बंगाल दौरे पर अखिलेश यादव को लेकर राजभर का हमला, बोले- “संविधान न मानने वालों के साथ खड़े हैं सपा प्रमुख”

ओम प्रकाश राजभर और रिपोर्टर अंजनी कुमार त्रिपाठी की तस्वीर के साथ राजनीतिक बयानबाजी पर आधारित फीचर इमेज, जिसमें अखिलेश यादव और ममता बनर्जी पर राजभर के बयान को दर्शाया गया है।

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अंजनी कुमार त्रिपाठी की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख Om Prakash Rajbhar ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav के कोलकाता दौरे को लेकर तीखा हमला बोला है। सपा प्रमुख आज पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee से मुलाकात करने बंगाल जा रहे हैं, जिस पर राजभर ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह दौरा संविधान को न मानने वालों के समर्थन का संदेश देता है।

राजभर ने दावा किया कि बंगाल चुनाव के बाद बने हालात को लेकर ममता बनर्जी के रुख पर विपक्ष को खुलकर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या दल संविधान की भावना से ऊपर खुद को रखने की कोशिश करता है तो लोकतंत्र के लिए यह चिंता का विषय है।

अखिलेश के बंगाल दौरे को बताया “राजनीतिक संदेश”

ओम प्रकाश राजभर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अखिलेश यादव का बंगाल जाना केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक राजनीतिक संदेश छिपा हुआ है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों के बाद जिस तरह अपने पद को लेकर बयान दिया, उससे साफ होता है कि वे संवैधानिक परंपराओं को महत्व नहीं देतीं।

राजभर ने आरोप लगाया कि ऐसे समय में अखिलेश यादव का उनके समर्थन में जाना यह दर्शाता है कि समाजवादी पार्टी भी संविधान की मूल भावना के साथ खड़ी नहीं दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि जो नेता खुद संविधान की बात करते हैं, वही अब ऐसे लोगों के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं जिन पर संवैधानिक मर्यादाओं की अनदेखी के आरोप लग रहे हैं।

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बंगाल और यूपी में नहीं पड़ेगा कोई असर”

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव के बंगाल जाने से न तो पश्चिम बंगाल की राजनीति पर कोई असर पड़ेगा और न ही उत्तर प्रदेश की जनता पर इसका कोई प्रभाव दिखाई देगा। उन्होंने दावा किया कि जिस तरह बिहार और बंगाल में जनता ने एनडीए को मजबूत जनसमर्थन दिया, उसी तरह वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी एनडीए गठबंधन को दो-तिहाई बहुमत मिलने जा रहा है।

राजभर ने कहा कि विपक्षी दलों में घबराहट साफ दिखाई दे रही है। उनके अनुसार, जनता अब विकास और स्थिर सरकार चाहती है, जबकि विपक्ष केवल राजनीतिक समीकरण बनाने में लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि जनता अब पुराने राजनीतिक प्रयोगों से ऊब चुकी है और केवल जमीनी राजनीति करने वालों को ही समर्थन दे रही है।

विपक्षी एकता पर भी साधा निशाना

ओम प्रकाश राजभर ने विपक्षी दलों के एकजुट होने की कोशिशों पर भी व्यंग्य किया। उन्होंने कहा कि हारे हुए नेताओं और कमजोर राजनीतिक दलों को साथ लाकर कोई बड़ा राजनीतिक बदलाव नहीं किया जा सकता।

उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि केवल एयर कंडीशन कमरों में बैठकर ट्वीट करने और प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से चुनाव नहीं जीते जाते। जनता के बीच जाकर उनके सुख-दुख में शामिल होना पड़ता है।

राजभर ने कहा कि एनडीए के नेता लगातार जनता के बीच सक्रिय रहते हैं। चाहे गर्मी हो, सर्दी हो या बरसात, भाजपा और सहयोगी दलों के कार्यकर्ता लोगों से सीधे संवाद करते हैं। दूसरी तरफ विपक्ष केवल सोशल मीडिया और बयानबाजी तक सीमित दिखाई देता है।

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उन्होंने कहा कि आज की जनता बहुत जागरूक है और वह केवल भाषणों या ट्वीट से प्रभावित नहीं होती। जनता अब उसी नेता को पसंद करती है जो जमीन पर दिखाई दे और लोगों की समस्याओं को समझे।

2027 चुनाव को लेकर बड़ा दावा

राजभर ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि 2027 में एनडीए गठबंधन ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगा और विपक्ष को करारी हार का सामना करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में सरकार लगातार विकास कार्य कर रही है। गरीब कल्याण योजनाओं, सड़क, बिजली, पानी और कानून व्यवस्था के मुद्दों पर सरकार ने जनता का विश्वास जीता है।

राजभर ने कहा कि यही कारण है कि विपक्ष लगातार बेचैन दिखाई दे रहा है और अलग-अलग राज्यों में जाकर राजनीतिक सहारा तलाश रहा है।

शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या पर जताया दुख

पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता Suvendu Adhikari के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या को लेकर भी राजभर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद बताया और कहा कि बंगाल में कानून व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि राज्य में लोगों को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। राजभर ने कहा कि जनता ने भाजपा को इसलिए मजबूत जनाधार दिया है ताकि प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था स्थापित की जा सके।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में भाजपा सरकार बनती है तो ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी और अपराधियों को कानून के दायरे में लाकर जेल भेजा जाएगा।

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यूपी की राजनीति में तेज हुई बयानबाजी

बंगाल की राजनीति को लेकर उत्तर प्रदेश में भी राजनीतिक बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है। एक तरफ विपक्ष भाजपा और उसके सहयोगी दलों पर हमला बोल रहा है, तो दूसरी ओर एनडीए के नेता विपक्षी एकता पर सवाल उठा रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह के बयान आने वाले समय में और तेज हो सकते हैं। फिलहाल अखिलेश यादव का बंगाल दौरा और उस पर राजभर की प्रतिक्रिया राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गई है।

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Author: यायावर

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