17 अक्टूबर 2026 8:47 अपराह्न

सीएचसी सलेमपुर में संविदा कर्मचारियों को अलर्ट रूम आवंटन पर उठे सवाल, चर्चा तेज

सीएचसी सलेमपुर अस्पताल परिसर की इमारत और रिपोर्टर इरफान अली लारी के साथ संविदा कर्मचारियों को अलर्ट रूम आवंटन से जुड़े समाचार की फीचर इमेज।

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इरफान अली लारी की रिपोर्ट

सलेमपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सलेमपुर में दो संविदा कर्मचारियों को अस्पताल परिसर स्थित अलर्ट रूम आवंटित किए जाने का मामला इन दिनों चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। अस्पताल के कर्मचारियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों के बीच भी इस फैसले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि अलर्ट रूम का उपयोग सामान्य परिस्थितियों में उन चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के लिए किया जाता है, जिन्हें आपातकालीन सेवाओं के दौरान तत्काल उपलब्ध रहना आवश्यक होता है। ऐसे में संविदा कर्मचारियों को इस प्रकार का कमरा उपलब्ध कराए जाने को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं।

अलर्ट रूम के उपयोग को लेकर उठे सवाल

अस्पताल कर्मचारियों के अनुसार, अलर्ट रूम का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनाए रखना और आपातकालीन परिस्थितियों में तैनात कर्मचारियों को तत्काल सुविधा उपलब्ध कराना होता है। यही कारण है कि आमतौर पर इन कमरों का आवंटन केवल उन्हीं कर्मचारियों को किया जाता है, जिनकी ड्यूटी चौबीसों घंटे आपातकालीन सेवाओं से जुड़ी रहती है।

कर्मचारियों का कहना है कि यदि किसी विशेष प्रशासनिक या चिकित्सकीय आवश्यकता के आधार पर संविदा कर्मचारियों को अलर्ट रूम दिया गया है, तो इस संबंध में स्पष्ट आदेश या दिशा-निर्देश सार्वजनिक किए जाने चाहिए। उनका मानना है कि इससे कर्मचारियों के बीच किसी भी प्रकार का भ्रम या असमंजस नहीं रहेगा और व्यवस्था अधिक पारदर्शी दिखाई देगी।

कर्मचारियों में समानता के सिद्धांत पर भी उठी चर्चा

अस्पताल में कार्यरत कई कर्मचारियों का कहना है कि यदि भविष्य में किसी अन्य कर्मचारी को भी इसी प्रकार की आवश्यकता होती है, तो उसके लिए भी समान नियमों के तहत सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उनका मानना है कि सरकारी संस्थानों में संसाधनों का वितरण निष्पक्ष और स्पष्ट मानकों के आधार पर होना चाहिए, ताकि किसी कर्मचारी को पक्षपात की भावना न हो।

कर्मचारियों के अनुसार, यदि कमरे आवंटित करने के लिए कोई निर्धारित नीति या प्रशासनिक व्यवस्था है, तो उसे सभी कर्मचारियों की जानकारी में लाया जाना चाहिए। इससे अनावश्यक विवाद और चर्चाओं पर भी विराम लग सकता है।

स्थानीय लोगों ने भी पारदर्शिता की उठाई मांग

इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय नागरिकों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। स्थानीय निवासी अभिषेक, दीपक, आशीष, आकाश और राहुल कुमार का कहना है कि अस्पताल परिसर में उपलब्ध सरकारी आवासों और कमरों का आवंटन पूरी तरह नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए।

उनका कहना है कि यदि किसी कर्मचारी को विशेष सुविधा प्रदान की जाती है, तो उसके पीछे के कारणों की जानकारी भी सार्वजनिक होनी चाहिए। इससे कर्मचारियों और आम लोगों के मन में किसी प्रकार की शंका या भ्रम की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इससे जनता का विश्वास भी मजबूत होता है।

पूरे दिन बना रहा चर्चा का विषय

सीएचसी सलेमपुर परिसर में दिनभर इस मुद्दे को लेकर कर्मचारियों के बीच बातचीत होती रही। कई कर्मचारियों ने इसे प्रशासनिक निर्णय बताते हुए इसकी प्रक्रिया को स्पष्ट किए जाने की आवश्यकता जताई, जबकि कुछ लोगों का मानना है कि यदि अस्पताल प्रशासन ने किसी विशेष आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है तो उसका आधिकारिक आधार सामने आना चाहिए।

हालांकि, किसी भी कर्मचारी ने इस मामले में औपचारिक शिकायत किए जाने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन कर्मचारियों के बीच इस विषय को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर भी लोग इस निर्णय को लेकर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं व्यक्त कर रहे हैं।

अस्पताल प्रशासन ने दी अपनी सफाई

मामले को लेकर जब अस्पताल प्रशासन से जानकारी ली गई तो अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि कमरे का आवंटन अस्पताल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है। उनका कहना है कि इस निर्णय में किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है और यह पूरी तरह प्रशासनिक जरूरत के आधार पर लिया गया फैसला है।

अधीक्षक के अनुसार, अस्पताल की कार्यप्रणाली को सुचारु बनाए रखने तथा आवश्यक सेवाओं को ध्यान में रखते हुए संबंधित संविदा कर्मचारी और सफाईकर्मी को अलर्ट रूम उपलब्ध कराया गया है।

अधीक्षक का पक्ष

डा. सत्येन्द्र कुमार राव, अधीक्षक, सीएचसी सलेमपुर ने कहा, “अस्पताल की आवश्यकता को देखते हुए संबंधित संविदा कर्मचारी व सफाईकर्मी को अलर्ट रूम दिया गया है। इसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं है।”

सीएचसी सलेमपुर में संविदा कर्मचारियों को अलर्ट रूम आवंटित किए जाने का मामला फिलहाल चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां एक ओर कर्मचारी और स्थानीय लोग आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अस्पताल प्रशासन इसे पूरी तरह आवश्यकता आधारित निर्णय बता रहा है। ऐसे में यदि प्रशासन आवंटन संबंधी प्रक्रिया और मानकों को सार्वजनिक करता है तो कर्मचारियों और आम नागरिकों के बीच उठ रहे सवालों का स्वतः समाधान हो सकता है तथा भविष्य में इस प्रकार की चर्चाओं पर भी विराम लग सकता है।

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