दुर्गा प्रसाद शुक्ला की रिपोर्ट
कांग्रेस नेता और हरियाणा की जुलाना विधानसभा सीट से विधायक विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को लेकर एक बार फिर तीखे तेवर दिखाए हैं। जींद में एक राजनीतिक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बातचीत के दौरान बृजभूषण शरण सिंह का नाम सामने आते ही विनेश फोगाट ने उन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए और सवाल किया कि आखिर ऐसे व्यक्ति को इतनी इज्जत क्यों दी जानी चाहिए।
विनेश फोगाट ने बृजभूषण शरण सिंह को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें भूल जाना चाहिए और उन्हें ‘गुंडा और अपराधी’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बृजभूषण के प्रभाव वाले गोंडा क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग कथित तौर पर परेशान हुए हैं। इसके साथ ही उन्होंने उनकी संपत्ति और जमीन से जुड़े सवाल भी उठाए।
बृजभूषण का नाम सुनते ही भड़कीं विनेश फोगाट
जींद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब विनेश फोगाट से बृजभूषण शरण सिंह को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बृजभूषण कौन है और उसे भूल जाना चाहिए। विनेश ने आरोप लगाया कि उन्हें एक ऐसे व्यक्ति को इतनी प्रतिष्ठा देने की जरूरत नहीं है, जिसे वह गुंडा और अपराधी मानती हैं।
विनेश फोगाट की यह टिप्पणी ऐसे समय सामने आई है, जब महिला पहलवानों से जुड़े विवाद और वर्ष 2023 के पहलवान आंदोलन की घटनाएं अब भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बनी हुई हैं। उस आंदोलन के दौरान कई शीर्ष महिला पहलवानों ने तत्कालीन डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। बृजभूषण ने इन आरोपों से इनकार किया था।
गोंडा में लोगों को परेशान करने का लगाया आरोप
विनेश फोगाट ने बृजभूषण शरण सिंह के राजनीतिक प्रभाव वाले क्षेत्र गोंडा का उल्लेख करते हुए भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गोंडा में कितने लोग कथित तौर पर परेशान हुए और कितनी जमीन पर कब्जे के आरोप हैं, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
विनेश ने बृजभूषण की संपत्ति के स्रोतों को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि इतनी संपत्ति और राजनीतिक प्रभाव के पीछे पैसा कहां से आया। हालांकि, ये आरोप विनेश फोगाट के बयान का हिस्सा हैं और इनके संबंध में किसी स्वतंत्र जांच या न्यायिक निष्कर्ष को इस बयान के आधार पर अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता।
उनके बयान से स्पष्ट है कि बृजभूषण शरण सिंह को लेकर उनका विरोध केवल कुश्ती महासंघ से जुड़े पुराने विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि वह इसे व्यापक राजनीतिक और सामाजिक मुद्दे के रूप में भी देखती हैं।
‘सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ेंगे’
विनेश फोगाट ने कहा कि इस मुद्दे पर लड़ाई को आगे ले जाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट तक संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पैसे और प्रभाव के बल पर बेटियों के साथ अत्याचार किया जाता है।
विनेश ने भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि महिला पहलवानों से जुड़े गंभीर आरोपों के बावजूद पार्टी बृजभूषण शरण सिंह का समर्थन करती रही है। उनके अनुसार, यही भाजपा का वास्तविक चेहरा है।
हालांकि, भाजपा और बृजभूषण शरण सिंह की ओर से इन राजनीतिक आरोपों पर अलग-अलग मौकों पर अपने पक्ष रखे गए हैं। इसलिए पूरे विवाद को समझने के लिए आरोपों के साथ संबंधित पक्षों के जवाब और न्यायिक प्रक्रिया को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
2023 के पहलवान आंदोलन का भी किया जिक्र
विनेश फोगाट ने बातचीत के दौरान वर्ष 2023 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए पहलवानों के आंदोलन को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उस समय पुलिस का जो रवैया पहलवानों के प्रति था, वैसा ही व्यवहार उन्होंने हाल के विरोध प्रदर्शनों में भी देखा है।
वर्ष 2023 का पहलवान आंदोलन भारतीय खेल जगत के सबसे चर्चित विरोध प्रदर्शनों में शामिल रहा। देश के कई प्रमुख पहलवानों ने तत्कालीन डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। आंदोलन के दौरान पहलवानों और पुलिस के बीच टकराव की तस्वीरें और वीडियो व्यापक रूप से चर्चा में रहे थे।
विनेश फोगाट स्वयं उस आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल थीं। इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और हरियाणा विधानसभा चुनाव में जुलाना सीट से चुनाव जीतकर विधायक बनीं।
राजनीति में आने के बाद भी जारी है पुराना विवाद
विनेश फोगाट के राजनीतिक जीवन में प्रवेश के बाद पहलवान आंदोलन से जुड़े मुद्दे लगातार उनके सार्वजनिक बयानों का हिस्सा रहे हैं। वह कई बार महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा, सम्मान और खेल संस्थाओं में जवाबदेही को लेकर सवाल उठा चुकी हैं।
उनका ताजा बयान भी इसी पुराने विवाद की राजनीतिक गूंज के रूप में देखा जा रहा है। बृजभूषण शरण सिंह का नाम आते ही विनेश का आक्रामक रुख यह संकेत देता है कि दोनों के बीच विवाद और राजनीतिक टकराव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
विनेश का कहना है कि महिला खिलाड़ियों को केवल पदक जीतने तक सम्मानित करना पर्याप्त नहीं है। खेल संस्थानों में उनके अधिकार, सुरक्षा और शिकायतों की निष्पक्ष सुनवाई भी सुनिश्चित होनी चाहिए। यही कारण है कि वह पुराने पहलवान आंदोलन को बार-बार सार्वजनिक विमर्श में लेकर आती हैं।
संपत्ति और जमीन के आरोपों पर उठाए सवाल
विनेश फोगाट ने अपने बयान में बृजभूषण शरण सिंह की संपत्ति और जमीन से जुड़े सवालों को भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि उनके पास इतना पैसा कहां से आया और वह हेलीकॉप्टर से कहां-कहां जाते हैं।
इन सवालों के जरिए विनेश ने केवल व्यक्तिगत आरोप लगाने के बजाय राजनीतिक प्रभाव और आर्थिक संसाधनों की जांच की जरूरत पर भी जोर दिया। हालांकि, किसी व्यक्ति की संपत्ति को लेकर लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित सरकारी रिकॉर्ड, जांच एजेंसियों या अदालत के निष्कर्षों से ही हो सकती है।
इसलिए विनेश के बयान को फिलहाल उनके राजनीतिक आरोप और व्यक्तिगत दृष्टिकोण के रूप में देखना उचित होगा।
भाजपा पर भी साधा निशाना
विनेश फोगाट ने अपने बयान में भाजपा को भी सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों के बावजूद बृजभूषण को राजनीतिक संरक्षण मिलता रहा।
यह आरोप ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब बृजभूषण शरण सिंह लंबे समय तक उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रभावशाली चेहरा रहे हैं। दूसरी ओर, विनेश फोगाट अब कांग्रेस की सक्रिय नेता और निर्वाचित विधायक हैं। ऐसे में उनके बयान को खेल विवाद के साथ-साथ हरियाणा और उत्तर प्रदेश की राजनीति के व्यापक संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
महिला पहलवानों का मुद्दा फिर चर्चा में
विनेश फोगाट के ताजा बयान ने महिला पहलवानों से जुड़े पुराने विवाद को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। 2023 का आंदोलन भारतीय खेल व्यवस्था में खिलाड़ियों की आवाज, खेल महासंघों की जवाबदेही और महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा जैसे सवालों को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ले आया था।
विनेश का कहना है कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और वह इसे आगे तक ले जाने के लिए तैयार हैं। उनके मुताबिक, न्याय और जवाबदेही के सवाल पर पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है।
विनेश फोगाट का बृजभूषण शरण सिंह पर ताजा हमला एक बार फिर उस विवाद को राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र में ले आया है, जिसने भारतीय कुश्ती को गहराई से प्रभावित किया था। जींद में दिए गए बयान में विनेश ने बृजभूषण को लेकर बेहद कठोर शब्दों का इस्तेमाल किया, गोंडा में कथित जमीन और लोगों को परेशान किए जाने के आरोप उठाए तथा उनकी संपत्ति के स्रोतों पर सवाल किया।
उन्होंने साफ कहा कि लड़ाई को जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट तक ले जाया जाएगा। साथ ही भाजपा पर भी बृजभूषण का समर्थन करने का आरोप लगाया।
हालांकि, इस पूरे मामले में लगाए गए आरोपों और राजनीतिक दावों को संबंधित पक्षों के जवाब तथा अदालतों और जांच एजेंसियों की आधिकारिक प्रक्रिया के संदर्भ में देखना जरूरी है। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि विनेश फोगाट और बृजभूषण शरण सिंह के बीच पुराना विवाद एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी के केंद्र में आ गया है और महिला पहलवानों के सम्मान, सुरक्षा तथा खेल संस्थाओं की जवाबदेही का सवाल फिर चर्चा में है।

























