विश्वकर्मा पूजा में पूजा के साथ हुआ कर्मवीरों का सम्मान, बस चालकों-परिचालकों को मिले उपहार

सलेमपुर देवरिया के एस. वी. इंटरनेशनल स्कूल में विश्वकर्मा पूजा के दौरान बस चालकों और परिचालकों को उपहार देकर सम्मानित करते विद्यालय प्रतिनिधि

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रिपोर्ट — इरफान अली लारी

सलेमपुर, देवरिया। स्कूल की बसों का स्टीयरिंग संभालने वाले हाथों को जब सम्मान मिला तो विश्वकर्मा पूजा का पर्व सिर्फ पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रहा। रौनी गंगाचक मझौली राज स्थित एस. वी. इंटरनेशनल स्कूल में 17 सितंबर को आयोजित विश्वकर्मा पूजा में भगवान विश्वकर्मा की पूजा के साथ विद्यालय के बस चालकों और परिचालकों को उपहार देकर सम्मानित किया गया। बच्चों को रोज सुरक्षित स्कूल पहुंचाने और वापस घर तक ले जाने वाले इन कर्मचारियों के योगदान को विद्यालय प्रबंधन ने सार्वजनिक रूप से सराहा।

पूजा के साथ कर्म का सम्मान

विद्यालय परिसर में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद विद्यालय के वाहनों का पूजन हुआ। प्रधानाचार्य श्री सत्येन्द्र पाण्डेय ने पूजा संपन्न कराते हुए विद्यालय परिवार के सुख-समृद्धि और विद्यार्थियों की सुरक्षित यात्रा की कामना की। कार्यक्रम में शिक्षकों और कर्मचारियों की मौजूदगी ने आयोजन को सामूहिक रूप दिया।

विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर बस चालकों और परिचालकों को सम्मानित करने का निर्णय कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा। विद्यालय प्रबंधन ने उनके कार्य को केवल नौकरी का हिस्सा न मानकर बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के रूप में देखा। यही वजह रही कि पूजा के बीच उनके योगदान को सम्मान देकर विद्यालय ने श्रम और जिम्मेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी सामने रखी।

विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर विद्यालय परिसर में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल रहा। विद्यालय के वाहनों को साफ-सुथरा कर पूजन के लिए तैयार किया गया। पूजा-अर्चना के दौरान विद्यालय की व्यवस्थाओं से जुड़े कर्मचारियों ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। धार्मिक परंपरा के साथ-साथ इस आयोजन ने विद्यालय में कार्य करने वाले उन लोगों के योगदान को भी रेखांकित किया, जो प्रतिदिन अपनी जिम्मेदारियों के माध्यम से विद्यालय की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से हुई पूजा

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना से हुई। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री सत्येन्द्र पाण्डेय ने विधि-विधान के साथ पूजा संपन्न कराई। इस दौरान विद्यालय के वाहनों का भी पूजन किया गया। प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यालय परिवार से जुड़े सभी लोगों के लिए सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।

विश्वकर्मा पूजा भारतीय परंपरा में श्रम, निर्माण, तकनीक और कार्य-कौशल के प्रति सम्मान का प्रतीक मानी जाती है। विद्यालय में इस पर्व का आयोजन केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से मेहनत और जिम्मेदारी से जुड़े लोगों के प्रति सम्मान की भावना भी सामने आई।

प्रधानाचार्य श्री सत्येन्द्र पाण्डेय ने पूजा के दौरान विद्यालय की उन्नति के साथ विद्यार्थियों की सुरक्षित यात्रा और बेहतर भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विद्यालय की सफलता केवल कक्षाओं और शिक्षण व्यवस्था तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसके पीछे अनेक कर्मचारियों का सतत और जिम्मेदार योगदान होता है।

सुरक्षित स्कूल यात्रा में ड्राइवर-कंडक्टरों की अहम भूमिका

विश्वकर्मा पूजा कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू विद्यालय के बस चालकों और परिचालकों का सम्मान रहा। विद्यालय प्रबंधन की ओर से सभी बस ड्राइवरों और कंडक्टरों को उनके योगदान के लिए उपहार देकर सम्मानित किया गया। सम्मान मिलने पर चालकों और परिचालकों में भी उत्साह दिखाई दिया।

विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को घर से स्कूल और स्कूल से घर तक सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी बस चालकों और परिचालकों पर रहती है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी स्कूल वाहनों से यात्रा करते हैं। ऐसे में वाहन चलाने से लेकर बच्चों की सुरक्षा, उनके चढ़ने-उतरने और यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखने तक कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां बस कर्मचारियों के हिस्से आती हैं।

विद्यालय प्रबंधन ने इसी जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम में यह संदेश भी सामने आया कि किसी भी संस्थान की व्यवस्था को सफल बनाने में केवल सामने दिखाई देने वाले पदों की ही भूमिका नहीं होती, बल्कि पर्दे के पीछे जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मचारियों का योगदान भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

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प्रधानाचार्य ने कर्मचारियों के योगदान को सराहा

प्रधानाचार्य श्री सत्येन्द्र पाण्डेय ने बस चालकों और परिचालकों को सम्मानित करते हुए उनके कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षित यात्रा विद्यालय की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है और इस जिम्मेदारी को पूरा करने में चालक एवं परिचालक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को विश्वास के साथ विद्यालय भेजते हैं। यह विश्वास तभी कायम रहता है, जब बच्चों के आने-जाने की व्यवस्था सुरक्षित और जिम्मेदारी के साथ संचालित हो। स्कूल बस के चालक और परिचालक इसी व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसलिए उनके काम की सराहना और सम्मान आवश्यक है।

प्रधानाचार्य ने विद्यालय परिवार के सभी कर्मचारियों से अपने दायित्वों को इसी प्रकार जिम्मेदारी और ईमानदारी से निभाते रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास से ही किसी शिक्षण संस्थान को बेहतर वातावरण और मजबूत व्यवस्था मिलती है।

पूजा के साथ सम्मान की परंपरा ने दिया सामाजिक संदेश

एस. वी. इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित विश्वकर्मा पूजा कार्यक्रम ने धार्मिक आयोजन के साथ श्रम और कर्म के सम्मान का संदेश भी दिया। भगवान विश्वकर्मा की पूजा भारतीय समाज में निर्माण और तकनीकी कार्यों से जुड़े लोगों के सम्मान की परंपरा से जुड़ी है। विद्यालय ने इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए अपने बस चालकों और परिचालकों को सम्मानित किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार के सदस्यों ने एक-दूसरे को विश्वकर्मा पूजा की शुभकामनाएं दीं। विद्यालय परिसर में उत्साह और सौहार्द का वातावरण बना रहा। पूजा-अर्चना के बाद विद्यालय की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने वाले कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

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इस आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही से जुड़े कर्मचारियों को सार्वजनिक रूप से सम्मान दिया गया। इससे कर्मचारियों में अपने कार्य के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना को बल मिलने की उम्मीद है।

शिक्षक-कर्मचारियों की रही सहभागिता

विश्वकर्मा पूजा कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षकगण और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने पूजा-अर्चना में भाग लिया और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया। विद्यालय परिसर में भगवान विश्वकर्मा के पूजन के साथ वाहनों की पूजा की गई।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार ने आपसी सहयोग, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का संकल्प भी व्यक्त किया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि किसी विद्यालय की व्यवस्था केवल शिक्षकों और विद्यार्थियों से नहीं चलती, बल्कि चालक, परिचालक, कार्यालय कर्मचारी और अन्य सहयोगी कर्मचारी भी उसकी कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा होते हैं।

विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर एस. वी. इंटरनेशनल स्कूल द्वारा बस चालकों और परिचालकों को सम्मानित किए जाने से उनके योगदान को पहचान मिली। बच्चों की सुरक्षित यात्रा जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने वाले इन कर्मचारियों के सम्मान ने कार्यक्रम को एक अलग सामाजिक अर्थ भी दिया।

कुल मिलाकर रौनी गंगाचक मझौली राज स्थित एस. वी. इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित विश्वकर्मा पूजा श्रद्धा, उल्लास और सम्मान के समन्वय का अवसर बनी। भगवान विश्वकर्मा की पूजा के साथ विद्यालय के वाहनों का पूजन किया गया और विद्यालय परिवार की सुख-समृद्धि तथा विद्यार्थियों की सुरक्षित यात्रा की कामना की गई। वहीं, बस चालकों और परिचालकों को उपहार देकर सम्मानित करना कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। विद्यालय प्रबंधन के इस प्रयास से यह संदेश सामने आया कि बच्चों की शिक्षा के साथ उनकी सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने वाले प्रत्येक कर्मचारी का योगदान महत्वपूर्ण है।

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Author: यायावर

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