सुबह-सुबह स्कूल पहुंचे डीएम, शिक्षामित्र मिला अनुपस्थित, डिजिटल उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया विशेष जोर
रिपोर्ट: इरफान अली लारी
देवरिया। जिले में सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बुधवार सुबह उच्च प्राथमिक विद्यालय तिलई बेलवा का औचक निरीक्षण किया। सुबह लगभग 7:45 बजे ही जिलाधिकारी के विद्यालय पहुंचने से शिक्षकों और कर्मचारियों में हलचल मच गई। बिना पूर्व सूचना किए गए इस निरीक्षण में उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों की डिजिटल उपस्थिति, स्वच्छता व्यवस्था और आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यप्रणाली का विस्तार से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी शिक्षकों को पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सके।
डिजिटल उपस्थिति बढ़ाने के दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय में विद्यार्थियों की डिजिटल उपस्थिति प्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि डिजिटल उपस्थिति को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। इस पर उन्होंने संबंधित शिक्षकों को निर्देशित किया कि प्रत्येक छात्र-छात्रा की नियमित डिजिटल उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा इस व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
उन्होंने कहा कि डिजिटल उपस्थिति केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि विद्यालयों की वास्तविक शैक्षणिक स्थिति का आकलन करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों की नियमितता, विद्यालय की कार्यप्रणाली और शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता का सही मूल्यांकन किया जा सकता है।
शिक्षकों की उपस्थिति और पठन-पाठन व्यवस्था की हुई समीक्षा
जिलाधिकारी ने विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों की उपस्थिति का भी बारीकी से निरीक्षण किया। साथ ही उन्होंने कक्षाओं में चल रहे पठन-पाठन की जानकारी लेकर शिक्षकों से शिक्षण पद्धति और विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति के बारे में चर्चा की।
उन्होंने शिक्षकों से कहा कि केवल पाठ्यक्रम पूरा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता विकसित करना भी उनकी जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को उनकी क्षमता के अनुसार मार्गदर्शन देकर उन्हें निपुण बनाने की दिशा में विशेष प्रयास किए जाएं।
अनुपस्थित मिले शिक्षामित्र पर कारण बताओ नोटिस
औचक निरीक्षण के दौरान विद्यालय में तैनात एक शिक्षामित्र अनुपस्थित मिला। बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित शिक्षामित्र के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी विद्यालयों में समयपालन और नियमित उपस्थिति के मामले में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों को निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचकर अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा।
प्रत्येक बच्चे को निपुण बनाने पर दिया जोर
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कहा कि सरकार की मंशा प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर उसे निपुण बनाना है। इसके लिए विद्यालयों में पढ़ाई का स्तर लगातार बेहतर होना चाहिए।
उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे विद्यार्थियों के साथ संवाद बढ़ाएं, उनकी शंकाओं का समाधान करें और उन्हें रुचिकर तरीके से पढ़ाएं, ताकि बच्चों में सीखने के प्रति उत्साह बना रहे। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षण वातावरण ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला है।
विद्यालय परिसर की स्वच्छता व्यवस्था का भी लिया जायजा
शैक्षणिक व्यवस्था के साथ-साथ जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर की साफ-सफाई का भी निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर, कक्षाओं तथा अन्य स्थानों की स्वच्छता व्यवस्था का अवलोकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। विद्यालय परिसर को हमेशा साफ-सुथरा रखने के लिए नियमित निगरानी और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं की भी की समीक्षा
विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का भी जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, प्रारंभिक शिक्षा, पोषण व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिया कि छोटे बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं शासन की मंशा के अनुरूप संचालित की जाएं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक अवस्था में मिलने वाली बेहतर शिक्षा और पोषण बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं।
विद्यालय में छह शिक्षक और दो शिक्षामित्र हैं तैनात
निरीक्षण के समय विद्यालय में कुल छह शिक्षक एवं दो शिक्षामित्र कार्यरत पाए गए। इनमें से एक शिक्षामित्र अनुपस्थित मिला, जबकि अन्य शिक्षक विद्यालय में मौजूद थे और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे। जिलाधिकारी ने सभी शिक्षकों को समयबद्ध, अनुशासित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य करने के निर्देश दिए।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर प्रशासन गंभीर
जिलाधिकारी के इस औचक निरीक्षण को जिले में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लगातार हो रहे निरीक्षणों से विद्यालयों में अनुशासन, जवाबदेही और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
प्रशासन का मानना है कि नियमित निरीक्षण से विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति बेहतर होगी, विद्यार्थियों की पढ़ाई का स्तर सुधरेगा तथा शासन की शिक्षा संबंधी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा। जिलाधिकारी ने दोहराया कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।









