मायके आते ही मचल गया मन? बाजार जाने के बहाने घंटों रही गायब… भनक लगी तो पति ने गंगा में धकेला

उन्नाव में पत्नी को गंगा नदी में धकेलने के आरोपी पति की घटना पर कमलेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट

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कमलेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट

उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से पति-पत्नी के रिश्ते में शक और विवाद के बाद सामने आई एक बेहद गंभीर वारदात ने इलाके को झकझोर दिया है। सफीपुर कोतवाली क्षेत्र में एक पति पर अपनी पत्नी को गंगा नदी के पुल से नदी में धकेलने का आरोप लगा है। पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी पति ने घटना की बात स्वीकार की है। बताया जा रहा है कि पत्नी के किसी अन्य युवक से फोन पर बातचीत करने के शक को लेकर दंपती के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।

घटना के बाद आरोपी ने कथित तौर पर परिवार को यह बताने की कोशिश की कि उसकी पत्नी ने खुद गंगा नदी में छलांग लगाई है। हालांकि, मायके वालों को उसकी कहानी पर संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस के सामने हत्या की आशंका जताई। पुलिस पूछताछ के बाद आरोपी के बयान में कथित विरोधाभास सामने आए और उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। फिलहाल पुलिस गंगा नदी में महिला की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चला रही है।

मायके से लौट रही थी महिला, रास्ते में हुआ विवाद

पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र के गाजीपुर गांव निवासी करीब 21 वर्षीय सुजीत की शादी लगभग दो वर्ष पहले 19 वर्षीय ऊषा से हुई थी। दंपती की कोई संतान नहीं थी। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था।

शुक्रवार को सुजीत अपनी पत्नी ऊषा के साथ उसकी ससुराल, सफीपुर कोतवाली क्षेत्र के मरावंडा मंजवारा गांव पहुंचा था। बताया गया कि ऊषा के भाई मोनू राजपूत के हाथ में फ्रैक्चर होने के कारण दोनों उसका हालचाल जानने मायके गए थे।

परिजनों के मुताबिक, कुछ समय तक सब कुछ सामान्य रहा। शाम करीब छह बजे सुजीत और ऊषा बाइक से अपने घर लौटने के लिए निकले। इसी दौरान रास्ते में गंगा नदी के पुल पर दोनों के बीच फिर विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद सुजीत ने अपनी पत्नी को बाइक से उतारा और उसे गंगा नदी में धकेल दिया।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। महिला नदी में गिरने के बाद पानी के तेज बहाव में बह गई। आसपास मौजूद लोगों और परिवार को घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस को सूचना दी गई।

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फोन पर बातचीत को लेकर पति करता था शक

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पति अपनी पत्नी के किसी युवक से फोन पर बातचीत करने को लेकर शक करता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच आए दिन कहासुनी होने की बात सामने आई है।

आरोपी पति ने पूछताछ में कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसे संदेह था कि ऊषा किसी अन्य युवक से लगातार फोन पर बातचीत करती है। उसके मुताबिक, मायके जाने के दौरान भी वह फोन पर किसी से बातचीत करती थी, जिसे लेकर उसके मन में शक और बढ़ गया था।

बताया जा रहा है कि बुधवार को भी इसी मुद्दे पर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। आरोपी के अनुसार, ऊषा मायके जाने के बाद बाजार जाने की बात कहकर काफी देर तक वापस नहीं लौटी थी। इससे उसका संदेह और गहरा गया।

हालांकि, पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति से संबंध होने की बात की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह फिलहाल आरोपी के शक और उसके पुलिस को दिए गए कथित बयान का हिस्सा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

गंगा पुल पर पति ने रची दूसरी कहानी

आरोप है कि पत्नी को नदी में धकेलने के बाद सुजीत ने घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। उसने अपनी मां सुमन को फोन कर कथित तौर पर बताया कि ऊषा ने खुद गंगा नदी में छलांग लगा दी है।

जब महिला के मायके वालों को घटना की जानकारी मिली तो वे मौके पर पहुंचे। ऊषा के पिता विनोद और अन्य परिजनों ने घटना को लेकर संदेह जताया। उनका आरोप था कि उनकी बेटी के साथ कुछ गलत हुआ है और घटना सामान्य रूप से नदी में छलांग लगाने की नहीं लगती।

परिजनों के सवालों और आरोपों के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी पति से पूछताछ की तो उसके बयान की बारीकी से जांच की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान उसके बयान में विरोधाभास सामने आए।

पुलिस पूछताछ में बदली कहानी

शुरुआत में सुजीत कथित तौर पर पत्नी के खुद नदी में छलांग लगाने की बात कहता रहा। लेकिन पुलिस द्वारा लगातार पूछताछ किए जाने के बाद उसकी कहानी बदलने लगी। पुलिस का दावा है कि बाद में उसने घटना के पीछे अपना हाथ होने की बात स्वीकार कर ली।

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पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि पत्नी के चरित्र को लेकर उसके मन में शक था और इसी वजह से दोनों के बीच विवाद होता रहता था। शुक्रवार को गंगा पुल पर विवाद बढ़ने के बाद उसने कथित तौर पर ऊषा को नदी में धकेल दिया।

घटना के बाद आरोपी द्वारा परिवार को गुमराह करने के लिए आत्महत्या की कहानी बताए जाने का भी आरोप है। पुलिस अब आरोपी के बयान, घटनास्थल, परिवार के सदस्यों के बयानों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ रही है।

अंधेरा होने के कारण रात में नहीं मिल सकी महिला

गंगा नदी में महिला के गिरने की सूचना मिलने के बाद पुलिस और बचाव दल ने उसकी तलाश शुरू की। रात होने के कारण नदी में सर्च ऑपरेशन में काफी मुश्किलें आईं। अंधेरा और नदी का तेज बहाव तलाशी अभियान में बड़ी चुनौती बना रहा।

पुलिस की ओर से गोताखोरों की मदद ली गई, लेकिन देर रात तक ऊषा का कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद सुबह होते ही मोटरबोट की मदद से नदी में व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किए जाने की बात कही गई।

परिवार के लोग भी नदी किनारे मौजूद रहे और अपनी बेटी के मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पुलिस नदी के संभावित बहाव क्षेत्र में भी तलाश कर रही है, ताकि महिला का पता लगाया जा सके।

आरोपी पति हिरासत में, परिजनों से भी पूछताछ

घटना के बाद पुलिस ने आरोपी पति सुजीत को हिरासत में ले लिया है। पुलिस उसके माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के बयान भी दर्ज कर रही है। महिला के पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई है।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले पति-पत्नी के बीच किस तरह के विवाद चल रहे थे। इसके अलावा दोनों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। महिला की तलाश पूरी होने और अन्य साक्ष्य सामने आने के बाद जांच को और दिशा मिलने की उम्मीद है।

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शक ने बिगाड़ दिया वैवाहिक रिश्ता

यह घटना एक बार फिर बताती है कि वैवाहिक रिश्तों में शक और लगातार बढ़ता विवाद किस तरह गंभीर रूप ले सकता है। पति द्वारा पत्नी के चरित्र पर संदेह किए जाने की बात सामने आई है, लेकिन केवल शक के आधार पर किसी व्यक्ति पर आरोप लगाना उचित नहीं है। इस मामले में भी पत्नी के कथित संबंधों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

घटना का सबसे गंभीर पहलू यह है कि विवाद के बाद एक महिला के नदी में गिरने और उसकी हत्या के आरोप में उसके पति को हिरासत में लिया गया है। पुलिस की जांच यह तय करेगी कि घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और आरोपी के खिलाफ कौन-कौन से आरोप प्रमाणित होते हैं।

फिलहाल परिवार की चिंता ऊषा की तलाश को लेकर है। गंगा नदी में चल रहे सर्च ऑपरेशन के परिणाम का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस की जांच और नदी से महिला के संबंध में मिलने वाले साक्ष्य इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

पुलिस जांच से सामने आएगी पूरी सच्चाई

उन्नाव की इस घटना में फिलहाल कई सवाल जांच के दायरे में हैं। क्या पति ने केवल शक के चलते पत्नी को नदी में धकेला? क्या दोनों के बीच पहले से कोई गंभीर विवाद चल रहा था? घटना के बाद आत्महत्या की कहानी क्यों बताई गई? इन सभी सवालों के जवाब पुलिस जांच में सामने आने हैं।

पुलिस आरोपी से पूछताछ के साथ-साथ घटनास्थल और संबंधित लोगों के बयानों की भी जांच कर रही है। गंगा नदी में महिला की तलाश जारी है और उसके मिलने के बाद पोस्टमार्टम समेत अन्य कानूनी प्रक्रियाओं से जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिल सकती है।

फिलहाल इस मामले में सबसे अहम तथ्य यही है कि एक विवाहिता के गंगा नदी में गिरने की घटना के बाद उसके पति पर गंभीर आरोप लगे हैं और पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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Author: यायावर

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