पहले खाई पूरी सब्जी फिर दागे सरकार पर सवाल ; बड़े मंगलवार के भंडारे में पहुंचे अखिलेश यादव

लखनऊ में बड़े मंगलवार भंडारे के दौरान प्रसाद बांटते और पूड़ी-सब्जी खाते अखिलेश यादव, साथ में रिपोर्टर कमलेश कुमार चौधरी की तस्वीर

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कमलेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट

लखनऊ में ज्येष्ठ माह के बड़े मंगलवार पर आयोजित धार्मिक भंडारों की रौनक के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav का अलग अंदाज देखने को मिला। राजधानी के पार्क सिटी इलाके में आयोजित बड़े मंगलवार के भंडारे में पहुंचे अखिलेश यादव ने पहले श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया और फिर खुद जमीन पर बैठकर पूड़ी-सब्जी का प्रसाद ग्रहण किया।

भंडारे में मौजूद लोगों ने अखिलेश यादव का गर्मजोशी से स्वागत किया। धार्मिक आयोजन में उनकी मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज कर दी। हालांकि भंडारे से निकलते ही अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर कई तीखे सवाल दाग दिए। उन्होंने यूपी की कानून व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, पुलिस एनकाउंटर और गिरते रुपए को लेकर भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश की।

बड़े मंगलवार के आयोजन में दिखी राजनीतिक गर्माहट

लखनऊ में बड़े मंगलवार पर हर साल की तरह इस बार भी जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया गया। राजधानी के कई इलाकों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। इसी बीच पार्क सिटी क्षेत्र में आयोजित भंडारे में अखिलेश यादव पहुंचे।

सपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के बीच पहुंचे अखिलेश ने पहले प्रसाद वितरण में हिस्सा लिया। उन्होंने श्रद्धालुओं को पूड़ी-सब्जी और अन्य प्रसाद सामग्री वितरित की। इसके बाद खुद भी आम लोगों के बीच बैठकर भोजन किया।

राजनीतिक जानकार मानते हैं कि धार्मिक आयोजनों में विपक्षी नेताओं की बढ़ती सक्रियता आगामी चुनावी समीकरणों से भी जोड़कर देखी जा रही है। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे शुरू हो चुकी हैं और ऐसे आयोजनों के जरिए राजनीतिक दल जनता के बीच अपनी मौजूदगी मजबूत करने में जुटे हैं।

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कानून व्यवस्था को लेकर योगी सरकार पर हमला

भंडारे के बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने सबसे पहले उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बेटियों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार सिर्फ एनकाउंटर के आंकड़े दिखाकर अपनी छवि चमकाने में लगी हुई है।

अखिलेश ने कहा कि राजधानी लखनऊ जैसे शहर में भी महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और उत्पीड़न की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में दलित, पिछड़े और PDA समाज की महिलाओं के खिलाफ अपराधों में बढ़ोतरी हुई है।

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि सरकार अपराध रोकने में असफल रही है और जनता को वास्तविक सुरक्षा देने के बजाय सिर्फ प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह भी बताना चाहिए कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में आखिर कितनी कमी आई है और कितने मामलों में पीड़ितों को न्याय मिला।

एनकाउंटर नीति पर भी उठाए सवाल

उत्तर प्रदेश में पुलिस एनकाउंटर को लेकर भी अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार एनकाउंटर को उपलब्धि की तरह पेश कर रही है, जबकि असल सवाल यह है कि अपराध आखिर रुक क्यों नहीं रहे।

उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था केवल गोली चलाने से नहीं सुधरती, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और न्याय व्यवस्था मजबूत होने से सुधार आता है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक मार्च 2017 में Yogi Adityanath के मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश में 17 हजार से ज्यादा पुलिस एनकाउंटर किए गए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इन कार्रवाइयों में सैकड़ों अपराधी मारे गए और हजारों घायल हुए।

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सरकार का दावा है कि इन अभियानों से संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। वहीं विपक्ष लगातार इन एनकाउंटरों की निष्पक्षता और कानूनी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाता रहा है।

गिरते रुपए पर केंद्र सरकार को घेरा

अखिलेश यादव ने भारतीय रुपए की गिरती कीमत को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर हो रहा रुपया देश की आर्थिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या रुपया अब पाताल लोक में जाकर मिलेगा? आखिर सरकार यह क्यों नहीं बताती कि रुपया और कितना नीचे जाएगा।

सपा प्रमुख ने कहा कि रुपए की कमजोरी का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ता है। आयात महंगा होता है और उसका असर पेट्रोल-डीजल समेत रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं पर दिखाई देता है।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में महंगाई और बढ़ सकती है। डीजल-पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि होने पर दूध, दही, सब्जी, अनाज और परिवहन तक सब कुछ महंगा हो जाता है। उन्होंने जनता को आगाह करते हुए कहा कि गैस सिलेंडर और ईंधन की कीमतों में आगे और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

महंगाई और बेरोजगारी को बनाया बड़ा मुद्दा

अखिलेश यादव ने कहा कि देश का आम नागरिक पहले से ही महंगाई और बेरोजगारी की मार झेल रहा है। ऐसे समय में सरकार को राहत देने वाले कदम उठाने चाहिए, लेकिन हालात इसके उलट दिखाई दे रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आर्थिक मोर्चे पर जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई है। किसानों, युवाओं और मध्यम वर्ग के सामने गंभीर संकट खड़ा है।

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सपा प्रमुख ने कहा कि रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं और दूसरी तरफ जरूरी वस्तुओं की कीमतें बढ़ रही हैं। इससे आम परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है।

धार्मिक आयोजनों के जरिए जनता से जुड़ने की कोशिश

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में धार्मिक आयोजनों के जरिए जनता से जुड़ने की राजनीति अब सिर्फ भाजपा तक सीमित नहीं रह गई है। विपक्षी दल भी धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी दिखा रहे हैं।

बड़े मंगलवार के भंडारे में अखिलेश यादव की मौजूदगी को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। खासकर ऐसे समय में जब प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं, तब जनता के बीच सीधा संवाद और धार्मिक आयोजनों में सहभागिता राजनीतिक संदेश देने का माध्यम बन रही है।

भाजपा बनाम सपा की बयानबाजी फिर तेज

अखिलेश यादव के इस बयान के बाद भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। भाजपा जहां अपनी कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की नीति को बड़ी उपलब्धि बताती है, वहीं विपक्ष लगातार सरकार पर आंकड़ों की राजनीति करने का आरोप लगाता रहा है।

राजनीतिक रूप से देखा जाए तो आने वाले महीनों में महंगाई, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दे उत्तर प्रदेश की राजनीति के केंद्र में रहने वाले हैं। बड़े मंगलवार के भंडारे से निकला यह राजनीतिक संदेश भी आने वाले चुनावी माहौल की एक झलक माना जा रहा है।

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Author: यायावर

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