देवरिया

Deoria News: IGRS जांच के दौरान किसान की मौत से मचा बवाल, ग्रामीणों ने SDM की गाड़ी के सामने रखा शव

रिपोर्ट: इरफान अली लारी

देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की रुद्रपुर तहसील के पिड़हनी गांव में IGRS पोर्टल पर दर्ज एक शिकायत की जांच के दौरान हुई एक किसान की मौत ने पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा कर दिया। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मृतक का शव एसडीएम की गाड़ी के सामने रखकर विरोध जताया और अधिकारियों को काफी देर तक मौके पर ही रोक लिया। स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलने पर कई थानों की पुलिस और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। काफी समझाने-बुझाने के बाद मामला शांत हुआ और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

IGRS शिकायत के निस्तारण के लिए गांव पहुंचे थे अधिकारी

मिली जानकारी के अनुसार, पिड़हनी गांव निवासी बैजनाथ यादव ने गांव के ही सर्वजीत यादव पर खलिहान एवं आबादी की जमीन पर कथित कब्जा करने का आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के IGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के निस्तारण के लिए रुद्रपुर के उपजिलाधिकारी (SDM) अवधेश निगम अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे थे।

जांच के दौरान दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत की जा रही थी ताकि विवाद का समाधान निकाला जा सके। इसी बीच माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया और वहां मौजूद लोगों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

जांच के दौरान बिगड़ी किसान की तबीयत

घटना के बाद मृतक सर्वजीत यादव के परिजनों ने आरोप लगाया कि जांच के दौरान एसडीएम द्वारा उन्हें कड़ी फटकार लगाई गई, जिसके बाद उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। परिजनों का कहना है कि कुछ ही देर में वह जमीन पर गिर पड़े और उनकी हालत गंभीर हो गई। आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए रुद्रपुर स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

किसान की मौत की खबर गांव में फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। देखते ही देखते माहौल पूरी तरह से तनावपूर्ण हो गया।

शव रखकर किया प्रदर्शन, प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी

मृतक के परिजन और ग्रामीण किसान की मौत से आक्रोशित हो उठे। उन्होंने शव को एसडीएम की सरकारी गाड़ी के सामने रख दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

स्थिति को देखते हुए एसडीएम ने अपनी सुरक्षा के मद्देनजर पास के एक मकान में शरण ली। काफी देर तक अधिकारी मौके से बाहर नहीं निकल सके। इस दौरान गांव में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा

घटना की जानकारी मिलते ही तहसीलदार, क्षेत्राधिकारी (CO) रुद्रपुर सहित कई थानों की पुलिस फोर्स गांव पहुंच गई। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। लंबे समय तक चली वार्ता के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर सतेंद्र राय ने बताया कि इस मामले में योगेंद्र यादव की तहरीर के आधार पर थाना रुद्रपुर में मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, IGRS शिकायत की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही थी।

इसी दौरान पहले पक्ष के एक व्यक्ति द्वारा कथित रूप से सर्वजीत यादव को धक्का दिया गया, जिससे वह गिर पड़े और उन्हें गंभीर चोट आई। इसके बाद परिजन उन्हें निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों और साक्ष्यों को एकत्र किया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी सभी की निगाहें

फिलहाल इस पूरे मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि किसान की मौत का वास्तविक कारण क्या था। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जाएगी और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

गांव में एहतियात, प्रशासन कर रहा निगरानी

घटना के बाद पिड़हनी गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। प्रशासन लगातार गांव की स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी प्रकार की अफवाह या तनावपूर्ण स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की है।

यह घटना एक बार फिर प्रशासनिक जांच के दौरान सुरक्षा, संवेदनशीलता और विवादित मामलों के शांतिपूर्ण निस्तारण की आवश्यकता को रेखांकित करती है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

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