रिपोर्ट: इरफान अली लारी
देवरिया। जनपद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सघन जांच अभियान चलाया। अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बुधवार को देवरिया की दो प्रमुख आटा मिलों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों ने उत्पादन प्रक्रिया, पैकेजिंग, लेबलिंग और खाद्य सुरक्षा मानकों का गहन परीक्षण किया। जांच के दौरान कुछ आवश्यक मानकों का पालन न किए जाने पर दोनों प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया गया, जबकि आटा, मैदा और सूजी के नमूने प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेज दिए गए हैं।
उच्च अधिकारियों के निर्देश पर चला विशेष अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश तथा जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में की गई। विभाग का उद्देश्य बाजार में बिक रहे खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं तक सुरक्षित एवं मानक अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
अधिकारियों का कहना है कि समय-समय पर ऐसे निरीक्षण किए जाते रहेंगे ताकि खाद्य पदार्थों में किसी प्रकार की मिलावट, गुणवत्ता में कमी अथवा नियमों के उल्लंघन की स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
दो आटा मिलों का किया गया औचक निरीक्षण
निरीक्षण अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम सबसे पहले पहाड़पुर स्थित श्री गणपति रोलर फ्लोर मिल पहुंची। इसके बाद टीम ने पुरवा क्षेत्र में संचालित प्रकाश ट्रेडर्स फ्लोर मिल का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने दोनों प्रतिष्ठानों में उत्पादन इकाई, भंडारण व्यवस्था, पैकिंग सामग्री और तैयार उत्पादों की जांच की।
निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि उत्पादों पर उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक जानकारी निर्धारित मानकों के अनुसार अंकित की गई है या नहीं। जांच में लेबलिंग संबंधी कुछ अनियमितताएं सामने आने पर विभाग ने दोनों प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
आटा, मैदा और सूजी के लिए गए नमूने
कार्रवाई के दौरान विभागीय टीम ने दोनों आटा मिलों से आटा, मैदा एवं सूजी के कुल तीन नमूने संग्रहित किए। इन नमूनों को विधिवत सीलबंद कर परीक्षण के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
प्रयोगशाला में इन नमूनों की गुणवत्ता, शुद्धता तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के निर्धारित मानकों के अनुरूप जांच की जाएगी। यदि जांच रिपोर्ट में किसी प्रकार की गड़बड़ी या मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लेबलिंग नियमों का पालन करना अनिवार्य
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी पैक्ड खाद्य पदार्थ पर उत्पाद का नाम, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, बैच नंबर, शुद्ध मात्रा, निर्माता का विवरण, पोषण संबंधी जानकारी तथा अन्य आवश्यक सूचनाएं स्पष्ट रूप से अंकित होना अनिवार्य है।
इन जानकारियों का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराना और उत्पाद की गुणवत्ता के प्रति पारदर्शिता बनाए रखना है। यदि कोई प्रतिष्ठान निर्धारित लेबलिंग नियमों का पालन नहीं करता है तो उसे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
सहायक आयुक्त के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
यह संपूर्ण अभियान सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय हितेंद्र मोहन त्रिपाठी के नेतृत्व में संचालित किया गया। उनके साथ खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान संबंधित प्रतिष्ठानों के संचालकों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करने तथा उपभोक्ताओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अभियान आगे भी रहेगा जारी
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कहा है कि जनपद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा। बाजार में बिकने वाले खाद्य उत्पादों की नियमित जांच कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित, स्वच्छ और मानक अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध हो।
विभाग ने खाद्य कारोबारियों से भी अपील की है कि वे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के सभी नियमों का पालन करें, उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखें और पैकेजिंग व लेबलिंग संबंधी सभी आवश्यक मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन करें। इससे उपभोक्ताओं का विश्वास भी मजबूत होगा और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था अधिक प्रभावी बन सकेगी।
जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी भी नमूने में निर्धारित मानकों से विचलन पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

























