चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के देवीपाटन विद्युत वितरण क्षेत्र में बकाया बिजली बिलों की वसूली और बिजली चोरी पर शिकंजा कसने के लिए विभाग ने व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती में करीब 11 लाख बिजली उपभोक्ता विभाग के रडार पर हैं। मुख्य अभियंता के निर्देश पर गठित 263 टीमें घर-घर पहुंचकर बकायेदारों को नोटिस दे रही हैं और मौके पर ही बकाया राशि जमा कराने का प्रयास किया जा रहा है।
अभियान का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से बिजली बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं से राजस्व वसूली करना, बिजली चोरी पर रोक लगाना और अधिक लाइन लॉस वाले फीडरों की स्थिति में सुधार करना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नोटिस के बाद भी भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जा सकते हैं।
देवीपाटन जोन में 14.46 लाख उपभोक्ता, लाखों पर बकाया
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक देवीपाटन जोन के चार जिलों में कुल 14.46 लाख बिजली उपभोक्ता दर्ज हैं। इनमें 4,61,499 उपभोक्ता ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जिन्होंने कनेक्शन लेने के बाद अब तक एक बार भी बिजली बिल जमा नहीं किया है। इन्हें विभागीय रिकॉर्ड में ‘नेवर पेड’ श्रेणी में रखा गया है।
इसके अलावा 6,46,065 उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्होंने छह महीने से अधिक समय से अपना बिजली बिल जमा नहीं किया है। इन्हें ‘लॉन्ग अनपेड’ श्रेणी में चिह्नित किया गया है। विभाग का अभियान मुख्य रूप से ऐसे ही उपभोक्ताओं पर केंद्रित है।
मुख्य अभियंता ने संबंधित अधिकारियों और टीमों को निर्देश दिया है कि उपभोक्ताओं से संपर्क कर बकाया बिलों की जानकारी दी जाए और निर्धारित प्रक्रिया के तहत भुगतान सुनिश्चित कराया जाए।
एक दिन में 2403 नोटिस, 1.57 करोड़ रुपये की वसूली
अभियान के तहत गुरुवार को देवीपाटन जोन के चार जिलों में 2403 उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए गए। इस दौरान विभाग ने कुल करीब 1.57 करोड़ रुपये की बकाया राशि वसूल की।
गोंडा जिले में 756 उपभोक्ताओं को नोटिस दिए गए और 41.60 लाख रुपये की वसूली हुई। बहराइच में 710 उपभोक्ताओं को नोटिस देकर 63.16 लाख रुपये जमा कराए गए। वहीं बलरामपुर और श्रावस्ती में संयुक्त रूप से 937 उपभोक्ताओं को नोटिस दिए गए तथा 53.17 लाख रुपये की वसूली की गई।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे समय से बिजली बिल जमा करें, ताकि कनेक्शन विच्छेदन जैसी कार्रवाई से बचा जा सके।
अधिक लाइन लॉस वाले फीडरों पर विशेष निगरानी
बिजली बिलों की वसूली के साथ-साथ विभाग ने उन इलाकों पर भी निगरानी बढ़ा दी है, जहां बिजली की आपूर्ति और राजस्व वसूली के बीच बड़ा अंतर सामने आ रहा है। विभाग ने अत्यधिक लाइन लॉस वाले फीडरों को चिह्नित कर वहां विशेष टीमें लगाई हैं।
उमरी, खरगू, चांदपुर, शिवपुरा, चरसरी, चौधरीडीह और रहवा जैसे फीडरों को लेकर विभाग ने विशेष कार्रवाई शुरू की है। इन क्षेत्रों में लाइन लॉस 50 से 73 प्रतिशत तक बताया गया है, जबकि राजस्व वसूली कई स्थानों पर केवल 5 से 10 प्रतिशत के आसपास है।
सबसे गंभीर स्थिति 11 केवी शिवपुरा फीडर की बताई गई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार यहां 63.70 लाख यूनिट बिजली जारी किए जाने के मुकाबले वसूली मात्र 28.56 प्रतिशत रही। उमरी फीडर पर 31.25 लाख यूनिट बिजली जारी होने के बावजूद राजस्व वसूली केवल 11.31 प्रतिशत रही और लाइन लॉस 58.90 प्रतिशत दर्ज किया गया। इस फीडर पर 1219 ऐसे उपभोक्ता भी मिले हैं, जिन्होंने अब तक बिजली बिल जमा नहीं किया है।
1720 कनेक्शन काटे, 63 मामलों में मुकदमे की कार्रवाई
बकाया वसूली के अभियान के दौरान विभाग ने कनेक्शन विच्छेदन की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक 15 दिन पहले नोटिस दिए जाने के बावजूद बिजली बिल जमा नहीं करने वाले 1720 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए हैं।
इसके अलावा चेकिंग के दौरान बिजली चोरी करते पाए गए 63 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। विभाग ने साफ किया है कि बिजली चोरी अथवा बिना वैध अनुमति के बिजली का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गांव और कस्बों में डोर-टू-डोर कॉम्बिंग
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों के अंतर्गत आने वाले कई इलाकों में अवर अभियंता और विभागीय टीमें डोर-टू-डोर कॉम्बिंग कर रही हैं। चितावर, जगदेईपुर, जमदरा, भवानीपुर, गजाधरपुर, अहरौला रोड, धानेपुर, सिसई बाजार, परसपुर, कौड़िया, रामापुर और गंगरौली समेत कई क्षेत्रों में बकायेदारों की जांच की जा रही है।
अत्यधिक बकाया वाले उपभोक्ताओं को विच्छेदन नोटिस दिए जा रहे हैं। वहीं ऐसे कनेक्शनों की भी जांच की जा रही है, जहां बिजली की खपत और बिल भुगतान के आंकड़ों में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।
विभाग का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल कनेक्शन काटना नहीं, बल्कि राजस्व व्यवस्था को मजबूत करना और बिजली चोरी तथा लाइन लॉस को नियंत्रित करना है। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने लंबित बिजली बिलों का भुगतान समय से करें।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि नोटिस के बाद भी भुगतान नहीं करने अथवा कटिया डालकर बिजली का इस्तेमाल करने की स्थिति में नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और बकाया राशि की वसूली निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी।
























