ऊर्जा क्षेत्र के अनुभवी अधिकारी को बड़ी जिम्मेदारी, एनटीपीसी सीपत के नए परियोजना प्रमुख बने विजय शंकर दुबे

विजय शंकर दुबे एनटीपीसी सीपत के परियोजना प्रमुख का पदभार संभालते हुए

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रिपोर्ट: हरीश चन्द्र गुप्ता

देश की अग्रणी विद्युत उत्पादन कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड के महत्वपूर्ण विद्युत केंद्रों में शामिल एनटीपीसी सीपत को नया नेतृत्व मिल गया है। वरिष्ठ अधिकारी और मुख्य महाप्रबंधक विजय शंकर दुबे ने 1 सितंबर 2026 से परियोजना प्रमुख का पदभार ग्रहण कर लिया है। उनके कार्यभार संभालने के साथ ही ऊर्जा क्षेत्र में यह नियुक्ति विशेष महत्व की मानी जा रही है, क्योंकि वर्तमान समय में एनटीपीसी सीपत विस्तार और तकनीकी उन्नयन के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है।

ऊर्जा उत्पादन, परियोजना प्रबंधन और निर्माण कार्यों में तीन दशक से अधिक का अनुभव रखने वाले विजय शंकर दुबे का नेतृत्व स्टेशन के विकास को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। पदभार ग्रहण करने के अवसर पर एनटीपीसी सीपत के वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों, यूनियन तथा विभिन्न एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत करते हुए शुभकामनाएं दीं।

तीन दशक से अधिक का समृद्ध अनुभव

विजय शंकर दुबे ने अपने व्यावसायिक जीवन की शुरुआत वर्ष 1995 में एनटीपीसी में कार्यपालक प्रशिक्षु (एग्जीक्यूटिव ट्रेनी) के रूप में की थी। तब से लेकर अब तक उन्होंने संगठन के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में कार्य करते हुए ऊर्जा क्षेत्र की गहरी समझ विकसित की है।

उनका अनुभव केवल विद्युत उत्पादन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने संचालन, तकनीकी योजना, परियोजना निर्माण, परियोजना प्रबंधन तथा प्रणाली विकास जैसे विविध क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। यही कारण है कि उन्हें एनटीपीसी के बहुआयामी और परिणामोन्मुख अधिकारियों में गिना जाता है।

अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने एनटीपीसी विंध्याचल, गाडरवाड़ा, नॉर्थ करणपुरा और कॉरपोरेट सेंटर जैसे प्रतिष्ठित प्रतिष्ठानों में विभिन्न जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है।

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संचालन से लेकर परियोजना निर्माण तक की यात्रा

विजय शंकर दुबे ने अपने करियर की शुरुआत एनटीपीसी विंध्याचल में प्रचालन (ऑपरेशन) विभाग से की थी। विद्युत संयंत्रों के संचालन और उत्पादन से जुड़े कार्यों में उन्होंने प्रारंभिक स्तर पर महत्वपूर्ण अनुभव अर्जित किया।

इसके बाद उन्हें योजना एवं प्रणाली विभाग में कार्य करने का अवसर मिला। यहां उन्होंने तकनीकी नियोजन, संसाधन प्रबंधन और परियोजनाओं की रणनीतिक तैयारी से संबंधित अनेक कार्यों को समझा और उन्हें सफलतापूर्वक लागू किया।

बाद के वर्षों में उन्होंने गाडरवाड़ा परियोजना तथा एनटीपीसी के कॉरपोरेट सेंटर में परियोजना प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। इस दौरान बड़े ऊर्जा प्रकल्पों की योजना, निगरानी और क्रियान्वयन में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही।

नॉर्थ करणपुरा परियोजना में कार्य करते हुए उन्हें परियोजना निर्माण और विकास कार्यों का व्यापक अनुभव प्राप्त हुआ। यहां उन्होंने निर्माण गतिविधियों, तकनीकी समन्वय और समयबद्ध परियोजना निष्पादन में सक्रिय भूमिका निभाई। इस अनुभव ने उन्हें बड़े पैमाने पर चलने वाली परियोजनाओं का कुशल प्रबंधक बनने में मदद की।

उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और नेतृत्व क्षमता

एनटीपीसी में जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करने के साथ-साथ विजय शंकर दुबे ने समय-समय पर कई प्रतिष्ठित व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी भाग लिया है।

उन्होंने टोटल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट तथा इंटरनेशनल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एसोसिएशन (IPMA) के लेवल-‘C’ प्रमाणन कार्यक्रम को पूरा किया है। इसके अलावा उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) अहमदाबाद के प्रतिष्ठित LEAD कार्यक्रम में भी प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

ये प्रशिक्षण कार्यक्रम परियोजना प्रबंधन, नेतृत्व विकास, संगठनात्मक दक्षता और रणनीतिक निर्णय क्षमता को मजबूत बनाने के लिए जाने जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्रशिक्षण उनके प्रशासनिक और नेतृत्व कौशल को और अधिक प्रभावी बनाते हैं।

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शैक्षणिक उपलब्धियां भी प्रभावशाली

विजय शंकर दुबे की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी अत्यंत मजबूत रही है। उन्होंने अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.ई. की डिग्री प्राप्त की है।

इसके बाद उन्होंने भोपाल स्थित एमएसीटी (MACT) से मशीन डिजाइन विषय में एम.टेक. किया। तकनीकी शिक्षा और व्यावहारिक अनुभव का यह संयोजन उन्हें जटिल ऊर्जा परियोजनाओं के संचालन और प्रबंधन के लिए विशेष रूप से सक्षम बनाता है।

विकास के महत्वपूर्ण दौर में मिला नया नेतृत्व

एनटीपीसी सीपत वर्तमान समय में विस्तार और आधुनिकीकरण के महत्वपूर्ण चरण से गुजर रहा है। ऐसे समय में अनुभवी अधिकारी का परियोजना प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालना संगठन के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि संचालन, परियोजना निर्माण और प्रबंधन के क्षेत्र में विजय शंकर दुबे के व्यापक अनुभव का लाभ सीपत स्टेशन को मिलेगा। उनके नेतृत्व में उत्पादन क्षमता बढ़ाने, परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने तथा तकनीकी उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होने की संभावना है।

एनटीपीसी सीपत: छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा विद्युत केंद्र

बिलासपुर जिले में स्थित एनटीपीसी सीपत सुपर थर्मल पावर स्टेशन छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा ताप विद्युत संयंत्र माना जाता है। इसकी वर्तमान स्थापित क्षमता 2,980 मेगावाट है, जो इसे देश के प्रमुख विद्युत उत्पादन केंद्रों में शामिल करती है।

स्टेशन के पहले चरण में 660 मेगावाट क्षमता की तीन इकाइयां संचालित हैं, जबकि दूसरे चरण में 500 मेगावाट की दो इकाइयां कार्यरत हैं। यह केंद्र एनटीपीसी के पहले सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत संयंत्रों में भी शामिल है।

सीपत स्टेशन की एक और विशेषता यहां स्थापित विशाल 765 केवी स्विचयार्ड है, जिसे अपनी श्रेणी में देश के सबसे बड़े स्विचयार्डों में गिना जाता है।

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स्टेज-III और हरित ऊर्जा परियोजनाओं पर विशेष फोकस

एनटीपीसी सीपत में वर्तमान में 800 मेगावाट क्षमता वाली स्टेज-III परियोजना का विकास अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल तकनीक के आधार पर किया जा रहा है। यह तकनीक बेहतर दक्षता और अपेक्षाकृत कम उत्सर्जन के लिए जानी जाती है।

इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद स्टेशन की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 3,780 मेगावाट हो जाएगी, जिससे क्षेत्रीय और राष्ट्रीय विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी।

इसके साथ ही एनटीपीसी सीपत नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी सक्रिय कदम बढ़ा रहा है। स्टेशन परिसर में 26 मेगावाट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

सात राज्यों को मिलती है बिजली

एनटीपीसी सीपत केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विद्युत आपूर्ति करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विश्वसनीय और कुशल विद्युत उत्पादन के माध्यम से यह स्टेशन देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने में लगातार योगदान दे रहा है।

नए परियोजना प्रमुख विजय शंकर दुबे के नेतृत्व में स्टेशन से अपेक्षा की जा रही है कि वह उत्पादन क्षमता, तकनीकी नवाचार, परियोजना क्रियान्वयन और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्रों में नई उपलब्धियां स्थापित करेगा। ऊर्जा क्षेत्र के बदलते परिदृश्य में उनका अनुभव और नेतृत्व एनटीपीसी सीपत के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति साबित हो सकता है।

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