रिपोर्ट:अंजनी कुमार त्रिपाठी
झांसी। उत्तर प्रदेश के माफिया रह रहे अतीक अहमद का परिवार एक बार फिर पार्टी में शामिल हो गया है। इस बार कोई गैंगवार, पुलिस कार्रवाई या अदालत का फैसला नहीं, बल्कि एक सड़क दुर्घटना हुई है। इस हादसे में अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान की मौत हो गई। इससे पहले साल 2023 में अतीक के बड़े बेटे असद अहमद के पुलिस समर्थक भी शामिल हुए थे। वहीं अतीक का दूसरा बेटा अली अहमद पिछले साल जुए जेल में बंद है। इन घटनाओं के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों तक एक ही चर्चा है कि आखिर शख्स अतीक अहमद के परिवार के लिए बार-बार दुख और त्रासदी का केंद्र क्यों बन रहा है।
अबान की मौत के बाद एक बार फिर से भाई चल रही अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन को लेकर भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या पति अतीक और बेटे असद की मौत के बाद सामने नहीं आने वाली शाइस्ता इस बार अपने बेटे के अंतिम संस्कार में शामिल होंगी या नहीं। हालाँकि इस संबंध में कोई भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं है और पुलिस भी शाइस्ता की तलाश में लगातार सक्रिय है।
झांसी में दर्दनाक सड़क हादसे में गई अबान की जान
जानकारी के अनुसार, कानपुर-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर खिल्ली गांव के पास एक तेज तर्रार क्रेटा कार की टूटी फूटी दीवार दिखाई दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
मृतकों में एक की पहचान अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान के रूप में हुई। सूचना सूचना ही पुलिस विभाग क्षेत्रीय एवं स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू। मृतकों को अस्पताल भेजा गया, जबकि अन्य मृतकों की पहचान और उनके अवशेषों की जांच की जा रही है।
असद का असद भी बोर्डिंग हाउस में हुआ था
अबान की मौत ने लोगों को साल 2023 की उस घटना की याद दिला दी, जब अतीक अहमद के बड़े बेटे असद अहमद ने उत्तर प्रदेश के लुटेरों को प्लोइन में आराम से मारा था।
24 फरवरी 2023 को असद अहमद पुलिस की सबसे उग्र सूची में शामिल किया गया था। पुलिस की तलाश में एसआईटी और अन्य प्रतीकों के आधार पर कॉन्स्टेबल कर रही थी।
जाँच-पड़ताल के अनुसार असद कॉन्स्टेंट की इच्छा बदल रही थी। इसी दौरान उनका अध्ययन क्षेत्र में होने की सूचना मिली। पुलिस और गैजेट ने पीछा किया तो डकैती हुई। पुलिस का कहना था कि असद और उसके साथी गुलाम ने गोलियों की बौछार कर दी, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में दोनों मारे गए।
उस समय इसने पूरे देश में इसके खिलाफ समर्थन का मुद्दा बनाया था और योगी सरकार की माफियाओं की कार्रवाई का उदाहरण बड़ा माना गया था।
अतीक के बेटे अली को भी जेल में बंद कर दिया गया है
अतीक अहमद के दूसरे बेटे अली अहमद इस समय बिजनेस मंडल कारागार में बंद हैं। मिश्रित पाल हत्याकांड और रंगदारी सहित कई मामलों में मराठ अली को अक्टूबर 2025 में डॉकेल की नैनी सेंट्रल जेल से सुरक्षा उद्घाटन के निजी जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था।
जेल स्थानांतरण के बाद कई बार उसके परिजनों ने अली की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। समय-समय पर शासन और प्रशासन को पत्र लिखकर जेल में उसकी जान को खतरा होने का आरोप भी लगाया गया। हालांकि प्रशासन ने हर बार सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने का दावा किया।
अतीक परिवार और झांसी का लगातार जुड़ता संयोग
यदि घटनाक्रम पर नजर डालें तो पिछले कुछ वर्षों में झांसी का नाम अतीक अहमद के परिवार से बार-बार जुड़ता रहा है।
- बड़े बेटे असद का एनकाउंटर झांसी में हुआ।
- दूसरे बेटे अली को झांसी जेल भेजा गया।
- अब छोटे बेटे अबान की सड़क हादसे में झांसी में मौत हो गई।
इन लगातार घटनाओं के कारण आम लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं जरूर हो रही हैं। हालांकि यह महज घटनाओं का क्रम है। इनके बीच किसी विशेष कारण या संबंध की पुष्टि किसी आधिकारिक एजेंसी ने नहीं की है।
शाइस्ता परवीन को लेकर फिर शुरू हुई चर्चाएं
अबान की मौत के बाद सबसे ज्यादा चर्चा शाइस्ता परवीन को लेकर हो रही है। शाइस्ता परवीन लंबे समय से फरार चल रही है और विभिन्न मामलों में पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद भी शाइस्ता सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई थी। इसके बाद बड़े बेटे असद की मौत पर भी वह कहीं दिखाई नहीं दी। यही वजह है कि अब लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या छोटे बेटे अबान की मौत की खबर सुनकर वह सामने आएगी।
हालांकि यह पूरी तरह अटकलों का विषय है। अब तक पुलिस या परिवार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
योगी सरकार की कार्रवाई के बाद बदल गया था पूरा घटनाक्रम
उमेश पाल हत्याकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने माफिया नेटवर्क के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही थी।
इसके बाद पुलिस और एसटीएफ ने कई आरोपियों पर कार्रवाई तेज कर दी। इसी अभियान के दौरान असद अहमद का एनकाउंटर हुआ। बाद में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की प्रयागराज में पुलिस सुरक्षा के बीच गोली मारकर हत्या कर दी गई।
इन घटनाओं के बाद अतीक का आपराधिक साम्राज्य लगभग पूरी तरह बिखर गया।
परिवार की वर्तमान स्थिति
अतीक अहमद की मौत के बाद उसका परिवार लगातार मुश्किल दौर से गुजर रहा है।
- अतीक अहमद की हत्या हुई है।
- भाई अशरफ की भी हत्या हुई है।
- बड़े बेटे असद की पुलिस में हत्या कर दी गई।
- छोटा बेटा अबान सड़क दुर्घटना में जान गंवा चुका है।
- दूसरा बेटा अली ने जेल में बंद कर दिया।
- सबसे बड़ा बेटा उमर नेशनल जेल में निरुद्ध है।
- पत्नी शाइस्ता परवीन अभी भी बजरंगी बताई गई हैं।
- परिवार का चौथा बेटा अहजम जेल से बाहर है।
इन घटनाओं में कभी-कभी उत्तर प्रदेश की राजनीति और अपराध जगत में प्रभाव बनाए रखने वाले इस परिवार को पूरी तरह से बदल दिया जाता है।
पुलिस की सहभागिता शाइस्ता पर टिकी
अबान की मौत के बाद पुलिस भी पूरी तरह से सतर्क है। सुरक्षा व्यवस्था इस संभावना पर नजर रखी जा रही है कि अगर शाइस्ता परवीन का अंतिम संस्कार या किसी अन्य पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने की कोशिश की जाती है तो उसे गिरफ्तार किया जा सकता है। हालाँकि पुलिस की ओर से किसी विशेष ऑपरेशन या नई रणनीति की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
एक बार फिर से एक बार फिर से अतीक अहमद के परिवार को लेकर राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया गया है। असद के समर्थन के बाद अब छोटे बेटे अबान की मौत ने इस परिवार की मुश्किलों में एक और ढीला अध्याय जोड़ दिया है। वहीं शाइस्ता परवीन को लेकर उठ रहे सवालों के जवाब आने वाला समय ही जाएगा।
डिब्बा बंद होने की जांच में शाइस्ता परवीन की तलाश जारी है। उधर, अतीक अहमद के परिवार पर एक के बाद एक उभरती घटनाओं की वजह से लगातार कॉन्स्टेंट नजर आ रहे हैं। क्राइम जगत में कभी-कभी परमाणु हथियार रखने वाला यह परिवार अब कानूनी कार्रवाई, जेल, मौत और जेल जेल में बंद है।

























