उत्तर प्रदेश में मानसून का कहर : अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट, कई शहर जलमग्न, स्कूल बंद, किसानों की बढ़ी चिंता
चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और लगातार हो रही बारिश ने प्रदेश के कई जिलों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बीते 24 घंटों के दौरान हुई तेज वर्षा से शहरों की सड़कें जलमग्न हो गईं, कॉलोनियों में पानी भर गया और ग्रामीण इलाकों में खेतों से लेकर घरों तक पानी पहुंचने लगा। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले पांच दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताते हुए कई जिलों के लिए भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है।
बारिश के कारण सड़क यातायात प्रभावित हुआ है, स्कूलों में छुट्टियां घोषित करनी पड़ी हैं और प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने पड़े हैं। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण मानसूनी गतिविधियां लगातार मजबूत बनी हुई हैं, जिससे आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश होने की संभावना है।
गाजियाबाद और नोएडा में जलभराव से यातायात व्यवस्था चरमराई
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से सटे गाजियाबाद और नोएडा में लगातार हो रही बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर जाने से लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, स्कूल पहुंचने वाले विद्यार्थियों और दैनिक यात्रियों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ा।
नोएडा के सेक्टर-57, सेक्टर-58, सेक्टर-61, सेक्टर-62 और सेक्टर-63 सहित कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही। निचले क्षेत्रों में पानी जमा होने से लोगों को घरों से निकलने में भी परेशानी हुई। नगर निगम की टीमें जल निकासी में जुटी हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी है।
बुलंदशहर और संभल में बाजारों तक पहुंचा बारिश का पानी
बुलंदशहर जिले के पहासू कस्बे में तेज बारिश के बाद मुख्य बाजार पूरी तरह पानी में डूब गए। कई दुकानों के अंदर बारिश का पानी घुस जाने से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। व्यापारियों ने प्रशासन से बेहतर जल निकासी व्यवस्था की मांग की है।
वहीं संभल जिले के चंदौसी क्षेत्र में भी कई मोहल्लों और गलियों में जलभराव हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण हर वर्ष मानसून के दौरान ऐसी स्थिति बन जाती है। जलभराव के चलते लोगों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित हुईं और कई स्थानों पर वाहन भी बंद हो गए।
ग्रामीण इलाकों में बारिश से बढ़ी किसानों की चिंता
लगातार हो रही बारिश का असर केवल शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात गंभीर होते जा रहे हैं। मुजफ्फरनगर के कई गांवों में गलियां पानी से भर गई हैं और कुछ स्थानों पर बारिश का पानी घरों तक पहुंच गया है।
खेतों में अत्यधिक पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही जल निकासी की व्यवस्था नहीं हुई तो धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत कार्य शुरू करने और जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने की मांग की है।
मथुरा में कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों में अवकाश
मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए मथुरा जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए कक्षा 8 तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आदेश का पालन नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और खराब मौसम के दौरान किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लिया जाएगा।
प्रशासन अलर्ट मोड पर, राहत एवं बचाव कार्य जारी
भारी बारिश को देखते हुए विभिन्न जिलों में प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी निकालने के लिए पंप लगाए जा रहे हैं और संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें। बारिश के दौरान बिजली के खंभों, खुले तारों और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखें। किसी भी आपात स्थिति में जिला प्रशासन और संबंधित हेल्पलाइन से तुरंत संपर्क करने की सलाह दी गई है।
इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है। जिन जिलों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है उनमें औरैया, फर्रुखाबाद, कन्नौज, महोबा, ललितपुर, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, कासगंज, देवरिया, कुशीनगर, अंबेडकरनगर, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, बांदा, फतेहपुर, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर, गोंडा, अयोध्या, बस्ती, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, संतकबीरनगर, गोरखपुर, आजमगढ़, मऊ और बलिया सहित अनेक जिले शामिल हैं।
इसके अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
अगले पांच दिन कैसा रहेगा उत्तर प्रदेश का मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों को लगातार मजबूती दे रहा है। यही कारण है कि अगले पांच दिनों तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में रुक-रुककर बारिश होती रहेगी।
राजधानी लखनऊ समेत मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश होने के आसार हैं। लगातार बारिश से अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थितियों की आशंका भी बनी रहेगी।
मौसम विभाग ने लोगों से मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखने, अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। विशेष रूप से किसानों, वाहन चालकों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि अगले कुछ दिन उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय रहने वाला है।









