सावन की तीसरी सोमवारी पर कुशेश्वरस्थान में उमड़ा आस्था का सैलाब

कुशेश्वरस्थान में सावन की तीसरी सोमवारी पर बाबा कुशेश्वरनाथ के जलाभिषेक के लिए उमड़ी शिवभक्तों की भारी भीड़, बलराम पण्डित की रिपोर्ट

सुनने के लिए यहां क्लिक करें

एक लाख से अधिक शिवभक्तों ने किया जलाभिषेक

बलराम पण्डित की रिपोर्ट

कुशेश्वरस्थान। मिथिला के प्रसिद्ध बाबाधाम कुशेश्वरस्थान में सावन की तीसरी सोमवारी पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। बदलते मौसम के बीच उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों से पहुंचे एक लाख से अधिक शिवभक्तों ने बाबा कुशेश्वरनाथ महादेव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। रविवार देर रात से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। पूरी रात शिवभक्तों की कतारें लगी रहीं और सोमवार को दिनभर मंदिर परिसर तथा आसपास का क्षेत्र हर-हर महादेव, बोल बम और कुशेश्वरनाथ की जय के जयघोष से गूंजता रहा।

सावन की तीसरी सोमवारी को बाबा कुशेश्वरनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। रविवार की देर रात श्रद्धालुओं ने शिवगंगा घाट पर स्नान किया। इसके बाद वे गजेन्द्र नारायण सिंह धर्मशाला परिसर में बनाए गए घुमावदार बैरिकेडिंग वाले रास्ते से कतारबद्ध होकर मंदिर का पट खुलने का इंतजार करने लगे। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई थीं।

रात करीब दो बजे श्रद्धालुओं के लिए खोला गया मंदिर का प्रवेश द्वार

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर में अलसुबह मंगल पूजा और आरती की परंपरागत प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद रात करीब दो बजे श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर का प्रवेश द्वार खोल दिया गया। मंदिर खुलते ही शिवभक्तों ने निर्धारित मार्ग से बाबा कुशेश्वरनाथ के दर्शन किए और जलाभिषेक शुरू किया।

श्रद्धालुओं ने चंद्रकूप से पवित्र जल लेकर अरघा के माध्यम से बाबा कुशेश्वरनाथ पर जल अर्पित किया। इस दौरान दूध, गंगाजल, बेलपत्र, पुष्प, अक्षत और चंदन चढ़ाकर भगवान शिव की पूजा की गई। जलाभिषेक का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा।

अरघा की व्यवस्था के कारण श्रद्धालुओं को शिवलिंग पर जल चढ़ाने में अपेक्षाकृत सुविधा मिली। प्रशासन और मंदिर न्यास समिति की ओर से बनाई गई व्यवस्था के चलते कतार में खड़े श्रद्धालुओं को अनावश्यक भीड़ और धक्का-मुक्की का सामना नहीं करना पड़ा।

See also  सावन, कांवड़ और विरह : जब ‘बोल बम’ के जयघोष में घुल जाती है ‘आजहूँ न आए बालमा’ की पीड़ा

मौसम ने बदला मिजाज, फिर भी नहीं कम हुआ भक्तों का उत्साह

सोमवारी की सुबह मौसम सुहावना रहा, लेकिन बाद में तेज धूप निकली। इसके बीच रुक-रुककर बारिश भी होती रही। मौसम में लगातार बदलाव के बावजूद शिवभक्तों की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई।

कतार में घंटों खड़े श्रद्धालु लगातार बाबा के जयकारे लगाते रहे। हर-हर महादेव और बोल बम के नारों से कुशेश्वरस्थान का वातावरण पूरी तरह शिवमय नजर आया। बारिश और धूप की परवाह किए बिना श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते रहे।

कुशेश्वरस्थान में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

सावन की तीसरी सोमवारी पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। ग्रामीण एसपी साक्षी कुमारी 16 अगस्त की दोपहर बाद से ही कुशेश्वरस्थान में कैंप कर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रही थीं। उन्होंने भीड़ नियंत्रण में तैनात पुलिस अधिकारियों और जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष सह एसडीओ शशांक राज, उपाध्यक्ष सह डीएसपी प्रभाकर तिवारी, बीडीओ प्रभा शंकर मिश्रा, सीओ राकेश रौशन भारती और थानाध्यक्ष गौरव प्रसाद सहित प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था में सक्रिय रहे। मंदिर न्यास समिति के पदाधिकारी और सदस्य भी श्रद्धालुओं की सुविधा तथा व्यवस्था बनाए रखने में जुटे रहे।

मंदिर से निकलने के लिए पश्चिमी द्वार की व्यवस्था

श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग मार्ग बनाए गए थे। मंदिर के पश्चिमी द्वार से श्रद्धालुओं की निकासी की व्यवस्था की गई थी। मंदिर परिसर, शिवगंगा घाट, चंद्रकूप और बाजार क्षेत्र तक दंडाधिकारी के नेतृत्व में महिला एवं पुरुष पुलिस बल की तैनाती की गई।

भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई थी। मंदिर न्यास समिति की ओर से मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सहायता के लिए स्वयंसेवकों की भी तैनाती की गई। स्वयंसेवक कतार व्यवस्था, श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन और अन्य आवश्यक सेवाओं में सहयोग करते नजर आए।

See also  खान सर विवाद : 'शिक्षक नहीं माफिया हैं, पैसे का घमंड', खान सर पर गांव वालों के गंभीर आरोप, देवरिया में कोठी पर सवाल

वाहनों के प्रवेश पर रोक, कई स्थानों पर बैरिकेडिंग

सावन मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए बाजार क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। सतीघाट और धोबलिया पुल के पास बैरिकेडिंग की गई थी। इन मार्गों से होकर श्रद्धालुओं की भीड़ बाबा कुशेश्वरनाथ की नगरी की ओर पहुंचती रही।

उत्तर बिहार के कई जिलों और प्रखंडों के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिवार के साथ कुशेश्वरस्थान पहुंचे। कई श्रद्धालु रात में ही पहुंचकर मंदिर परिसर के आसपास कतार में लग गए थे। सुबह होते-होते भीड़ और बढ़ गई।

शाम को हुई बाबा की श्रृंगार पूजा और महाआरती

दैनिक धार्मिक परंपरा के अनुसार शाम को बाबा कुशेश्वरनाथ की श्रृंगार पूजा और महाआरती का भव्य आयोजन किया गया। महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। मंदिर परिसर में घंटियों की गूंज और भगवान शिव के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।

जलाभिषेक और दर्शन का क्रम देर शाम तक चलता रहा। सावन की तीसरी सोमवारी पर कुशेश्वरस्थान पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक आस्था के साथ मेले का भी विशेष आकर्षण रहा।

आसपास के शिवालयों में भी उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

कुशेश्वरस्थान के अलावा आसपास के विभिन्न शिव मंदिरों में भी सावन की तीसरी सोमवारी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। पूर्वी प्रखंड के तिलकेश्वर, सलमगढ़ और समौरा स्थित शिवालयों में दिनभर श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया।

इसी तरह पश्चिमी प्रखंड के आसो स्थित जलेश्वरनाथ, बड़गांव के जिवेश्वरनाथ महादेव, हरिनगर, सोहरबा घाट, नारायणपुर डाबर घाट और पिड़ोरी महादेव मंदिर में भी सुबह से ही शिवभक्तों की कतार लगी रही। हर-हर महादेव के जयघोष से इन मंदिरों के आसपास का वातावरण भी पूरी तरह शिवमय बना रहा।

See also  खान सर पर बढ़ता विवाद : पैतृक गांव से उठे सवाल, रिश्तेदारों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने लगाए गंभीर आरोप

भारी भीड़ के बीच चोरी की घटनाओं से श्रद्धालु परेशान

भारी भीड़ और व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद कुशेश्वरनाथ मंदिर परिसर में चोरी की घटनाएं भी सामने आईं। मंदिर परिसर में दो दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद उचक्कों ने भीड़ का फायदा उठाकर श्रद्धालुओं को निशाना बनाया।

सुबह कतार में खड़ी सकिरना गांव की नवविवाहिता बबिता कुमारी के गले से उचक्के सोने की चकती छीनकर फरार हो गए। इसके अलावा भिरहा निवासी रामदेव यादव का पर्स भी चोरी होने की जानकारी सामने आई। घटनाओं के बाद श्रद्धालुओं में चिंता का माहौल देखा गया।

थानाध्यक्ष गौरव प्रसाद ने बताया कि लिखित शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की जाएगी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की भी जांच कर सकती है, जिससे भीड़ में सक्रिय उचक्कों की पहचान की जा सके।

आस्था, व्यवस्था और भीड़ के बीच यादगार रही सोमवारी

कुल मिलाकर सावन की तीसरी सोमवारी पर कुशेश्वरस्थान बाबाधाम में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद प्रशासन, पुलिस, मंदिर न्यास समिति और स्वयंसेवकों ने भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए। मौसम की बेरुखी के बीच भी श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ।

सुबह से देर शाम तक बाबा कुशेश्वरनाथ के जलाभिषेक का सिलसिला चलता रहा। मंदिर परिसर से लेकर शिवगंगा घाट, चंद्रकूप, बाजार और आसपास के शिवालयों तक हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारे गूंजते रहे। सावन की इस सोमवारी ने एक बार फिर साबित किया कि मिथिला की धार्मिक आस्था और बाबा कुशेश्वरनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की श्रद्धा कितनी गहरी है।

यायावर
Author: यायावर

यायावर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Read More

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें