यूपी में तीन दिन राहत, 27 जुलाई से फिर बरसेगा मानसून; 54 शहरों में हल्की बारिश के आसार
प्रदेश के अनेक जिलों में अगले तीन दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी का सिलसिला
रिपोर्ट: चुन्नीलाल प्रधान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से हुई व्यापक बारिश के बाद अब मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिल रहा है। लगातार सक्रिय रहने वाला मानसून फिलहाल थोड़ा धीमा पड़ता दिखाई दे रहा है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि बारिश पूरी तरह थम जाएगी। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार प्रदेश के अनेक जिलों में अगले तीन दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रह सकता है। वहीं मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 27 जुलाई से मानसून एक बार फिर सक्रिय होने की संभावना है, जिसके बाद प्रदेश के कई हिस्सों में दोबारा अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है।
मौसम विभाग की ताजा भविष्यवाणी के अनुसार शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के 54 से अधिक शहरों में हल्की बारिश होने के संकेत हैं। इसके साथ ही लोगों को उमस भरी गर्मी से भी कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल बारिश की रफ्तार धीमी, लेकिन पूरी तरह नहीं थमेगी
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले सप्ताह प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई थी। अब मानसून की गतिविधियों में कुछ कमी आई है, जिसके कारण तेज बारिश की घटनाएं फिलहाल कम हो सकती हैं। इसके बावजूद वातावरण में पर्याप्त नमी बनी हुई है, जिससे हल्की बारिश और बादलों का आना-जाना जारी रहेगा।
अगले तीन दिनों तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ छींटे पड़ सकते हैं। मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह भी दी है।
27 जुलाई से फिर बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की वर्तमान स्थिति अस्थायी है। आगामी 27 जुलाई से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां फिर तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि बंगाल की खाड़ी में बनने वाली नई मौसमी परिस्थितियों के प्रभाव से उत्तर प्रदेश में मानसून दोबारा सक्रिय हो जाएगा।
यदि अनुमान सही साबित होता है तो जुलाई के अंतिम सप्ताह में प्रदेश के कई जिलों में अच्छी वर्षा देखने को मिल सकती है। इससे कृषि कार्यों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है और खरीफ फसलों के लिए आवश्यक नमी बनी रहेगी।
लखनऊ में बादल और हल्की बारिश का अनुमान
राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को दिनभर बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार शहर में हल्की बारिश या फुहारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
बारिश के कारण दिन के तापमान में अधिक बढ़ोतरी नहीं होगी, लेकिन वातावरण में नमी अधिक रहने से उमस महसूस हो सकती है। शाम के समय मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने की संभावना है।
इन जिलों में हुई उल्लेखनीय बारिश
गुरुवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक वर्षा इटावा जिले में रिकॉर्ड की गई, जहां लगभग 27 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा हमीरपुर में करीब 18 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
राजधानी लखनऊ में लगभग 6.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि सुलतानपुर में 4.6 मिलीमीटर और कानपुर में लगभग 3.6 मिलीमीटर वर्षा हुई। अन्य कई जिलों में भी हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में कुछ गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली।
क्यों कमजोर पड़ा मानसून?
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान समय में मानसून की सक्रियता में कमी आने के पीछे दो प्रमुख कारण हैं। पहला, मानसून की अक्षीय रेखा (Monsoon Trough) का दक्षिण की ओर खिसक जाना और दूसरा, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र कमजोर पड़ना।
इन दोनों कारणों से उत्तर प्रदेश में बारिश की तीव्रता कम हुई है। साथ ही मानसूनी गतिविधियां फिलहाल पश्चिम-मध्य भारत की ओर अधिक सक्रिय हो गई हैं। हालांकि यह स्थिति अधिक समय तक नहीं रहने वाली है और अगले कुछ दिनों में मानसून फिर उत्तर प्रदेश की ओर मजबूत हो सकता है।
इन जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए प्रदेश के 54 शहरों और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश तथा गरज-चमक की संभावना जताई है।
संभावित प्रभावित जिलों में शामली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर, संभल, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा, बदायूं, बरेली, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, गोंडा, बाराबंकी, अयोध्या, बस्ती, अंबेडकर नगर, गोरखपुर, आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, झांसी, महोबा, चित्रकूट सहित कई अन्य जिले शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश, बादल छाने और गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है।
किसानों के लिए राहत भरी खबर
मौसम में होने वाला यह बदलाव किसानों के लिए सकारात्मक माना जा रहा है। खरीफ फसलों की बुवाई के बाद नियमित अंतराल पर होने वाली बारिश खेतों में नमी बनाए रखने में मदद करेगी। विशेष रूप से धान, मक्का, दलहन और तिलहन की फसलों को आगामी बारिश से लाभ मिलने की उम्मीद है।
हालांकि कृषि विशेषज्ञ किसानों को सलाह दे रहे हैं कि वे मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमानों पर लगातार नजर रखें और खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें ताकि अधिक वर्षा होने की स्थिति में फसलों को नुकसान न पहुंचे।
आम लोगों के लिए सावधानी जरूरी
हल्की बारिश के बावजूद कई स्थानों पर सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं। ऐसे में वाहन चालकों को सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की सलाह दी गई है। गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए।
बारिश के बीच उमस भी बनी रह सकती है, इसलिए पर्याप्त पानी पीने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी सलाह दी जा रही है।
आगे क्या कहता है मौसम का पूर्वानुमान?
मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक उत्तर प्रदेश में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके बाद 27 जुलाई से मानसून फिर सक्रिय होने के संकेत हैं। यदि बंगाल की खाड़ी में बनने वाली मौसमी प्रणाली मजबूत होती है तो जुलाई के अंतिम सप्ताह और अगस्त की शुरुआत में प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश खेती, जलाशयों और भूजल स्तर के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। हालांकि किसी भी तरह के मौसम संबंधी बदलाव को लेकर लोगों को केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर ही भरोसा करना चाहिए।










