के नगीना में 140 मिलीमीटर, बिजनौर नगर में 146 मिलीमीटर और संभल के गुन्नौर में 150 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
प्रयागराज शहर में 69.7 मिलीमीटर, फतेहपुर में 67.4 मिलीमीटर और अमेठी के फुरसतगंज में 66 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि बारिश का प्रभाव केवल दक्षिण-पूर्वी जिलों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं।
23 अगस्त तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में बारिश की गतिविधियां अभी थमने वाली नहीं हैं। 23 अगस्त तक कई इलाकों में भारी वर्षा का सिलसिला बने रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की स्थिति बन सकती है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार निम्न दबाव क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण के कारण वातावरण में पर्याप्त नमी बनी हुई है। यही स्थिति व्यापक स्तर पर बादल बनने और वर्षा की गतिविधियों को मजबूती दे रही है। आने वाले दिनों में बारिश का क्षेत्र और तीव्रता स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है।
विशेषकर उन जिलों में सतर्कता जरूरी है जहां पहले से जलभराव की समस्या है। ग्रामीण क्षेत्रों में निचले खेतों, संपर्क मार्गों और छोटे पुल-पुलियों के आसपास स्थिति पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
लखनऊ में भी हुई बारिश, तापमान में गिरावट
राजधानी लखनऊ में मंगलवार को अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहर में सुबह से शाम तक कुल 16.4 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
बारिश के साथ राजधानी में वातावरण में नमी का स्तर भी काफी अधिक रहा। लखनऊ में आर्द्रता 84 से 98 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई। इससे लोगों को उमस और बादलों के कारण मौसम में बदलाव महसूस हुआ।
बुधवार को भी राजधानी लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने तथा हल्की बारिश होने का अनुमान है। हालांकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में बारिश की तीव्रता राजधानी की तुलना में अधिक रह सकती है।
सामान्य से कम बारिश के बावजूद कई जिलों में तेज बरसात
प्रदेश में मौजूदा समय में भारी बारिश की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन पूरे मानसूनी सीजन के आंकड़े देखें तो उत्तर प्रदेश में अभी भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। 18 अगस्त तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 25 प्रतिशत कम और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पांच प्रतिशत कम बारिश हुई है।
पूरे उत्तर प्रदेश का औसत वर्षा आंकड़ा सामान्य से करीब 17 प्रतिशत कम बताया गया है। इसका अर्थ यह है कि कुछ जिलों में कम समय में भारी बारिश होने के बावजूद पूरे प्रदेश के औसत वर्षा आंकड़े में कमी बनी हुई है।
मौसम की यह स्थिति किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है। जहां पर्याप्त बारिश की कमी रही है, वहां वर्तमान बारिश से फसलों को लाभ मिल सकता है। वहीं अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में खेतों में पानी जमा होने से फसलों को नुकसान की आशंका भी रहती है। इसलिए बारिश की मात्रा के साथ उसकी अवधि और स्थानीय जल निकासी व्यवस्था भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
चित्रकूट से सोनभद्र तक बढ़ी सतर्कता की जरूरत
दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश में आने वाले चित्रकूट, प्रयागराज, मिर्जापुर और सोनभद्र जैसे जिलों में मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेना जरूरी है। इन क्षेत्रों में अगले 48 घंटे मौसम की दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
पहाड़ी और पठारी इलाकों में तेज बारिश होने पर छोटे नदी-नालों में अचानक पानी बढ़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव के साथ संपर्क मार्गों पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर लगातार नजर रखने की जरूरत है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग की चेतावनी के बीच लोगों को अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए। तेज बारिश के दौरान नदी, नाले या अन्य जलस्रोतों के आसपास जाने में विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में कमजोर या जर्जर भवनों के आसपास भी सतर्कता आवश्यक है।
कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां इस समय सक्रिय हैं और अगले कुछ दिन बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। दक्षिणी तथा दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश में अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना, पूर्वी जिलों में तेज बारिश और 23 अगस्त तक जारी रहने वाले बारिश के दौर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन तथा आम लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखनी होगी।

























