विश्व पर्यावरण दिवस पर गूंजा हरियाली का संदेश: पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी जरूरी – सभाकुंवर कुशवाहा
इरफान अली लारी की रिपोर्ट
देवरिया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भाटपार रानी विधानसभा क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ग्राम करही भुवन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के तहत वृक्षारोपण किया गया, लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया और प्रकृति के संरक्षण का सामूहिक संकल्प भी दिलाया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना था कि पर्यावरण केवल सरकारों या संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह प्रकृति की रक्षा में अपना योगदान दे। इस अवसर पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए और उनकी नियमित देखभाल का संकल्प लिया गया।
पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाटपार रानी विधायक सभाकुंवर कुशवाहा ने कहा कि वर्तमान समय में पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण केवल एक अभियान नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार है।
उन्होंने कहा कि यदि हम आज पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को नहीं समझेंगे तो आने वाले वर्षों में जल संकट, वायु प्रदूषण और प्राकृतिक आपदाओं की समस्याएं और अधिक गंभीर हो सकती हैं। इसलिए समाज के प्रत्येक वर्ग को पर्यावरण बचाने के लिए आगे आना होगा। विधायक ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल भी करनी चाहिए। केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
पौधरोपण सबसे प्रभावी पर्यावरणीय उपाय
अपने संबोधन में सभाकुंवर कुशवाहा ने कहा कि वृक्षारोपण पर्यावरण संरक्षण का सबसे सरल, सुलभ और प्रभावी माध्यम है। पेड़-पौधे न केवल वातावरण को स्वच्छ बनाते हैं बल्कि पृथ्वी पर जीवन के संतुलन को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने बताया कि वृक्ष हमें शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं। बढ़ते औद्योगीकरण और शहरीकरण के कारण पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो रहा है, जिसे पुनः स्थापित करने के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण की आवश्यकता है। विधायक ने कहा कि पेड़-पौधे धरती के तापमान को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं। जहां हरियाली अधिक होती है, वहां गर्मी का प्रभाव अपेक्षाकृत कम महसूस होता है। इसके अलावा वृक्ष वर्षा चक्र को संतुलित रखने और भूजल स्तर को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जल संरक्षण और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली पर जोर
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जल संरक्षण पर भी विशेष बल दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि जल और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि जल स्रोत सुरक्षित रहेंगे तो पर्यावरण भी संतुलित रहेगा। लोगों को वर्षा जल संचयन, जल की बर्बादी रोकने और प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही प्लास्टिक के अत्यधिक उपयोग से होने वाले नुकसान के बारे में भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया गया। उन्हें बताया गया कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर भी पर्यावरण संरक्षण में बड़ा योगदान दिया जा सकता है। जैसे कि प्लास्टिक की जगह कपड़े के थैले का उपयोग करना, पानी और बिजली की बचत करना तथा अधिक से अधिक हरियाली बढ़ाने का प्रयास करना।
नागरिकों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। उन्होंने संकल्प व्यक्त किया कि वे अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखेंगे, पौधरोपण करेंगे और प्रकृति के संरक्षण के लिए लगातार प्रयास करते रहेंगे।
कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि स्वच्छ और हरित वातावरण केवल सरकार के प्रयासों से नहीं बन सकता, बल्कि इसके लिए जनसहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है। जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी को समझेगा, तभी स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य का निर्माण संभव हो सकेगा।
प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस आयोजन ने लोगों को प्रकृति और पर्यावरण के महत्व को समझने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण कोई एक दिन का अभियान नहीं बल्कि जीवनभर निभाई जाने वाली जिम्मेदारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वर्तमान पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण के प्रति गंभीर नहीं हुई तो भविष्य में प्राकृतिक संसाधनों का संकट और गहरा सकता है। इसलिए वृक्षारोपण, जल संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण जैसे प्रयासों को जनआंदोलन का रूप देने की आवश्यकता है।
ग्राम करही भुवन में आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। स्थानीय लोगों ने भी इस अभियान की सराहना करते हुए भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा मंडल अध्यक्ष विशंभर पांडेय ने की जबकि संचालन आनंद पियूष उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर हरिकेश कुशवाहा, ग्राम प्रधान ललन यादव, पंचानन गिरी, अमित शाही, उमेश तिवारी, हृदयानंद गुप्ता, विनय गुप्ता, रफी अहमद, चन्द्रेश्वर प्रसाद, धीरज गुप्ता, रीतुराज गुप्ता, आदित्य शाही सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।








